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खंडवा में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 21 लाख का टेंडर, 5 सितंबर तक आवेदन

खंडवा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बीच नगर निगम ने एक बार फिर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी की है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 21 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका इम्यूनाइजेशन यानी टीकाकरण भी किया जाएगा। यह काम Animal Birth Control Program के तहत कराया जाएगा और टेंडर की अवधि एक साल रखी गई है। 5 सितंबर तक जमा होंगे आवेदन नगर निगम की ओर से शनिवार को जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, इच्छुक संस्थान और एजेंसियां 5 सितंबर 2026 शाम 5:30 बजे तक ऑनलाइन टेंडर जमा कर सकेंगी। निविदाएं 7 सितंबर सुबह 10:30 बजे खोली जाएंगी। टेंडर के लिए धरोहर राशि 21 हजार रुपए और निविदा प्रपत्र शुल्क 5 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। नसबंदी के साथ कुत्तों का टीकाकरण भी नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं है। अभियान के दौरान पकड़े जाने वाले कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। Animal Birth Control Program के तहत नसबंदी और इम्यूनाइजेशन का उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के साथ डॉग बाइट और अन्य संबंधित जोखिमों को कम करना है। पिछले अभियान को लेकर उठ चुके हैं सवाल खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर हाल ही में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने नसबंदी अभियान पर खर्च और शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर विरोध जताया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक के कुत्ते की वेशभूषा में पहुंचने का मामला भी चर्चा में रहा था। इसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को भी मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी। चार साल में खर्च हो चुके हैं 98 लाख रुपए जानकारी के मुताबिक, खंडवा में पिछले चार साल के दौरान आवारा कुत्तों की नसबंदी पर करीब 98 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट को लेकर सवाल बने हुए हैं। अब 21 लाख रुपए के नए टेंडर से नगर निगम को उम्मीद है कि नसबंदी और टीकाकरण अभियान को दोबारा गति मिलेगी। वहीं शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए अभियान से आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की समस्या पर कितना असर पड़ता है।
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सीहोर के अस्पताल में घड़ी के अंदर मिला संदिग्ध कैमरा, महिला स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप; मंत्री को सौंपा ज्ञापन

सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीवार पर लगी घड़ी के अंदर संदिग्ध कैमरा और मेमोरी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। घटना 13 अगस्त की बताई जा रही है। अस्पताल में काम करने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे निजता और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ ने सीहोर से गुजर रहे राजस्व मंत्री एवं इछावर विधायक करण सिंह वर्मा का काफिला रोककर उन्हें ज्ञापन सौंपा। घड़ी के अंदर मिला कैमरा और मेमोरी कार्ड अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक, एक कमरे में दीवार पर लगी घड़ी के अंदर संदिग्ध कैमरा और मेमोरी कार्ड मिला। अस्पताल में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्यकर्मी काम करती हैं। ऐसे में किसी उपकरण का इस तरह लगाया जाना कर्मचारियों की निजता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। कर्मचारियों ने मांग की है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाए कि कैमरा किसने, कब और किस उद्देश्य से लगाया था। इसके साथ ही अस्पताल के अन्य कमरों और स्थानों की भी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं और भी ऐसे उपकरण तो नहीं लगाए गए। मंत्री का काफिला रोककर सौंपा ज्ञापन मामले को लेकर नाराज महिला स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग स्टाफ ने मंत्री करण सिंह वर्मा का काफिला रोककर अपनी शिकायत रखी। कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। मंत्री ने कर्मचारियों की बात सुनी और मामले में जांच व आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप महिला कर्मचारियों का आरोप है कि संदिग्ध कैमरा मिलने के बाद भी विभागीय स्तर पर मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी वजह से उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधि के सामने अपनी शिकायत रखने के लिए आगे आना पड़ा। कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि निष्पक्ष जांच हो और कैमरा लगाने वाले व्यक्ति की पहचान के साथ पूरे मामले की सच्चाई सामने आए। कर्मचारियों के अनुसार, मिला हुआ संदिग्ध उपकरण संबंधित अधिकारियों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। BMO बोले- नियमों के तहत कार्रवाई जारी बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के BMO डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत निष्पक्ष कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घड़ी में मिला उपकरण वास्तव में कैमरा था, उसे किसने लगाया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
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इंदौर में PM आवास योजना के फ्लैटों पर निगम की बड़ी कार्रवाई, 15 आवासीय इकाइयां सील

इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अमलतास परिसर में आवंटित आवासीय इकाइयों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नगर निगम ने कार्रवाई की है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शुक्रवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 15 आवासीय इकाइयों को सील किया गया। वहीं, फ्लैटों में नियमों के विपरीत संचालित दुकानों का सामान भी जब्त किया गया। कहीं मवेशी पाले जा रहे थे, कहीं दुकानें मिलीं निरीक्षण के दौरान टीम को कई आवासीय इकाइयों में नियमों के विपरीत गतिविधियां मिलीं। कुछ फ्लैटों में मवेशी पाले जा रहे थे, जबकि कुछ हितग्राहियों ने अपने आवास किराये पर देकर वहां दूसरी गतिविधियां संचालित कर रखी थीं। कई आवासीय इकाइयों में रहने के बजाय दुकानें संचालित होती मिलीं। निगम ने इन मामलों को आवास आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना और कार्रवाई की। 20 हजार जमा कर बाकी 1.80 लाख नहीं चुकाए जांच के दौरान कुछ हितग्राहियों के आवास आवंटन से जुड़ी राशि भी बकाया मिली। बताया गया कि कुछ हितग्राहियों ने शुरुआती 20 हजार रुपए जमा किए थे, लेकिन शेष 1.80 लाख रुपए की राशि अब तक जमा नहीं की। निगम ने ऐसे हितग्राहियों को बकाया राशि जमा करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। राशि जमा नहीं की तो आवंटन होगा निरस्त नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में बकाया राशि जमा नहीं करने पर आवास खाली कराया जाएगा और आवंटन निरस्त किया जा सकता है। इसके बाद आवास किसी अन्य पात्र हितग्राही को आवंटित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। मुनादी के जरिए बकायादार हितग्राहियों को भी चेतावनी दी गई है कि समय पर राशि जमा नहीं करने पर पहले जमा की गई राशि राजसात करने के साथ आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम रही मौजूद कार्रवाई के दौरान तेजाजी नगर थाना प्रभारी, क्षेत्रीय तहसीलदार, कार्यपालन यंत्री मितेश सिंगोड, सीएलटीसी संतोषी गुप्ता सहित नगर निगम की रिमूवल टीम और पुलिस बल मौजूद रहा। निगम अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित मकानों का उपयोग तय नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
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गुना में 3.74 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी का मामला, DPM भोपाल अटैच

गुना में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में सामने आई 3.74 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अब जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) पर भी कार्रवाई हुई है। राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को भोपाल अटैच कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, गुना में चल रही जांच पूरी होने तक DPM को जिला मुख्यालय से हटाया गया है। मामले में वित्तीय रिकॉर्ड, पोर्टल पर दर्ज जानकारी और बैंक खातों की जांच की जा रही है। LOKOS पोर्टल के आंकड़ों से सामने आई गड़बड़ी मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्व-सहायता समूह और उनके सामुदायिक संगठन बनाए गए हैं। इन समूहों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी भारत सरकार के LOKOS पोर्टल पर दर्ज की जाती है। पोर्टल पर समूहों को मिली राशि, भुगतान की तारीख और अन्य वित्तीय जानकारी का रिकॉर्ड रहता है। इसी रिकॉर्ड का मिशन की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (FDM) से मिलान किया गया था। 90.25 लाख रुपए की राशि पर उठे सवाल मई में FDM और LOKOS पोर्टल के आंकड़ों के मिलान के दौरान प्रतिज्ञा सीएलएफ, विकासखंड गुना से संबंधित करीब 90.25 लाख रुपए की राशि में अंतर सामने आया। FDM पोर्टल पर यह राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन बैंक रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट की जांच में इतनी राशि की वास्तविक प्राप्ति नहीं मिली। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई। जिला और राज्य स्तर पर जांच जारी मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत CEO ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम को वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मामले की शिकायत राज्य स्तर पर भी की गई, जिसके आधार पर राज्य की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल वित्तीय अभिलेखों, पोर्टल पर की गई प्रविष्टियों और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक DPM भोपाल अटैच मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को जांच पूरी होने तक भोपाल अटैच कर दिया है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पोर्टल पर दर्ज राशि और बैंक खातों में वास्तविक लेन-देन के बीच अंतर कैसे आया और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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मध्यप्रदेश की जेलों में अब बंदियों की होगी साइको-सोशल काउंसलिंग, भोपाल सेंट्रल जेल में खुलेगा पहला सेंटर

