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ग्वालियर HC में अंबेडकर प्रतिमा विवाद राजस्थान-दिल्ली-हरियाणा पहुंचा:भीम सेना की जयपुर हाईकोर्ट से ऋषि मनु की मूर्ति हटाने की चेतावनी, दोनों पक्ष बना रहे रणनीति

ग्वालियर हाईकोर्ट में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक पहुंच चुका है। खासकर जब से भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर इस मुद्दे में कूदे हैं, तब से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। भीम सेना ने सरकारों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा नहीं लगाई गई, तो जयपुर हाईकोर्ट में लगी मनु ऋषि की प्रतिमा को हटाने के लिए आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बयान के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और एमपी की इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद? पूरा मामला 19 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था, जब ग्वालियर हाईकोर्ट में कुछ अधिवक्ताओं ने चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग की थी। मौखिक सहमति के बाद पीडब्ल्यूडी ने प्लेटफार्म भी तैयार करा दिया और वकीलों ने आपसी सहयोग से मूर्ति बनवाने का ऑर्डर दे दिया। लेकिन बाद में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया कि उन्हें न तो सूचना दी गई, न ही बिल्डिंग कमेटी से इजाजत ली गई। इसके बाद विवाद बढ़ता गया और मामला जातिगत खेमों में बंट गया—एक ओर एससी-एसटी वर्ग के वकील, दूसरी ओर सनातन परंपरा से जुड़े अधिवक्ता। सोशल मीडिया पर पोस्टर वार, चेतावनी से खौफ भीम सेना ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्टर और वीडियो जारी कर सरकार को खुली चेतावनी दी है। अध्यक्ष सतपाल तंवर ने कहा कि “डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को रोकना संविधान और दलित समाज का अपमान है। अगर मूर्ति नहीं लगी, तो हम जयपुर में मनु की प्रतिमा को नहीं रहने देंगे।” भीम सेना की इस खुली धमकी के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एमपी सरकार ने इस मामले पर बयानबाजी से बचने की हिदायत दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 14 मई को भड़का विवाद, अब सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी 14 मई को मूर्ति स्थापना के दिन जब वकीलों का एक पक्ष कोर्ट परिसर में मूर्ति स्थापित करने पहुंचा, तो बार एसोसिएशन ने विरोध करते हुए विवाद को नया मोड़ दे दिया। देखते ही देखते यह मामला जातिगत टकराव में बदल गया। अब दोनों पक्ष लगातार बैठकें कर रहे हैं। 19 मई को दोनों पक्षों ने जबलपुर में चीफ जस्टिस से मुलाकात की थी, जिसमें उन्हें फिलहाल माहौल शांत रखने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, वकीलों के बीच इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। क्या बोले सतपाल तंवर? गुरुग्राम में मीडिया से बातचीत करते हुए सतपाल तंवर ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने इस देश के संविधान को बनाया और करोड़ों शोषितों को सम्मान दिया। ऐसे में उनकी प्रतिमा को रोकना सरासर गलत है। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सड़कों पर उतरेंगे। ये सिर्फ मूर्ति की बात नहीं, हमारे सम्मान और अधिकार की बात है।” 👉 देशहरपाल(deshharpal.com)की अपील: यह मामला संविधान, न्याय और सामाजिक समरसता से जुड़ा है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें और विवाद को बातचीत से सुलझाएं।
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पूर्व विधायक के एटीएम का क्लोन बनाया, 6.83 लाख उड़ाए:भोपाल में 54 ट्रांजेक्शन कर जालसाजों ने निकाली रकम, जांच शुरू

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में रहने वाले पूर्व विधायक रामकिशन चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर 6 लाख 83 हजार रुपए उड़ा लिए गए। यह मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामकिशन चौहान, जो कभी भोजपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, को 5 मई को 92 रुपए की ट्रांजेक्शन का एसएमएस मिला। शक होने पर उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकाली, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 2 फरवरी से 1 मई के बीच उनके खाते से 54 बार ट्रांजेक्शन कर कुल 6.83 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इस फर्जीवाड़े को लेकर उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए बुधवार को केस दर्ज कर लिया गया। बूथ से क्लोनिंग कर रची गई साजिश(deshharpal.com) पुलिस जांच में पता चला है कि फरवरी में रामकिशन चौहान ने अरेरा कॉलोनी के एक एटीएम से पैसे निकाले थे। संभावना जताई जा रही है कि उसी दौरान उनका एटीएम कार्ड स्किमिंग डिवाइस के ज़रिए क्लोन कर लिया गया। इसके बाद फर्जी कार्ड से बार-बार ट्रांजेक्शन कर यह साइबर ठगी की गई। अब पुलिस एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है और साइबर टीम इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पीछे छिपे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। 👉 आम जनता से अपील है कि एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
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Naxalite Encounter

छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़ (Naxalite Encounter): अबूझमाड़ में 27 नक्सली ढेर, बसवराज समेत टॉप लीडर्स का खात्मा

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। 21 मई 2025 को हुई भीषण मुठभेड़ (Naxalite Encounter in Chhattisgarh) में 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें माओवादी संगठन के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज भी शामिल हैं। बसवराज पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था और वह पार्टी की पोलित ब्यूरो का सदस्य था। इंटेलिजेंस इनपुट पर शुरू हुआ ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि बसवराज अबूझमाड़ के बोटेर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर Naxalite Encounter सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें भारी गोलीबारी के दौरान माओवादी कैंप पर बड़ी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया और बड़ी संख्या में AK-47 राइफलें, विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद किए। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट से टूटा नक्सल नेटवर्क इससे पहले अप्रैल-मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट (Operation Black Forest) के तहत भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। यह 21 दिन तक चला ऑपरेशन था, जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कर्रगुट्टालु पहाड़ियों में चला। इसमें 31 नक्सली मारे गए, जिनमें 16 महिला नक्सली भी थीं। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों की केंद्रीय कमान को गहरा झटका दिया। सरकार का मिशन: 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को मल्टी-सर्विस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली और रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Three Language Formula

Three Language Formula विवाद: तमिलनाडु और केंद्र सरकार में टकराव, MK Stalin बोले – सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में प्रस्तावित Three Language Formula को लागू न करने पर केंद्र सरकार ने तमिलनाडु की शिक्षा योजनाओं के लिए फंड रोक दिया है। इस पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र पर “छोटी राजनीति” करने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे इस मामले को Supreme Court में चुनौती देंगे। क्या है Three Language Formula विवाद? NEP 2020 के तहत केंद्र सरकार छात्रों को तीन भाषाएँ सीखने की सिफारिश करती है – जिसमें दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी/अन्य भाषा शामिल होती है। लेकिन तमिलनाडु इस नीति का कड़ा विरोध कर रहा है और राज्य में केवल Two Language Policy (तमिल और अंग्रेज़ी) को ही मान्यता देता है। तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने Samagra Shiksha Yojana के तहत मिलने वाले ₹2,152 करोड़ के फंड को रोक दिया है, क्योंकि राज्य तीन-भाषा फॉर्मूला को लागू नहीं कर रहा। MK Stalin का केंद्र पर हमला मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि शिक्षा एक Concurrent List का विषय है और केंद्र सरकार राज्य की स्वायत्तता में दखल दे रही है। उन्होंने कहा,“केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्र में भी राजनीति कर रही है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।” इसके साथ ही स्टालिन ने अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों से भी एकजुट होकर इस नीति के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील की है। तमिलनाडु सरकार की जवाबी तैयारी राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने विधानसभा में घोषणा की कि केंद्र द्वारा फंड रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार खुद शिक्षा के लिए फंड जारी करेगी। 2025-26 के बजट में ₹46,767 करोड़ की राशि स्कूल शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जिससे शिक्षक वेतन, इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। केंद्र सरकार की सफाई केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान में कहा कि NEP किसी भी राज्य पर कोई भाषा थोपने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Three Language Policy एक लचीला ढांचा है, न कि अनिवार्य शर्त। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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एक्सीडेंट में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेंगे 25000:डॉ. मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला; मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो, दतिया-सतना एयरपोर्ट का लोकार्पण

मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वालों को अब सरकार इनाम देगी। यदि कोई व्यक्ति एक्सीडेंट के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, तो उसे 25,000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस योजना का नाम “राहवीर योजना” रखा गया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में हुई कैबिनेट बैठक में की गई। कैसे मिलेगा इनाम? बैठक से जुड़े अन्य बड़े फैसले कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। ऐतिहासिक माहौल में हुई बैठक(deshharpal.com) बैठक इंदौर के राजवाड़ा के गणेश हॉल में आयोजित हुई। खास बात ये रही कि हॉल में देवी अहिल्या की मूर्ति को मुख्यमंत्री से आगे रखा गया। सीएम ने मूर्ति के सामने पुष्प अर्पित कर नमन किया।मुख्यमंत्री और कुछ मंत्री धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहनकर पहुंचे। सुरक्षा के चलते मंत्रियों के साथ आए OSD और अधिकारियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिला। हालांकि, अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए मंत्री विजय शाह इस बैठक से अनुपस्थित रहे।
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अरपा नदी से अवैध रेत खनन का मामला:बिलासपुर में रिवर व्यू रोड के नाम पर f से रेत निकाली; 60 करोड़ बढ़ी लागत

बिलासपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरपा नदी इस वक्त संकट में है। रिवर व्यू रोड बनाने के नाम पर नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन किया जा रहा है। पेंड्रा के अमरपुर से लेकर बिलासपुर तक नदी पहले ही सूखी हुई है, और अब इस पर मानो दोहरी मार पड़ रही है। 160 करोड़ का बना 100 करोड़ का प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 100 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी। लेकिन काम में देरी और अन्य वजहों से अब यह लागत 160 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रिवर व्यू रोड के निर्माण का ठेका मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। नदी के एक किनारे पर 2000 मीटर और दूसरी ओर 1800 मीटर लंबी सड़क बननी है। अवैध रेत खनन के आरोप ठेकेदार कंपनी पर सिल्ट हटाने की आड़ में अवैध रेत खनन का गंभीर आरोप है। नगर निगम ने सड़क निर्माण के लिए नदी की तलहटी से सिल्ट हटाने को कहा था, ताकि भराई हो सके। लेकिन मौके पर बिना नियंत्रण खुदाई की जा रही है, जिससे नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। क्या कहता है नगर निगम? (deshharpal.com) नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी के मुताबिक, ठेकेदार को केवल जलभराव रोकने के लिए सिल्ट हटाने और जमीन समतल करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने ये भी कहा कि ठेकेदार को रेत निकालने की अनुमति है, लेकिन निकाली गई रेत की रॉयल्टी खनिज विभाग को देना अनिवार्य है।
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निगम के रिटायर्ड इंजीनियर अंतरसिंह की मुश्किलें बढ़ी:EOW ने शुरू की जांच; बेटे को परमिशन फाइलों से फायदा देने का आरोप

खंडवा नगर निगम के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री (इंजीनियर) अंतरसिंह तंवर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। एक पुराने मामले में विभागीय जांच के बाद अब EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने भी केस दर्ज कर लिया है। यह शिकायत पहले नगर निगम स्तर पर की गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है। अब इसी आधार पर भोपाल EOW में केस दर्ज होने के बाद इंदौर ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? आरोप है कि नगर निगम में कार्यरत रहने के दौरान अंतरसिंह तंवर ने अपने बेटे साई चंद्र सिंह जो कि एक आर्किटेक्ट हैं, को भवन निर्माण की परमिशन दिलाने में पद का दुरुपयोग किया। इस मामले में EOW इंदौर के इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने खंडवा नगर निगम कमिश्नर को नोटिस भेजकर एक सप्ताह (यानी 26 मई तक) में पूरी जानकारी भेजने को कहा है। ईओडब्ल्यू ने इन पांच बिंदुओं पर मांगी जानकारी: पहले भी हुई थी शिकायत(deshharpal.com) चार महीने पहले इसी मामले की शिकायत इंदौर स्थित नगरीय प्रशासन विभाग के संभागीय कार्यालय में हुई थी। इसके बाद खंडवा नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को जांच के निर्देश दिए गए थे। कमिश्नर के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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TMC

