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IND vs AFG 1st ODI: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया, शुभमन गिल की शानदार पारी

IND vs AFG 1st ODI: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया, शुभमन गिल की शानदार पारी

IND vs AFG के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की। धर्मशाला में खेला गया यह मैच बारिश की वजह से 25-25 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन टीम इंडिया ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 24.5 ओवर में 194 रन बनाए। टीम के लिए रहमनुल्लाह गुरबाज ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा। गुरबाज ने सिर्फ 48 गेंदों में सेंचुरी लगाकर नया रिकॉर्ड भी बनाया। भारत की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान Shubman Gill ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। गिल ने नाबाद 84 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया। उनके अलावा KL Rahul ने भी तेज़ 39 रन की अहम पारी खेली। भारत ने 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में भारत की शुरुआत अच्छी रही, हालांकि एक समय कप्तान Rohit Sharma रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद गिल और ईशान किशन ने पारी संभाली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
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India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FIFA World Cup

FIFA World Cup 2026: Spain बना सबसे बड़ा Favorite, 18 साल के Yamal से कांप रही दुनिया

FIFA World Cup 2026 को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। फुटबॉल फैंस से लेकर एक्सपर्ट्स तक हर कोई यह जानना चाहता है कि इस बार ट्रॉफी किस टीम के हाथ में जाएगी। मौजूदा फॉर्म, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम बैलेंस को देखते हुए Spain national football team को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। स्पेन की ताकत सिर्फ उसकी टीम नहीं, बल्कि 18 साल के युवा स्टार Lamine Yamal भी हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वहीं France national football team को दूसरा सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दूसरी तरफ Lionel Messi की Argentina national football team अब भी टॉप-3 में शामिल है। Spain क्यों माना जा रहा सबसे मजबूत टीम? पिछले कुछ महीनों में स्पेन ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उसने बाकी टीमों की चिंता बढ़ा दी है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार तालमेल देखने को मिल रहा है। मिडफील्ड में रोड्री और पेड्री जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं, जबकि अटैक में Lamine Yamal और निको विलियम्स विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर यमाल की स्पीड और ड्रिब्लिंग ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। फुटबॉल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर स्पेन इसी लय में खेलता रहा, तो 2010 के बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत सकता है। France अब भी खिताब की बड़ी दावेदार France national football team पिछले कई बड़े टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन करती रही है। टीम के पास Kylian Mbappé जैसा स्टार खिलाड़ी है, जो अकेले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्क्वॉड डेप्थ मानी जा रही है। डेम्बेले, कैमाविंगा और माइकल ओलिसे जैसे खिलाड़ी टीम को और संतुलित बनाते हैं। यही वजह है कि फ्रांस को इस बार दूसरा सबसे बड़ा Contender माना जा रहा है। Messi की Argentina को हल्के में नहीं आंक सकते डिफेंडिंग चैंपियन Argentina national football team इस बार तीसरे नंबर पर जरूर मानी जा रही है, लेकिन टीम को कमजोर समझना बड़ी गलती हो सकती है। Lionel Messi भले ही अपने करियर के आखिरी दौर में हों, लेकिन बड़े मैचों में उनका अनुभव अब भी अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत है। टीम में जूलियन अल्वारेज, एंजो फर्नांडीज और मैक एलिस्टर जैसे युवा खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जो किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं। फुटबॉल फैंस की नजरें खासतौर पर इस बात पर रहेंगी कि क्या मेसी अपने आखिरी वर्ल्ड कप में फिर कोई जादुई कहानी लिख पाएंगे। Brazil और England भी रेस में Brazil national football team हमेशा की तरह इस बार भी खतरनाक नजर आ रही है। युवा खिलाड़ियों के दम पर टीम वापसी की कोशिश करेगी। वहीं England national football team के पास जूड बेलिंघम, हैरी केन और फोडेन जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जो इंग्लैंड को मजबूत बनाते हैं। FIFA World Cup 2026 के टॉप दावेदार Yamal बन सकते हैं टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्टार 18 साल के Lamine Yamal पर इस बार पूरी दुनिया की नजरें रहने वाली हैं। जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज में वह खेल रहे हैं, उसे देखकर कई एक्सपर्ट्स उन्हें आने वाले समय का सबसे बड़ा फुटबॉल सुपरस्टार मान रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Spain अपनी शानदार फॉर्म को वर्ल्ड कप में भी जारी रख पाएगा, या फिर Messi और Mbappé जैसे दिग्गज एक बार फिर इतिहास रच देंगे।
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Jaspal Rana