मध्यप्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में सुधार के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। अब बंदियों को केवल सजा काटने तक सीमित रखने के बजाय उनके मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जेल विभाग की ओर से भोपाल केंद्रीय जेल में पहला साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके परिणामों के आधार पर इस व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग और RRU के बीच हुआ MOU इस पहल के लिए मध्यप्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर, गुजरात के बीच साइको-सोशल काउंसलिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू हुआ है। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर की पहल पर जेल मुख्यालय में हुए एमओयू कार्यक्रम में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, उप महानिरीक्षक (कल्याण) एमआर पटेल सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। RRU की ओर से डॉ. नूरिन चौधरी, डॉ. गीतेश कुमार सिंह, प्रदीप रूसिया, तनु पी चंदेल और शुभम जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 28 जेल अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर RRU की साइको-सोशल काउंसलिंग योजना का अध्ययन किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को भोपाल बुलाकर 6 से 12 जुलाई तक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश की अलग-अलग जेलों के 28 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें मेल नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मुख्य प्रहरी और प्रहरी शामिल रहे। प्रशिक्षण में मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की पहचान करने और उनकी काउंसलिंग करने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण के बाद बंदियों की काउंसलिंग शुरू प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने संबंधित जेलों में जाकर तनावग्रस्त बंदियों की काउंसलिंग की। जेल महानिदेशक ने काउंसलिंग से मिले फीडबैक और परिणामों की समीक्षा की। जेल विभाग के अनुसार, शुरुआती स्तर पर बंदियों के मानसिक सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए RRU के साथ एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। गुजरात में मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे एमओयू के तहत जेल विभाग के चयनित अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर जाकर मास्टर ट्रेनर कोर्स करेंगे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी जेल विभाग में मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे और प्रदेश की अन्य जेलों के अधिकारियों-कर्मचारियों को साइको-सोशल काउंसलिंग का प्रशिक्षण देंगे। इससे जेलों में मानसिक तनाव से जूझ रहे बंदियों की पहचान, उनकी जरूरतों को समझने और उन्हें जरूरी मनो-सामाजिक सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जा सकेगा। भोपाल केंद्रीय जेल से होगी शुरुआत जेल विभाग की इस योजना का पहला चरण केंद्रीय जेल भोपाल से शुरू होगा। यहां साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अनुभव और परिणामों के आधार पर सेंटर और काउंसलिंग व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग का उद्देश्य बंदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, भावनात्मक संतुलन कायम करने और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में सहयोग देना है, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
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बड़वानी में बीईओ को हटाने की मांग पर प्रदर्शन, सेंधवा विधायक को डेढ़ घंटे कार्यालय में रोका

बड़वानी जिले के निवाली में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मनोज मराठे को पद से हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी को पुलिस ने उनके कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक रोककर रखा। विधायक अपने समर्थकों के साथ निवाली में चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा और कार्रवाई का लिखित आदेश नहीं मिलने के बाद वे 300 से अधिक समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। बीईओ को निलंबित करने की मांग जयस की ओर से बीईओ मनोज मराठे को हटाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से निवाली में धरना दिया जा रहा है। बताया गया है कि बीईओ के खिलाफ सेंधवा ग्रामीण थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है और उन पर एक शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इसी मामले को लेकर विधायक मोंटू सोलंकी भी आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने बीईओ के वित्तीय अधिकार तत्काल वापस लेने और उन्हें निलंबित करने की मांग की। अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन विधायक को कार्यालय में रोके जाने के दौरान सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने उनसे चर्चा की। पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन विधायक को निलंबन से संबंधित कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ निवाली के लिए रवाना हो गए। विधायक ने प्रशासन पर लगाए संरक्षण के आरोप विधायक मोंटू सोलंकी ने आरोप लगाया कि आपराधिक मामले में आरोपी अधिकारी को शासन और प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बीईओ के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की और आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई तो प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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मध्यप्रदेश में IAS अफसरों की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 10 जिला पंचायत CEO समेत नगर निगम आयुक्त बदले

