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रायपुर के स्पा सेंटर पर पुलिस की दबिश, संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस

रायपुर। रायपुर के देवेंद्र नगर इलाके में पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, श्याम स्क्वायर स्थित इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली। मामले में पुलिस ने स्पा सेंटर के संचालक और मैनेजर के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट), 1956 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 10 सितंबर को एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में सिविल लाइन और देवेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की। दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाने का आरोप पुलिस के अनुसार, स्पा सेंटर में दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। पूछताछ के दौरान वहां मौजूद कुछ युवतियों ने संचालक और मैनेजर पर जबरन देह व्यापार कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि युवतियों के बयानों और मौके से मिली सामग्री के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस पुलिस ने कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर के संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर, निवासी टिकरापारा और मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा, निवासी भिलाई-3 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों के खिलाफ देवेंद्र नगर थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA Act), 1956 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। स्पा सेंटर की गतिविधियों की जांच जारी पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, वहां काम करने वाली युवतियों और संचालक-मैनेजर की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवतियों को दूसरे राज्यों से किस माध्यम से रायपुर लाया गया और स्पा सेंटर में उनकी नियुक्ति किस तरह हुई। इसके अलावा पुलिस यह जानकारी भी जुटा रही है कि सेंटर में कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपों और जांच के दौरान मिली सामग्री के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
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इंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिव

इंदौर। इंदौर के एक निजी अस्पताल में H1N1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमित महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला शाजापुर की रहने वाली थी और करीब 10 दिन से इंदौर के अस्पताल में भर्ती थी। गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला एक सरकारी डॉक्टर की पत्नी बताई गई है। नजदीकी लोगों के मुताबिक महिला को 28 अगस्त से बुखार, खांसी और सर्दी के लक्षण थे। 1 सितंबर को हुई H1N1 जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर लाया गया। वहीं, 2 सितंबर की रिपोर्ट में महिला के इन्फ्लुएंजा के साथ कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई। महिला शाजापुर के आदित्य नगर की रहने वाली बताई गई है। मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक भी पहुंची है। इससे पहले उज्जैन की महिला की हुई थी मौत इससे पहले उज्जैन के ऋषि नगर निवासी 60 वर्षीय सरोज नागर की भी करीब दो सप्ताह पहले इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर लाया गया था, जहां करीब 16 दिन तक इलाज चला। जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसे मध्य प्रदेश में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत बताया गया था। वहीं, पिछले सप्ताह धार की एक स्वाइन फ्लू संक्रमित महिला को भी इलाज के लिए इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस से होने वाला इन्फ्लुएंजा संक्रमण है। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू की तरह हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी और सर्दी जैसे लक्षण शामिल हैं। यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों और श्वसन कणों के संपर्क में आने से फैल सकता है। कैसे फैलता है H1N1 संक्रमण? H1N1 संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक श्वसन बूंदों और कणों के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। 2009 में H1N1 के व्यापक प्रसार के दौरान इसे लेकर काफी चिंता देखी गई थी। हालांकि, अच्छी तरह पकाए गए सूअर के मांस से H1N1 संक्रमण होने का जोखिम नहीं माना जाता, क्योंकि पर्याप्त तापमान पर खाना पकाने से वायरस नष्ट हो जाता है। लक्षण दिखने पर सावधानी जरूरी बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण होने पर विशेष रूप से गंभीर लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। संक्रमण की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच के आधार पर की जानी चाहिए। इंदौर में सामने आए इस मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग तक जानकारी पहुंचने से स्थानीय स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढ़ने की संभावना है।
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बिलासपुर में कांग्रेस का संगठन प्रशिक्षण शुरू, ब्लॉक अध्यक्षों को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति

