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भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन खत्म, स्टाइपेंड 50% बढ़कर ₹21,500

भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के इंटर्न डॉक्टरों का तीन दिन से चल रहा आंदोलन बुधवार को सरकार से सहमति बनने के बाद खत्म हो गया। सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50 प्रतिशत बढ़ाकर ₹21,500 प्रतिमाह करने की मांग मान ली है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित करने के साथ ही घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डिप्टी CM से बैठक के बाद बनी सहमति बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों, जूडा (Junior Doctors Association) और एमटीए प्रतिनिधियों की डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक हुई। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने पर सहमति बनी। सरकार की ओर से मांग स्वीकार किए जाने के बाद डॉक्टरों ने कमला पार्क के पास चल रहा प्रदर्शन समाप्त कर दिया। आंदोलन खत्म होने के बाद डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए जीत का जश्न मनाया और काम पर लौटने का ऐलान किया। प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई की भी जांच आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की गई है। मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए टीम गठित की गई है। प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। हमीदिया अस्पताल में मरीजों को हुई परेशानी इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा। सामान्य दिनों में अस्पताल की ओपीडी में करीब 3 हजार मरीज पहुंचते हैं, लेकिन बुधवार को सिर्फ 1,609 पर्चे बन सके। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों को देखने के बाद ओपीडी बंद हो गई। इसके बाद करीब 1,391 मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए वापस लौट गए। आसपास के जिलों के अलावा इंदौर, सीधी और राजगढ़ से भी मरीज इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। कई मरीज पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें परामर्श नहीं मिल सका। कुछ मरीज जांच के लिए भटकते रहे, जबकि कई निराश होकर वापस लौट गए। बस और ट्रेन से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। 20 ऑपरेशन भी टाले गए हड़ताल का असर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर पर भी देखने को मिला। दोपहर 2 बजे तक 20 सर्जरी की गईं, जबकि 20 ऑपरेशन टाल दिए गए। सामान्य दिनों में भोपाल में करीब 40 ऑपरेशन किए जाते हैं। हालांकि, हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी और ICU सेवाएं जारी रहीं। हमीदिया अस्पताल की लैब में भी सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी कम रही। आंदोलन खत्म होने के बाद अब अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।
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बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त लेक्चरर पर जांच के आदेश, 2019 के ट्रांसफर आदेश का पालन नहीं करने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ की गई शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2019 में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में जॉइन नहीं किया और करीब छह साल से पुरानी शाला में ही पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता नीलकमल यादव ने मामले में जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 2019 में हुआ था तबादला शिकायत के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 अक्टूबर 2019 को स्थानांतरण आदेश जारी किया था। इसमें बिल्हा ब्लॉक के सरकंडा स्थित गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ गणित के लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा का नाम भी शामिल था। आदेश के तहत उनका तबादला तखतपुर ब्लॉक के घुटकू स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद नीलकमल यादव ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की। हाईकोर्ट में चुनौती देने का दावा शिकायत में कहा गया है कि प्रवीण कुमार मिश्रा ने ट्रांसफर आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने संबंधित शिक्षक को विभाग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने और विभाग को निर्धारित अवधि में उस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि अदालत की ओर से ट्रांसफर आदेश पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद शिक्षक ने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। छह साल तक पुरानी शाला में रहने का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लेक्चरर ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों से मिलीभगत कर स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया और लगातार पुरानी पदस्थापना वाली शाला में सेवाएं देते रहे। शिकायत में इसे विभागीय आदेश की अवहेलना बताते हुए संबंधित अधिकारियों और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। राज्यपाल पुरस्कार को लेकर भी उठे सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि जिस शिक्षक पर शासन के स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है, उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्यपाल पुरस्कार कैसे दिया गया। शिक्षा विभाग के जानकार अधिकारियों के मुताबिक, पुरस्कार के लिए नामांकन से पहले संबंधित कर्मचारी की सेवा संबंधी शिकायतों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में नामांकन से पहले किस स्तर पर परीक्षण किया गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश के बाद शिक्षक की वास्तविक पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण की स्थिति क्या थी तथा विभागीय रिकॉर्ड में इसे किस तरह दर्ज किया गया। जांच अधिकारी बोले- जांच जारी है मामले