अभिषेक बनर्जी होंगे TMC के प्रतिनिधि | TMC-Centre टकराव पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All-Party Delegation) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से लोकसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। यह फैसला केंद्र सरकार और TMC के बीच हालिया तनावपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया। केंद्र की ‘बिना सलाह’ पर आपत्ति जताई TMC ने केंद्र सरकार ने TMC सांसद यूसुफ पठान को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया था, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता ने कहा, “अगर किसी पार्टी का प्रतिनिधित्व करना है तो उस पार्टी के नेतृत्व से पहले बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ उनके सांसदों से।” उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक शिष्टाचार का पालन नहीं कर रही और बिना परामर्श के निर्णय ले रही है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है। अभिषेक बनर्जी का स्पष्ट संदेश अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार के रुख का समर्थन करती है। लेकिन किसी भी फैसले में पार्टी को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है।” उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे प्रतिनिधिमंडल में सेना के जवानों, वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों के परिवारों, या सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी शामिल किया जाए। TMC का रुख: राष्ट्रहित पहले, राजनीति बाद में TMC ने दो टूक कहा है कि वह हर उस कदम में केंद्र का साथ देगी जो देश की सुरक्षा और एकता के लिए उठाया गया हो, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी राजनीतिक दलों को निर्णय प्रक्रिया में समान सम्मान और भागीदारी मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore Sarafa Bazaar, CM Mohan Yadav Indore Visit,

CM Mohan Yadav Indore Visit: CM Mohan Yadav ने कैबिनेट के साथ उठाया इंदौर के स्वाद का लुत्फ

इंदौर (देश हरपल):CM Mohan Yadav Indore Visit- मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध इंदौर का सर्राफा बाजार केवल गहनों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की रातों में जगमगाने वाली स्ट्रीट फूड गलियों के लिए भी देशभर में जाना जाता है। इसी स्वाद और संस्कार को करीब से महसूस करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट टीम के साथ। मुख्यमंत्री का इंदौर दौरा प्रशासनिक था, लेकिन सर्राफा बाजार की ओर उनका रुख इस दौरे को खास बना गया। जैसे ही उन्होंने बाजार में प्रवेश किया, वहां की रात्रिकालीन चहल-पहल, तेज मसालों की खुशबू, और लोकप्रिय व्यंजन जैसे गराडू, जोशी डही बड़े, भुट्टे का किस, मालपुए, और रबड़ी का स्वाद सभी मंत्रियों ने बड़े चाव से लिया। सीएम मोहन यादव ने कहा, “इंदौर केवल सफाई के लिए ही नहीं, अपने विशिष्ट स्वाद और अतिथ्य परंपरा के लिए भी राष्ट्रीय पहचान रखता है। यहां आकर हर बार कुछ नया अनुभव होता है।” इस अवसर पर शहरवासियों और व्यापारियों ने भी मुख्यमंत्री और मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने सेल्फी और बातचीत का अवसर भी पाया। सर्राफा के दुकानदारों ने बताया कि इससे न सिर्फ बाजार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में स्थानीय खानपान संस्कृति को नई पहचान भी मिलती है। इंदौर की यह यात्रा न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है , बल्कि Madhya Pradesh Cabinet के लिए इंदौर टूरिज्म, स्ट्रीट फूड कल्चर, और जनता से जुड़ाव की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी बनकर उभरी।
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ठेके पर पंचायत, एग्रीमेंट कराने वाले पंच पर FIR:गुना में विकास कार्यों की राशि का 5% कमीशन सरपंच को देना था; चुनावी कर्ज का दबाव