बिलासपुर। आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार से बिलासपुर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितंबर तक चलेगा। इसमें ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने की रणनीति समझाई जा रही है। कांग्रेस का फोकस ब्लॉक स्तर से संगठन को मजबूत करते हुए गांव और बूथ तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में आयोजित किया जाएगा। बिलासपुर के बाद 15 सितंबर को सरगुजा संभाग में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसके बाद 20 सितंबर को रायपुर संभाग में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं, बस्तर और दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही पूरा हो चुका है। दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना बिलासपुर पहुंचे PCC चीफ दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार के पोस्टर अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता।” बैज ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पोस्टर वार के अलावा जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए कुछ नहीं है। रोजगार, किसान और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए दीपक बैज ने कहा कि सरकार को रोजगार, किसानों, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए 1,100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बैज ने दावा किया कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सरकार और मंत्री खर्च कर रहे हैं, जबकि गांवों में विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बताई जा रही है। पार्टी का लक्ष्य ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है। प्रशिक्षण में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
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सागर शराब कांड: नकली शराब से 28 मौतों की जानकारी, आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के गांवों में कथित तौर पर नकली और जहरीली शराब पीने से करीब 28 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। आरोपियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई गुरुवार को भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन की टीम बंडा के वार्ड क्रमांक 11 और 12 पहुंची। यहां शराब कांड से जुड़े आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू तथा आरोपी मनीष के अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस, प्रशासन और बंडा नगर पालिका की संयुक्त टीम चंद्रभान सिंह राजपूत के बंडा स्थित घर पहुंची। मौके पर तीन जेसीबी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। 5 सितंबर से अस्पताल पहुंचने लगे थे मरीज जानकारी के मुताबिक, 5 सितंबर की शाम से बंडा सिविल अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे थे। इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। मरीजों में शरीर में अकड़न, उल्टी और शरीर नीला पड़ने जैसी शिकायतें सामने आईं। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी कम होने की बात भी सामने आई। मामले पर संदेह होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंडा पहुंचे। गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर किया जाने लगा। इसी दौरान कुछ मरीजों की मौत हो गई। भर्ती मरीजों से उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण पूछा गया तो कई मरीजों ने शराब पीने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच शुरू की। 6 सितंबर तक 15 से ज्यादा मौतें 6 सितंबर की सुबह तक 9 मरीजों की मौत हो चुकी थी। शाम तक मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगी और नए मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला भी कम हुआ। 7 सितंबर को मौतों का आंकड़ा 22 के पार 7 सितंबर तक मौतों का आंकड़ा 22 के पार पहुंच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया और अवैध एवं जहरीली शराब जब्त की। 8 सितंबर से स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। इस दिन दो मौतें होने की जानकारी सामने आई। पुलिस और प्रशासन की टीमें गांव-गांव में गश्त करती रहीं। ग्रामीणों को शराब से दूर रहने की अपील करते हुए मुनादी भी कराई गई। 9 सितंबर को प्रशासन के अनुसार कोई नया मरीज सामने नहीं आया और किसी नई मौत की सूचना भी नहीं मिली। मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला पुलिस ने शराब मामले में जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ अवैध शराब के स्रोत और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मूर्ति हटाने को लेकर दावों पर प्रशासन की सफाई

