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Stock Market

Stock Market Crash ग्लोबल संकेतों से टूटा भारतीय बाजार, Sensex 500 अंक गिरा, Nifty भी फिसला

मुंबई, 6 मार्च 2026: शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते Stock Market खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 500 अंक टूट गया, जबकि Nifty 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर दरअसल, गुरुवार को अमेरिका के Dow Jones में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। Middle East Tension से बढ़ी चिंता इसी बीच मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर Iran से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। Crude Oil की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ ही Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। रुपये में कमजोरी भी बनी वजह डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बाजार में थोड़ी कम हो जाती है। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स के कारण है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। अक्सर ऐसी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए नए अवसर भी लेकर आती है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशक बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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South Korea

War Impact on Economy एशिया में हलचल, South Korea Market स्लिप, तेल कीमतों में उछाल

मध्य-पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे हालात गंभीर होते दिख रहे हैं, वैसे-वैसे शेयर बाजारों में अस्थिरता भी बढ़ रही है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और जोखिम भरे सौदों से दूरी बना रहे हैं। South Korea Market Crash: 4% की बड़ी गिरावट दक्षिण कोरिया के Korea Exchange में तेज बिकवाली देखी गई। प्रमुख सूचकांक कोस्पी करीब 4% टूट गया। तेल की कीमतों में उछाल और संभावित सप्लाई संकट की आशंका ने निवेशकों का भरोसा हिलाया है। ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था होने के कारण दक्षिण कोरिया पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। China–Hong Kong: फ्लैट ट्रेडिंग, निवेशक सतर्क चीन के Shanghai Stock Exchange में कारोबार लगभग सपाट रहा। बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई, लेकिन निवेशकों ने इंतजार की रणनीति अपनाई। वहीं हांगकांग के Hong Kong Stock Exchange में भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। साफ है कि एशियाई बाजार फिलहाल हर नई खबर पर नजर रखे हुए हैं। Indian Market Impact: आगे क्या हो सकता है? भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, लेकिन वैश्विक संकेतों को देखते हुए अगला कारोबारी सत्र दबाव में खुल सकता है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और महंगाई बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों के बजट पर पड़ेगा। Crude Oil Surge: दो दिन में 13% की तेजी मध्य-पूर्व वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम केंद्र है। तनाव बढ़ने से आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हुई है। यही वजह है कि दो दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 13% की उछाल दर्ज की गई। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो ऊर्जा कीमतों में और तेजी संभव है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। Market Outlook: निवेशकों के लिए क्या संकेत? फिलहाल बाजार की दिशा भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर है। निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या लंबी अस्थिरता की शुरुआत। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Bazaar Today Sensex 566 और Nifty 152 अंक फिसला, IT Sector में मचा हड़कंप

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। हफ्ते की शुरुआत निवेशकों के लिए झटका लेकर आई। भारतीय शेयर बाजार में आज तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं। दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा और आईटी शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार की रफ्तार और धीमी कर दी। कारोबार के दौरान BSE Sensex 566 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 152 अंक लुढ़क गया। शुरुआती घंटों से ही बाजार में कमजोरी दिखने लगी थी और दोपहर तक गिरावट और गहरी हो गई। क्यों टूटा बाजार? आज की गिरावट के पीछे कई वजहें रहीं, जिनका असर सीधे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा— 1. Global Market Pressure:अमेरिका और एशिया के बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने घरेलू बाजार की धारणा पर असर डाला। 2. IT Stocks में भारी बिकवाली:आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में टेक कंपनियों पर दबाव का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ा। 3. FII Selling:विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में नकदी का प्रवाह कमजोर हुआ। 4. Crude Oil की बढ़ती कीमतें:कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और आर्थिक संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी। निवेशकों पर कितना असर? आज की गिरावट से बाजार पूंजीकरण में भारी कमी आई। लाखों छोटे निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो की वैल्यू घटती देखी। हालांकि, बाजार के जानकार इसे घबराने की स्थिति नहीं मानते। उनका कहना है कि इस तरह की गिरावटें बाजार का हिस्सा होती हैं। अब क्या करें निवेशक? बाजार में उतार-चढ़ाव नया नहीं है, लेकिन समझदारी और धैर्य से लिया गया फैसला ही लंबी दौड़ में फायदा देता है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