मोहन सरकार ने मध्यप्रदेश में IAS अधिकारियों की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश में 2016 से 2024 बैच तक के कई IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर और सतना नगर निगम के आयुक्तों का भी तबादला किया गया है। तबादला सूची में अधिकारियों को जिला पंचायत CEO, अपर कलेक्टर और SDM के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। कई अधिकारियों को नगर निगमों में आयुक्त और अपर आयुक्त के पद पर भी भेजा गया है। ग्वालियर और सतना नगर निगम आयुक्त बदले 2018 बैच के अभिषेक चौधरी को जिला पंचायत धार के CEO पद से हटाकर नगर पालिक निगम ग्वालियर का आयुक्त बनाया गया है। वहीं ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त संघ प्रिय को जिला पंचायत सिंगरौली का CEO नियुक्त किया गया है। 2019 बैच के डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को जिला पंचायत खंडवा के CEO पद से नगर निगम सतना का आयुक्त बनाया गया है। उन्हें CEO स्मार्ट सिटी सतना का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। 2016 से 2018 बैच के प्रमुख तबादले 2019 से 2021 बैच में भी बदलाव 2019 से 2021 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से: 2022 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी 2022 बैच के अधिकारियों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। ईश्वर्य वर्मा को CEO जिला पंचायत खंडवा और आशीष को अपर आयुक्त, नगर निगम इंदौर बनाया गया है। वहीं कार्तिकेय जायसवाल को CEO जिला पंचायत श्योपुर और विशाल धाकड़ को CEO जिला पंचायत टीकमगढ़ की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा: 2024 बैच के सहायक कलेक्टरों को SDM की जिम्मेदारी तबादला आदेश में 2024 बैच के कई सहायक कलेक्टरों को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM की जिम्मेदारी दी गई है। श्रद्धा शुक्ला की भी पदस्थापना आदेश में श्रद्धा शुक्ला (2022) को अपर कलेक्टर, जिला खंडवा के पद पर पदस्थ किया गया है। आदेश में उनके लिए फिलहाल पदस्थापना की प्रतीक्षा और कनिष्ठ वेतनमान से संबंधित उल्लेख भी किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत, नगरीय प्रशासन और राजस्व स्तर पर अधिकारियों की नई टीम के साथ कामकाज शुरू होगा।
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छिंदवाड़ा में गर्भवती महिला को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, अस्पताल में गर्भस्थ शिशु की मौत

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव ब्लॉक के चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में सड़क की बदहाल स्थिति ने एक गर्भवती महिला के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को डोली में बैठाकर करीब 8 किलोमीटर तक दुर्गम रास्ते से पैदल पहुंचाया। गांव से बाहर एंबुलेंस मिलने के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ICU में भर्ती किया गया है। 8 किलोमीटर तक डोली में लेकर चले ग्रामीण जानकारी के मुताबिक, चीटीपाठा जामुनडोंग निवासी सोनू मलगाम की पत्नी कुस्तरिया को गुरुवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक, टोले तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद सरपंच, परिजनों और ग्रामीणों ने लकड़ी और कपड़े की मदद से डोली तैयार की। महिला को डोली में बैठाकर ग्रामीण पैदल ही गांव से बाहर की ओर निकल पड़े। करीब 8 किलोमीटर का पथरीला और कठिन रास्ता तय करने के बाद महिला को गोप गांव तक पहुंचाया गया। यहां से 108 एंबुलेंस की मदद से उसे दमुआ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि परिजनों के मुताबिक, महिला को अस्पताल पहुंचाने से पहले काफी दूरी तक दुर्गम रास्ते पर डोली के सहारे ले जाना पड़ा। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने गर्भ में ही शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ICU में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 125 परिवार, लेकिन पक्की सड़क का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में करीब 125 परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां लंबे समय से पक्की सड़क सहित कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2016 से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने प्रस्ताव रखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पहले भी तीन गर्भवती महिलाओं की मौत समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण हुई है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क बनाने और आपात स्थिति में एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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भोपाल के रेस्टोरेंट-बार में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स और खराब खाद्य सामग्री मिली