जिले की करोंद ग्राम पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंचायत के पूरे कामकाज को एक पंच के हवाले कर दिया गया। हैरानी की बात ये है कि यह सौदा बाकायदा 100 रुपए के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट करके किया गया था। अब इस मामले में पंच रणवीर सिंह कुशवाह पर धोखाधड़ी की धाराओं में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सरपंच ने पंच को सौंपा पंचायत संचालन, 20 लाख के बदले हुआ एग्रीमेंट जनपद पंचायत गुना को शिकायत मिली थी कि करोंद पंचायत की सरपंच लक्ष्मीबाई ने अपना पूरा अधिकार एक पंच को सौंप दिया है। जांच में यह बात सच निकली कि सरपंच ने रणवीर सिंह कुशवाह नामक व्यक्ति के साथ एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत पंचायत संचालन की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई थी। एग्रीमेंट में यह भी लिखा गया है कि पंचायत चुनाव में सरपंच और उनके पति ने एक अन्य व्यक्ति हेमराज सिंह से 20 लाख रुपए नगद लिए थे। गारंटी के तौर पर उन्होंने अपने बैंक खातों के चेक दिए थे और पूरा काम पंच रणवीर सिंह को सौंप दिया था। एग्रीमेंट में साफ लिखा गया कि पंचायत के कार्यों की देखरेख, निर्माण की मंजूरी, और भुगतान की जिम्मेदारी रणवीर सिंह की होगी। क्या लिखा था विवादित एग्रीमेंट में? इस एग्रीमेंट में सरपंच लक्ष्मीबाई ने लिखा कि पंचायत कार्यों की जानकारी न होने की वजह से वह रणवीर सिंह को सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त कर रही हैं। वह निर्माण कार्यों की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे और पंचायत में फाइल जमा करेंगे। एग्रीमेंट के अनुसार: जनपद पंचायत की जांच के बाद दर्ज हुआ केस जांच पूरी होने के बाद जनपद पंचायत गुना के समन्वयक सुनील कुमार खालको ने इस पूरे मामले में कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके आधार पर पुलिस ने रणवीर सिंह कुशवाह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। 🔴 बड़ा सवाल:क्या एक चुनी हुई जनप्रतिनिधि इस तरह अपने संवैधानिक अधिकारों को किसी और को सौंप सकती है? क्या पंचायतें सौदेबाज़ी का अड्डा बनती जा रही हैं? 📌 Deshharpal (deshharpal.com) अपील करता है:लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की ज़िम्मेदारी सबसे अहम होती है। ऐसे मामलों की पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई ज़रूरी है ताकि ग्राम पंचायतों की गरिमा बनी रहे।
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Jitendra Singh

Jitendra Singh on Student Protest: सरकार ने खोले बातचीत के दरवाजे, लेकिन Students अपनी मांगों पर कायम

छात्र आंदोलन को लेकर राजधानी में हलचल लगातार बनी हुई है। केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र जिस जगह चाहेंगे, सरकार वहां बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अब भी मजबूती से कायम हैं और ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने छात्रों के मुद्दों को लेकर कहा कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। उनका कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि छात्रों की चिंताओं को समझकर उचित रास्ता निकाला जाए और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। मंत्री के इस बयान के बाद बातचीत की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से आंदोलन खत्म करने का कोई संकेत नहीं मिला है। Students Protest: अपनी मांगों पर कायम प्रदर्शनकारी दूसरी ओर छात्र संगठनों का कहना है कि केवल बातचीत का प्रस्ताव काफी नहीं है। छात्रों की मांग है कि उनकी समस्याओं पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से अपनी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था की मांग को लेकर है। इसी वजह से वे अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल छात्र प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से लगातार यही संदेश दिया जा रहा है कि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए दरवाजे खुले हैं। अब बातचीत पर टिकी सभी की नजरें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और क्या इससे कोई सहमति बन पाएगी। एक तरफ सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत ही तय करेगी कि यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। फिलहाल छात्र प्रदर्शन और सरकार के रुख पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
पेपर लीक

Bihar to Haryana Protest: पेपर लीक मुद्दे पर बड़ा आंदोलन, कटिहार में बवाल और Gurugram में Congress का शक्ति प्रदर्शन