US Stock Crash का असर India Markets पर Sensex-Nifty Down, Gold-Silver Up

विश्व के शेयर बाजारों में इस सप्ताह भारी बेचवाली देखने को मिली, जिससे अमेरिका और भारत दोनों के निवेशक चिंतित हैं। अमेरिका में Nasdaq, Dow Jones और S&P 500 में गिरावट आई, जबकि भारत में Sensex और Nifty भी लाल निशान पर बंद हुए। इसी बीच, Gold और Silver ने निवेशकों को राहत देते हुए U-turn लिया और तेजी पकड़ ली। अमेरिका में बाजार गिरावट के कारण नतीजा यह हुआ कि निवेशक Risk-off Sentiment के कारण सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। भारत में असर अमेरिका की गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा। Gold & Silver का U-turn शेयर बाजार की कमजोरी के बीच Gold और Silver निवेशकों के लिए Safe Haven Assets बने। निवेशकों के लिए संदेश निवेशकों को संयम और विवेक के साथ अपने निवेश पर ध्यान देना होगा। Gold और Silver जैसे सुरक्षित विकल्प इस समय संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update Early Trade में Sensex 247 Points Up, Nifty ने दिखाई मजबूती

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत भारतीय शेयर बाजार ने आज की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स (Sensex)247 अंकों की तेजी के साथ करीब 84,300 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 80 अंक चढ़कर 25,950 के आसपास कारोबार करता नजर आया। लगातार तीसरे सत्र में बाजार की यह मजबूती निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। सुबह के सत्र में बाजार में खरीदारी का रुझान साफ नजर आया। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और चुनिंदा स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी हलचल देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही। Stock Market में तेजी के पीछे क्या हैं वजहें? आज की तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बने सकारात्मक माहौल ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सपोर्ट दिया। इसके अलावा हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी ने बाजार को मजबूती प्रदान की है। एशियाई बाजारों में भी आज सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों ने निवेशकों को जोखिम लेने के लिए प्रेरित किया। इन सेक्टर्स और शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा मजबूती शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और पावर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दिग्गज शेयरों में टाइटन, एक्सिस बैंक, टीसीएस, मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, एनटीपीसी और टाटा स्टील बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। इन हैवीवेट शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। निवेशकों के लिए क्या है Market का संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं और विदेशी निवेश का फ्लो जारी रहता है, तो आने वाले सत्रों में भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बाजारों की चाल और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर नजर बनाए रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Today 29 जनवरी Sensex Nifty Updates और Gold Silver की तेजी

आज, 29 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex लगभग 250–300 अंक नीचे और Nifty 50 25,300 के स्तर से नीचे खुला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की नजरें आगामी Union Budget और कंपनियों के तिमाही (Quarterly) रिज़ल्ट्स पर रही। बाजार की प्रमुख चाल ग्लोबल और आर्थिक असर आज की मुख्य खबरें विशेषज्ञों की राय विश्लेषक मानते हैं कि इस समय निवेशक सतर्क रहें। बजट और वैश्विक आर्थिक नीतियों का प्रभाव बाजार पर स्पष्ट दिख रहा है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सावधानी और अवसर का मिश्रण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex-Nifty Market Vodafone Idea, Vedanta और Axis Bank की हलचल