भोपाल में नगर निगम की म्युनिसिपल कोर्ट ने शुक्रवार को बंसल वन स्थित रेस्टोरेंट और बार में बड़ी कार्रवाई की। चलित न्यायालय की टीम ने कई प्रतिष्ठानों के किचन और खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं, जबकि फ्रीज में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा हुआ पाया गया। टीम ने मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई की। चलित न्यायालय की कार्रवाई दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने फर्जी कैफे, रोमियो लेन, फ्लाइंग सॉसर, रास्ता, माय बार, आयबरी, कव्वाली और संकल्प रेस्टोरेंट एंड बार सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। किचन में पहुंचकर खुद जांची खाद्य सामग्री मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने रेस्टोरेंट और बार के किचन में जाकर वहां रखी खाद्य सामग्री और ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की स्थिति देखी। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं। वहीं फ्रीज में वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक साथ रखा गया था। किचन में साफ-सफाई की स्थिति भी जांची गई। नगर निगम की टीम ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ पहुंची टीम नगर निगम की विशेष टीम 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ बंसल वन पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेस्टोरेंट और बार संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान निगम के जोन और वार्ड प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने एक-एक कर कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए, स्टाफ को लगाई फटकार जांच के दौरान टीम ने भोजन और कोल्ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए। किचन में गंदगी और खाद्य सामग्री के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्टाफ को फटकार लगाई गई। नगर निगम की ओर से मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुसार रखने के निर्देश दिए।
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इंदौर में कार की किस्त को लेकर विवाद, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक के ऑफिस में तोड़फोड़

इंदौर के आजाद नगर इलाके में कार लोन की किस्त को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार युवक किस्त की वसूली के लिए एक ऑफिस पहुंचे और परिवार से विवाद के बाद वहां तोड़फोड़ कर दी। पूरी घटना ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। दो किस्तें बाउंस होने पर पहुंचे थे युवक आजाद नगर पुलिस के मुताबिक, पालदा निवासी शिव पाटिल कैटरिंग का काम करते हैं। वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं और उनके आयोजनों में रसोई व्यवस्था का काम भी करते हैं। पुलिस को दी शिकायत में शिव पाटिल की बेटी संस्कृति ने बताया कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 से 2:10 बजे के बीच प्रणय, आयुष, सुनील और शशिकांत नाम के चार युवक उनके ऑफिस पहुंचे। युवकों ने खुद को पिरामल फाइनेंस एनबीएफसी की ओर से कार लोन की वसूली के लिए आने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कार नंबर MP09ZX7814 की दो किस्तें बाउंस हो गई हैं और बकाया किस्त की राशि जमा करनी होगी। शिव पाटिल ने युवकों से कहा कि बैंक की गलती के कारण किस्त बाउंस हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि कार बेचकर लोन फोरक्लोज करने की प्रक्रिया चल रही है। बातचीत के बाद बढ़ा विवाद शिकायत के मुताबिक, युवक इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और शिव पाटिल, उनकी बेटी संस्कृति और बेटे यशवंत से विवाद करने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान युवकों ने परिवार के सदस्यों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की। इसके बाद युवक दोबारा ऑफिस में पहुंचे और वहां गेट, कंप्यूटर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद संस्कृति ने पुलिस को सूचना दी। CCTV में कैद हुई तोड़फोड़ सूचना मिलने पर आजाद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है। फुटेज में ऑफिस के अंदर हुए विवाद और तोड़फोड़ की घटना रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
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Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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