देश में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार के कटिहार से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष परीक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की। कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। वहीं गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी। देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज बिहार के कटिहार में पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से ईंट-पत्थर चलने की भी खबर सामने आई। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं। उनका मानना है कि एक परीक्षा में गड़बड़ी का असर युवाओं के करियर और भविष्य पर पड़ता है। बिहार में छात्रों का आंदोलन हुआ तेज पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बिहार के कई इलाकों में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और पेपर लीक में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। युवाओं का कहना है कि बार-बार परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण उनका समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। Gurugram में Congress का प्रदर्शन, पुलिस से हुई बहस हरियाणा के गुरुग्राम में भी पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया। Paper Leak Issue बना युवाओं का बड़ा मुद्दा पेपर लीक का मामला अब देशभर में युवाओं के बीच बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाए। युवाओं का कहना है कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं बल्कि उनके सपनों और करियर से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेपर लीक को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं का भरोसा वापस जीतना है। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई करने जैसे कदमों से ही छात्रों का विश्वास कायम किया जा सकता है। फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं और युवाओं की नजर सरकार के अगले कदमों पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Rally: गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- आस्था और युवाओं से खिलवाड़ करने वालों के उपदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की आस्था, युवाओं और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे, आज वही लोग सलाह और उपदेश दे रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने हमेशा जनता की भावनाओं, संस्कृति और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं, किसानों सहित हर वर्ग के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आस्था के सम्मान और विकास को लेकर CM Yogi का बड़ा बयान गोरखपुर की सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का सम्मान किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले इन मुद्दों को नजरअंदाज किया, उन्हें अब जनता के हितों की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नए अवसरों और बेहतर सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है। Youth और Farmers को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार के काम गिनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। वहीं किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। Opposition पर CM Yogi का सीधा वार सीएम योगी ने कहा कि जनता अब सिर्फ नारों और वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम और परिणाम को देखती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों का अतीत जनता के सामने है, उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। Gorakhpur में दिखा राजनीतिक असर गोरखपुर में हुई इस सभा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष को भी घेरने की कोशिश की। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। सीएम योगी का यह भाषण आस्था, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Indian Stock Market

Indian Stock Market Crash: बिकवाली के दबाव में Sensex-Nifty, Banking और Pharma Shares हुए कमजोर

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गुरुवार को निवेशकों के लिए कारोबार का दिन कुछ कमजोर रहा। Sensex करीब 450 अंक गिरकर 76,300 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के शेयरों में हुई भारी बिकवाली को अहम कारण माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में दबाव नजर आने लगा था। कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर पहुंचे शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। Banking Stocks में गिरावट से बाजार पर असर आज के कारोबार में Banking Sector के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निजी और सरकारी बैंकों के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बैंकिंग इंडेक्स में गिरावट ने बाजार की चाल को प्रभावित किया और सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बढ़ा दिया। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण गिरावट आई है। हालांकि, मजबूत फंडामेंटल वाली बैंकिंग कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों की रुचि बनी हुई है। Pharma Stocks भी दबाव में, निवेशकों ने की बिकवाली बैंकिंग के साथ-साथ Pharma Sector के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हेल्थकेयर कंपनियों के कई शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का असर सेक्टर इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सेक्टर आधारित रणनीति अपनानी चाहिए। Share Market Down होने की वजह क्या रही? शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं: इन सभी कारणों ने मिलकर घरेलू बाजार की तेजी को कमजोर किया। Investors के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट के समय घबराने की जरूरत नहीं है। निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए और बिना रिसर्च के जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट अच्छे शेयरों को बेहतर कीमत पर खरीदने का मौका दे सकती है। हालांकि, निवेश का फैसला कंपनी की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को देखकर ही लेना चाहिए। Sensex-Nifty Update: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, ग्लोबल मार्केट की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की चमक बढ़ी, भाव पहुंचा ₹1.46 लाख के पार; Silver Price में भी जबरदस्त उछाल

देश में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए आज फिर बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। Gold Price Today में सोने की कीमत ₹274 की बढ़त के साथ करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, Silver Price Today में चांदी ₹360 महंगी होकर करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में पिछले चार दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान सोना करीब ₹4,398 तक महंगा हो चुका है। बढ़ते भाव ने जहां निवेशकों को आकर्षित किया है, वहीं आम ग्राहकों के लिए गहनों की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। Gold Rate Today: लगातार मजबूत हो रहा सोने का बाजार सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। मौजूदा समय में वैश्विक बाजार में जारी हलचल और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सोने की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की बढ़ती मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और बाजार में सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की कीमतों को मजबूती दी है। यही कारण है कि भारतीय बाजार में भी सोने के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी तेज चमक सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है। आज चांदी के भाव में ₹360 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी केवल निवेश की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसके दामों को सपोर्ट मिल रहा है। 4 दिन में सोने ने लगाई बड़ी छलांग सोने के बाजार में बीते कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चार दिनों के भीतर सोने के भाव में ₹4,398 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन शादी-ब्याह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने वालों का बजट जरूर प्रभावित हो रहा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के भाव? सोना-चांदी महंगा होने के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं: क्या आगे भी बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की नजरें सोने और चांदी के अगले रुख पर बनी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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