28 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex ने 500–600 अंकों की तेजी दिखाई, जबकि Nifty 50 25,300 के ऊपर कारोबार कर रहा था। शुरुआती बुलिश मूड ने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया और बाजार में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना। आज के प्रमुख मार्केट ड्राइवर्स आज कौन से स्टॉक्स हैं फोकस में? आज लगभग 126 कंपनियां Q3 results घोषित करेंगी, जिनमें BEL, SBI Life, L&T, Maruti शामिल हैं। ये रिपोर्ट्स बाजार के मूड को दिशा देंगी। Global Market Signals Market Insight – निवेशक के लिए आज की शुरुआती तेजी से पता चलता है कि bullish sentiment मजबूत है। निवेशक विशेष रूप से Vodafone Idea, Vedanta, Axis Bank, Bajaj Twins और Q3 रिपोर्ट देने वाली कंपनियों पर नजर रख सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex Crash Today सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, दो दिन में 2000 पॉइंट गिरा; निफ्टी भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,000 अंक टूटकर 81,100 के स्तर तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 200 से 350 अंक तक गिर गया। महज दो दिनों में ही सेंसेक्स लगभग 2,000 अंक नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ दिखने लगा। गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ज्यादातर भावनात्मक और वैश्विक कारणों से जुड़ी हुई है। आम निवेशकों की चिंता कई छोटे निवेशक इस तेज गिरावट से परेशान हैं। एक रिटेल निवेशक का कहना है,“पिछले कुछ महीनों की कमाई दो दिनों में मिट गई। अब समझ नहीं आ रहा कि होल्ड करें या बेच दें।” Sensex Crash Today ने एक बार फिर याद दिला दिया कि शेयर बाजार में उतार–चढ़ाव आम बात है। फिलहाल बाजार पर वैश्विक संकेत, एफआईआई की गतिविधि और कंपनियों के नतीजों का असर बना रहेगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसले लें और लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market गिरा Sensex और Nifty की बड़ी गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जो कुछ हुआ, उसने छोटे-बड़े हर निवेशक को थोड़ा चौंका दिया।सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी दिखने लगी और कुछ ही देर में Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में फिसल गए। जिन निवेशकों को कल तक तेजी की उम्मीद थी, आज उनके चेहरे पर चिंता साफ दिखी। Today’s Market Update: क्या हुआ आज बाजार में? आज के कारोबार में: कुल मिलाकर बाजार में “sell first, think later” वाला माहौल दिखा। आखिर Sensex-Nifty क्यों गिरे? जानिए असली कारण 1. Global Market से आए खराब संकेत अमेरिका और यूरोप के बाजार पहले से दबाव में थे।Trade tension और geopolitical issues ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क बना दिया — और उसका असर सीधा भारत पर दिखा। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली (FII Selling) Foreign investors पिछले कुछ सत्रों से भारतीय शेयर बेच रहे हैं।जब बड़े खिलाड़ी बाहर निकलते हैं, तो बाजार में डर फैलना स्वाभाविक है। 3. कंपनियों के कमजोर नतीजे कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, खासकर IT सेक्टर में।नतीजों ने यह साफ किया कि फिलहाल growth थोड़ी धीमी हो रही है। 4. रुपये की कमजोरी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।इससे न सिर्फ import महंगा होता है, बल्कि foreign investors का भरोसा भी थोड़ा डगमगाता है। 5. अनिश्चित नीतियाँ और टैरिफ डर अमेरिका-यूरोप के बीच टैरिफ विवाद और policy uncertainty ने investors को risk लेने से रोका। कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए? आज गिरावट में सबसे आगे रहे:IT सेक्टर – कमजोर global demand की वजह सेBanking & Finance – profit booking और डर की वजह सेRealty और Media Stocks – भारी बिकवाली के शिकार कुछ defensive शेयरों में थोड़ी मजबूती जरूर दिखी, लेकिन overall mood bearish ही रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update 16 Jan 2026 Sensex-Nifty Today Highlights और Top Movers

आज, 16 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE Sensex ने लगभग 700 पॉइंट्स की बढ़त दर्ज की और Nifty 50 25,800 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों का भरोसा IT और Banking सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से बढ़ा, जबकि बड़ी कंपनियों के तिमाही परिणाम ने बाजार को नई ऊर्जा दी। आज के Market Movers – IT और Tech Stocks की चमक Banking और Financial Stocks भी चमके Other Stocks on Radar Sensex और Nifty Levels Summary – क्या सीखें आज के Market से? 16 जनवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक रहा। आज का दिन यह साबित करता है कि सही सेक्टर और सही स्टॉक्स में निवेश, मार्केट मूड को बदल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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