ग्वालियर। यूजीसी के नियमों को वापस लेने, जातिगत नीतियों की समीक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर सर्व संगठन एवं परशुराम सेना की ओर से गुरुवार को ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि शहर में बंद का खास असर देखने को नहीं मिला और अधिकांश इलाकों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं।
बंद के दौरान फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने मैदान में विभिन्न संगठनों के लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए संबंधित नीतियों की समीक्षा और बदलाव की मांग उठाई।
भिंड, मुरैना और दतिया से भी पहुंचे लोग
आंदोलन में ग्वालियर के अलावा भिंड, मुरैना, दतिया समेत आसपास के जिलों से भी विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होने पहुंचे। आयोजकों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने की अपील की।
आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
UGC नियम वापस लेने की मांग
प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांग यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को वापस लेने की है। संगठनों का कहना है कि इन नियमों को लेकर छात्रों और युवाओं के बीच असंतोष है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, किसी भी नए नियम या नीति को लागू करने से पहले उससे प्रभावित होने वाले छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग
सर्व संगठन और परशुराम सेना की ओर से सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई।
संगठनों का कहना है कि सामाजिक संतुलन और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नीतियों की समीक्षा आवश्यक है। इसके अलावा युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े कई अन्य सामाजिक मुद्दे भी प्रदर्शन के दौरान उठाए गए।
सुरक्षा के बीच कई रूट डायवर्ट
प्रदर्शन को देखते हुए फूलबाग और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया।
महाराज बाड़ा, बाड़ा बाजार, मुरार और हजीरा समेत शहर के प्रमुख इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी।
हालांकि ग्वालियर बंद का व्यापक असर नहीं दिखा, लेकिन विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।