उज्जैन। खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को हटाए जाने की चर्चाओं के बीच उज्जैन का यह मंदिर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर प्रतिमा से जुड़े वीडियो और रील्स वायरल होने के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले दो दिनों में 35 हजार से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। इनमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। सती गेट के पास स्थित मंदिर के आसपास प्रशासन की कार्रवाई और प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर प्रतिमा को हटाने के किसी भी प्रयास से इनकार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चमत्कार की कहानियां प्रतिमा को हटाने की कोशिश नाकाम होने की चर्चाओं के बाद सोशल मीडिया पर खड़े हनुमानजी से जुड़ी कई तरह की चमत्कारिक कहानियां वायरल हो रही हैं। इन वीडियो और रील्स के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से मंदिर के आसपास के क्षेत्र में निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट के भीतर विराजमान है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। IIT इंदौर की टीम फिर करेगी जांच प्रतिमा को हटाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच IIT इंदौर की टीम सोमवार को मंदिर पहुंची थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर मंदिर और प्रतिमा से संबंधित स्थिति की जांच की। अब IIT इंदौर की टीम गुरुवार को एक बार फिर खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर जांच करेगी। इस जांच के बाद स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सोशल मीडिया से श्रद्धालुओं को मिली जानकारी सती गेट के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने मंदिर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं देखी। अब दर्शन के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। नासिक से पहुंचे अनिल ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर खड़े हनुमानजी की रील देखी थी। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आकर दर्शन करने का फैसला किया। नागपुर से आए महेश टिचकुले ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर हनुमानजी से जुड़ी खबरें देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आने का निर्णय लिया। वहीं, राजस्थान के अजमेर से आए सुशील खंडेलवाल महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर पर सोशल मीडिया रील देखने के दौरान उन्हें खड़े हनुमान मंदिर के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद वे यहां दर्शन करने पहुंचे। प्रशासन ने कहा- प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। प्रशासन ने कहा कि खड़े हनुमानजी की प्रतिमा का विषय उज्जैनवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की भावनाओं, प्रतिमा की सुरक्षा तथा उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रेस नोट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक खबर प्रसारित की जा रही है कि प्रशासन ने श्री खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को विस्थापित करने के कई प्रयास किए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने के लिए मशीन अथवा मानवीय तरीके से कोई प्रयास नहीं किया गया है। भक्तों ने प्रशासन के दावे पर उठाए सवाल प्रशासन की सफाई के बाद कुछ श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिमा को हटाने के प्रयास से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद हैं और अधिकारी चाहें तो उन्हें दिखाया जा सकता है। मंदिर से जुड़े शैलू यादव ने कहा कि प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए हनुमानजी की प्रतिमा को यहीं रहने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि प्रशासन प्रतिमा हटाने के किसी प्रयास से इनकार कर रहा है तो उनके पास इसके संबंध में वीडियो मौजूद हैं। शैलू यादव के मुताबिक, नगर निगम अधिकारी हिमांशु तिवारी के सामने गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। उन्होंने रात में कटर मशीन लाए जाने का भी दावा किया है। उनके अनुसार इन घटनाओं से जुड़े वीडियो उनके पास सुरक्षित हैं। फिलहाल प्रतिमा को हटाने को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के दावों में अंतर है। IIT इंदौर की आगामी जांच और प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल: 10वीं-12वीं परीक्षा के आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की नवंबर 2026 सत्र की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 अक्टूबर 2026 तक सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश एवं परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। जो परीक्षार्थी निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें भी विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर दिया गया है। 500 रुपए विलंब शुल्क के साथ आवेदन का मौका सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद परीक्षार्थी 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जमा कर सकेंगे। इस अवधि में आवेदन करने के लिए 500 रुपए विलंब शुल्क देना होगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। अध्ययन केंद्र से मिलेगी पूरी जानकारी परीक्षा एवं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए छात्र अपने नजदीकी मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। अध्ययन केंद्र पर विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और परीक्षा से संबंधित अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। वेबसाइट से डाउनलोड करें आवेदन फॉर्म परीक्षा एवं प्रवेश के लिए आवेदन फॉर्म छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसे सावधानीपूर्वक भरना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर संबंधित मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र में जमा करना होगा। छात्र आवेदन जमा करने से पहले फॉर्म में दर्ज सभी जानकारी और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