की जांच कर रहे सीनियर प्राचार्य राघवेंद्र गौरहा ने बताया कि लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब छह साल पहले उनका ट्रांसफर किया गया था, लेकिन शिकायत के अनुसार उन्होंने स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया। फिलहाल जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। छह महीने तक शिकायत लंबित रहने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक, 20 फरवरी 2026 को लेक्चरर के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसमें कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद करीब छह महीने तक मामले में जांच आगे नहीं बढ़ी। इसी अवधि के दौरान संबंधित लेक्चरर का नाम राज्यपाल पुरस्कार के लिए नामित हुआ और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर जिला शिक्षा कार्यालय की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। CM ऑनलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई शिकायतकर्ता का दावा है कि 20 फरवरी 2026 की शिकायत पर लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद CM ऑनलाइन में शिकायतकिए जाने पर विभाग सक्रिय हुआ और मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश का पालन हुआ था या नहीं और यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा नहीं हिली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। लगातार कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद ली है। IIT इंदौर की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों से प्रतिमा और आसपास की जमीन की जांच की। टीम यह पता लगा रही है कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसके नीचे या आसपास किस तरह की संरचना मौजूद है। IIT इंदौर की टीम ने करीब दो घंटे की जांच IIT इंदौर के विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। अब विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, मंदिर के पंडित के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी। सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर किए जाने की योजना है। इसी दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। प्रतिमा हटाने के लिए नगर निगम की टीम कटर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची थी। हालांकि, भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनों या ज्यादा ताकत के इस्तेमाल से प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराने की मांग की थी। पुरातत्व विशेषज्ञ के मुताबिक 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनका कहना है कि पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था और संभव है कि खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित की गई हो। उनके मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की हो सकती है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। प्रतिमा नहीं हिली तो भक्तों ने माना भगवान का संकेत प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सोशल मीडिया तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और हिंदू संगठनों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। कई भक्त इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा को हटाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहे जाने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज से जुड़ी है धार्मिक मान्यता मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, यहां लंबे समय से छोटे बच्चों को झाड़नी देने और ताबीज बांधने की परंपरा है। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। इसके बाद परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। पुजारी के मुताबिक, इसके बाद बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ। यह पुजारी द्वारा बताई गई घटना और धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय रूप से मंदिर की प्रक्रिया का परिणाम प्रमाणित नहीं किया गया है। मुस्लिम परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं स्थानीय भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक, मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं। उनके अनुसार संतान प्राप्ति या बीमारी जैसी समस्याओं को लेकर भी लोग यहां पहुंचते हैं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने का फैसला विशेषज्ञ रिपोर्ट आने तक रोक दिया है। अब IIT इंदौर की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा, 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

इंदौर। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए महज 24 घंटे में 50 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कांग्रेस का दावा है कि अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा पंजीयन हो चुके हैं। रजिस्ट्रेशन के इस आंकड़े को लेकर बुधवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर के परदेशीपुरा चौराहे पर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी मौजूद रहे। परदेशीपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने युवाओं के बढ़ते रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह जताया। पार्टी नेताओं ने इसे राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन सरकार के प्रति उनके असंतोष को दर्शाता है। पार्टी ने दावा किया कि युवाओं की इस भागीदारी से प्रदेश की भाजपा सरकार में भी हलचल बढ़ी है। छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने का दावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। उनके मुताबिक, लोकसभा सत्र के दौरान राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया था। चौकसे ने कहा कि इससे छात्रों में यह उम्मीद बनी है कि राहुल गांधी के माध्यम से उनकी समस्याएं भी सामने आएंगी और उनके समाधान की दिशा में आवाज उठेगी। सरकार के रवैये से छात्रों में नाराजगी का दावा चिंटू चौकसे ने भाजपा की दिल्ली और भोपाल सरकार के रवैये को लेकर छात्रों में नाराजगी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, कार्यक्रम में वास्तविक उपस्थिति और भागीदारी की तस्वीर आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।