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ग्वालियर बंद बेअसर, यूजीसी नियमों के विरोध में संगठनों का प्रदर्शन

ग्वालियर। यूजीसी के नियमों को वापस लेने, जातिगत नीतियों की समीक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर सर्व संगठन एवं परशुराम सेना की ओर से गुरुवार को ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि शहर में बंद का खास असर देखने को नहीं मिला और अधिकांश इलाकों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। बंद के दौरान फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने मैदान में विभिन्न संगठनों के लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए संबंधित नीतियों की समीक्षा और बदलाव की मांग उठाई। भिंड, मुरैना और दतिया से भी पहुंचे लोग आंदोलन में ग्वालियर के अलावा भिंड, मुरैना, दतिया समेत आसपास के जिलों से भी विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होने पहुंचे। आयोजकों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने की अपील की। आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। UGC नियम वापस लेने की मांग प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांग यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को वापस लेने की है। संगठनों का कहना है कि इन नियमों को लेकर छात्रों और युवाओं के बीच असंतोष है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, किसी भी नए नियम या नीति को लागू करने से पहले उससे प्रभावित होने वाले छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग सर्व संगठन और परशुराम सेना की ओर से सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई। संगठनों का कहना है कि सामाजिक संतुलन और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नीतियों की समीक्षा आवश्यक है। इसके अलावा युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े कई अन्य सामाजिक मुद्दे भी प्रदर्शन के दौरान उठाए गए। सुरक्षा के बीच कई रूट डायवर्ट प्रदर्शन को देखते हुए फूलबाग और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया। महाराज बाड़ा, बाड़ा बाजार, मुरार और हजीरा समेत शहर के प्रमुख इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी। हालांकि ग्वालियर बंद का व्यापक असर नहीं दिखा, लेकिन विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।
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खंडवा-भोपाल हाईवे पर पेड़ से टकराई कार, कांग्रेस नेता के पोते की मौत

खंडवा। खंडवा-भोपाल हाईवे पर ग्राम पामाखेड़ी के पास गुरुवार सुबह तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार 34 वर्षीय फरहान खोकर की मौत हो गई, जबकि उनके दो दोस्त घायल हुए हैं। एक युवक के पैर और दूसरे के सिर में चोट आई है। मृतक की पहचान पूर्व नेता प्रतिपक्ष खंडवा नगर निगम एवं कांग्रेस नेता शौकत काका के पोते फरहान खोकर के रूप में हुई है। मवेशियों को बचाने में अनियंत्रित हुई कार जानकारी के अनुसार, कार के सामने अचानक मवेशी आ गए थे। उन्हें बचाने के प्रयास में चालक ने कार पर नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे की सूचना मिलने के बाद नर्मदानगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। नर्मदानगर थाना प्रभारी धीरेश धारवाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में कार के सामने अचानक मवेशियों के आने की बात सामने आई है। हादसे की जांच की जा रही है। सेकंड हैंड कारों की खरीदी-बिक्री का कारोबार फरहान खोकर सेकंड हैंड कारों की खरीदी-बिक्री का कारोबार करते थे। बताया गया कि उन्होंने ग्वालियर जाकर एक स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। कार को खंडवा लाने के लिए वे ट्रेन से ग्वालियर गए थे। इसके बाद बुधवार रात फरहान अपने दो दोस्तों के साथ कार से ग्वालियर से खंडवा के लिए रवाना हुए थे। खंडवा लौटते समय उनके दोस्त मुस्तकीम कार चला रहे थे, जबकि एक अन्य साथी भी कार में मौजूद था। फरहान कार की अगली सीट पर चालक के बगल में बैठे थे। सुबह खंडवा जिले की सीमा में हुआ हादसा तीनों दोस्त बुधवार रात कार लेकर ग्वालियर से निकले थे। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे वे खंडवा जिले की सीमा में दाखिल हुए। इसी दौरान जिले के पहले गांव पामाखेड़ी के पास कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को उपचार के लिए पुनासा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं फरहान के शव को भी पुनासा अस्पताल में रखा गया। परिजन शव और घायलों को लेकर खंडवा पहुंचे हादसे की सूचना मिलने के बाद फरहान के परिजन पुनासा पहुंचे। इसके बाद वे शव और घायलों को लेकर खंडवा जिला अस्पताल पहुंचे। फरहान के शव का पोस्टमार्टम खंडवा जिला अस्पताल में किया जाएगा। पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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