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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर MP के इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन, भोपाल में सड़क पर बैठे

भोपाल:  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। राजधानी भोपाल में डॉक्टरों का सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का असर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। कई अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हमीदिया अस्पताल में 12 बजे तक OPD बंद भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे किडनी और लिवर के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में यहां 40 से ज्यादा ऑपरेशन किए जाते हैं। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ा है। कमला पार्क के पास डॉक्टरों का प्रदर्शन भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने रास्ते को वन-वे कर दिया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि आंदोलन के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। ‘मांग पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’ इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं, डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि तेज धूप और गर्मी के कारण प्रदर्शन के दौरान काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर उन्हें कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। उन्होंने बताया कि सीनियर डॉक्टरों, साथी डॉक्टरों और भोपाल के स्थानीय लोगों की ओर से भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के लिए खाना भेजा जा रहा है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है और सरकार के साथ बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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RTE पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा हर स्कूल का पूरा डेटा

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन RTE से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के हर स्कूल से जुड़ा RTE का पूरा डेटा भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। RTE की धारा 12(1)(c) पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब सीवी भगवंत राव, विकास तिवारी समेत 13 अन्य लोगों ने RTE के क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इन मामलों पर लगातार सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि RTE अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए फिलहाल कौन सी SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू है। हर स्कूल की आरक्षित और खाली सीटों का देना होगा ब्योरा हाईकोर्ट ने सरकार को एक विस्तृत चार्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ के हर स्कूल में RTE के तहत आरक्षित कुल सीटों की संख्या बतानी होगी। इसके साथ ही सरकार को यह जानकारी भी देनी होगी कि प्रत्येक स्कूल में RTE के तहत कितने बच्चों को प्रवेश दिया गया है और कितनी सीटें अभी खाली हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह हलफनामा और जरूरी चार्ट राज्य सरकार के किसी सक्षम अधिकारी के माध्यम से तीन सप्ताह के भीतर पेश किया जाए। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित करने का अनुरोध किया। सरकार की ओर से कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि तब तक हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कर लिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से 7 दिन पहले हलफनामा दाखिल किया जाए। साथ ही इसकी एक प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। पहले ही दिन RTE मामले पर दिखाई गंभीरता चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कार्यभार संभालने के पहले दिन डिवीजन बेंच में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के साथ कई मामलों की सुनवाई की। इसी दौरान RTE से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई। स्कूली बच्चों के प्रवेश और RTE कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने विस्तृत जानकारी मांगते हुए सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले हलफनामे और स्कूलवार डेटा पर अगली सुनवाई में कोर्ट की नजर रहेगी।
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इंदौर के साउथ तोड़ा में निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान हंगामा, एडिशनल DCP को युवक ने दिया धक्का

इंदौर: शहर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। कार्रवाई का विरोध कर रही भीड़ को हटाने के दौरान पीछे मौजूद एक युवक ने एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद पुलिस जवानों ने युवक को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 100 से ज्यादा निगमकर्मी और भारी पुलिस बल रहा तैनात नगर निगम की टीम बुधवार को साउथ तोड़ा में अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के लिए 100 से ज्यादा निगमकर्मी, 3 पोकलेन और 6 जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंची थीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 80 से ज्यादा पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए थे। निगम के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 50 शेड और 6 मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए। सामान बाहर निकालने को लेकर महिलाओं से हुआ विवाद कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों से अपना सामान बाहर निकालने को लेकर बहस करने लगीं। महिलाओं का कहना था कि नोटिस में उन्हें सुबह 9 बजे तक का समय दिया गया था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से कार्रवाई का वीडियो बनाने लगे। भीड़ को पीछे हटाने के दौरान DCP को धक्का स्थिति बिगड़ती देख एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल मौके पर पहुंचे और भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक युवक ने उन्हें धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ा और वे जमीन पर गिर गए। पुलिस ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक समेत कुछ लोगों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया। 6 लोगों पर होगी कार्रवाई एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल ने बताया कि रिमूवल कार्रवाई के दौरान कुल 6 लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पहले जारी किए गए थे नोटिस नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, रिमूवल कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने टेप से नपती कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया और इसके बाद उन्हें हटाया। झोन-11 के झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी के मुताबिक, साउथ तोड़ा में 50 शेड और कुछ मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए हैं। क्षेत्र में आने वाले दिनों में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई।
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रायपुर में पुरानी रंजिश को लेकर युवक से मारपीट, बाइक लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक से मारपीट कर उसकी बाइक लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बदमाशों ने युवक को घेरकर गाली-गलौज की, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देने के बाद उसकी दोपहिया लेकर फरार हो गए। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो बाइक और एक स्कूटी भी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज मिश्रा, यश मिश्रा उर्फ रोहन मिश्रा और अभिषेक पटेल उर्फ सोनू के रूप में हुई है। मंदिर के पास युवक को घेरकर की मारपीट पुलिस के अनुसार, बलराम साहू (38) ने 23 अगस्त को डीडीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे वह मोटरसाइकिल से रायपुरा स्थित हटकेश्वरनाथ मंदिर, महादेव घाट गए थे। मंदिर के गेट के पास बाइक खड़ी करने के बाद जब वह वापस लौटे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट में नाक और पैर में आई चोट हमले के दौरान बलराम साहू के नाक और दाहिने पैर में चोट आई। इसके बाद आरोपी उनकी बाइक लेकर मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा डीडीनगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद राज मिश्रा (22), यश मिश्रा उर्फ रोहन मिश्रा (22) और अभिषेक पटेल उर्फ सोनू (20) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में फरार चौथे आरोपी की तलाश कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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रायपुर में रक्षाबंधन पर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, बच्चों को ढाल बनाकर चुराते थे जेवर; 7 वारदातों का खुलासा

रक्षाबंधन के मौके पर रायपुर के भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं और बच्चों के गले से सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। एसीसीयू और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह से जुड़ी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों महिलाओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चोरी की 7 वारदातें करना स्वीकार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपए का सामान, जिसमें लगभग 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण भी शामिल हैं, बरामद किया गया है। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान नंदनी राजपूत और सानिया मरकाम के रूप में हुई है। बच्चे के गले से लॉकेट चोरी के बाद खुला मामला रविवार को रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए मालवीय रोड पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान पैदल पेट्रोलिंग कर रही पुलिस को एक बच्चे के गले से सोने का लॉकेट चोरी होने की सूचना मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं महिलाओं और बच्चों के आसपास घूमती नजर आईं। हुलिए के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान शहर में हुई चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हुआ। बच्चों को बनाती थीं चोरी के लिए ढाल पुलिस जांच में सामने आया कि नंदनी अपने बच्चों को साथ लेकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में जाती थी। बच्चों के साथ होने के कारण उस पर लोगों को आसानी से शक नहीं होता था। आरोप है कि भीड़ का फायदा उठाकर वह बच्चों के गले से चेन और लॉकेट चोरी करती थी। इसके बाद चोरी के जेवर अपनी साथी सानिया को सौंप देती थी, जो सामान लेकर वहां से निकल जाती थी। 7 वारदातों में 12 लाख का सामान बरामद पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने गोलबाजार, महादेव घाट, इतवारी बाजार और मेला स्थलों में चोरी की 7 घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, 9,700 रुपए नकद, एक एक्टिवा और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। पति जेल में, पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नंदनी राजपूत का पति मोहन राजपूत गुढ़ियारी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और फिलहाल नारकोटिक एक्ट के मामले में जेल में सजा काट रहा है। पुलिस अब गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनकी संभावित दूसरी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पैदल पेट्रोलिंग और CCTV निगरानी भी बढ़ा दी है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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