Shooting Star Jaspal Rana नहीं रहे, Commonwealth Games में जीते थे 9 Gold Medal

भारतीय खेल जगत से शुक्रवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। देश के मशहूर शूटर और कोच Jaspal Rana अब हमारे बीच नहीं रहे। 49 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। जैसे ही यह खबर सामने आई, शूटिंग से लेकर पूरे स्पोर्ट्स वर्ल्ड में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF Shooting World Cup से लौटते वक्त फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन की खबर ने हर उस खिलाड़ी को भावुक कर दिया, जिसने कभी उनसे प्रेरणा ली थी। Commonwealth Games में जीते थे 9 Gold Medal Jaspal Rana भारतीय शूटिंग के उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने देश को कई बार गर्व महसूस कराया। उन्होंने Commonwealth Games में कुल 15 मेडल अपने नाम किए थे, जिनमें 9 गोल्ड मेडल शामिल हैं। यही वजह है कि उन्हें भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में गिना जाता है। Asian Games और कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उनकी तेज नजर, शांत स्वभाव और जबरदस्त फोकस उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता था। शूटिंग में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें Arjuna Award, Padma Shri और Dronacharya Award से सम्मानित किया था। Manu Bhaker की सफलता के पीछे था जसपाल राणा का हाथ खिलाड़ी के तौर पर शानदार करियर बनाने के बाद Jaspal Rana ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को तैयार किया, लेकिन Olympian Manu Bhaker के साथ उनका रिश्ता सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। Paris Olympics 2024 में जब मनु भाकर ने भारत के लिए मेडल जीते, तब उन्होंने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपने कोच जसपाल राणा को दिया था। दोनों के बीच कभी मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने साथ मिलकर भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाई तक पहुंचाया। PM Modi समेत कई दिग्गजों ने जताया दुख प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Jaspal Rana के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि भारतीय खेल जगत ने एक शानदार खिलाड़ी और बेहतरीन कोच को खो दिया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh, ओलंपिक चैंपियन Abhinav Bindra और कई खिलाड़ियों ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। खेल जगत से जुड़े लोग उन्हें सिर्फ एक शूटर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को दिशा देने वाले गुरु के रूप में याद कर रहे हैं। हमेशा याद रहेंगे Jaspal Rana Jaspal Rana ने सिर्फ मेडल ही नहीं जीते, बल्कि भारतीय शूटिंग को नई पहचान दिलाई। उन्होंने अपने अनुभव और मेहनत से कई युवा खिलाड़ियों का भविष्य संवारा। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन शूटिंग रेंज में उनकी मेहनत, उनका संघर्ष और देश के लिए जीते गए मेडल हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FIFA World Cup 2026: पहले ही दिन भारत में फैंस हुए परेशान, स्ट्रीमिंग में दिखी बड़ी दिक्कतें

फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 की शुरुआत का इंतजार भारतीय फैंस ने बड़ी उत्सुकता के साथ किया था। कई लोग रात भर जागकर पहले मैच को देखने के लिए तैयार थे, लेकिन शुरुआत में ही उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। स्ट्रीमिंग में आई तकनीकी दिक्कतें मैक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए ओपनिंग मैच के दौरान दर्शकों को लगातार बफरिंग, ऐप क्रैश और वीडियो रुकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। फैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर की और कहा कि जिस तरह से उन्होंने मैच देखने की योजना बनाई थी, वह पूरी तरह बिगड़ गई। प्राइसिंग और एक्सेस को लेकर भी नाराज़गी कई यूजर्स ने स्ट्रीमिंग सर्विस की कीमतों और एक्सेस सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि महंगे सब्सक्रिप्शन के बावजूद भी उन्हें सही क्वालिटी में मैच नहीं मिल पाया। सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा ट्विटर (X) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैंस ने लिखा कि इतने बड़े इवेंट में इस तरह की तकनीकी समस्याएं बेहद निराशाजनक हैं। कई लोगों ने इसे “खराब शुरुआत” बताया। प्लेटफॉर्म पर दबाव मैच की लाइव स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध थी, लेकिन भारी ट्रैफिक और तकनीकी खामियों के कारण यूजर्स को लगातार परेशानी झेलनी पड़ी।
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FIFA World Cup

FIFA World Cup 2026: फुटबॉल का महासंग्राम! Messi-Ronaldo क्लैश और बड़ी टीमों की टक्कर तय

दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट FIFA World Cup एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार माहौल पहले से ज्यादा गर्म है क्योंकि 48 टीमें, करोड़ों फैंस और दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी इसे अब तक का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट बना रही है। और सबसे बड़ा सवाल —क्या फिर से आमने-सामने होंगे Messi और Ronaldo? FIFA 2026 के सबसे चर्चित मुकाबले (Expected Highlights) Argentina vs Brazil — जून 2026France vs Portugal — जून 2026England vs Germany — जून 2026 हर मैच में सुपरस्टार्स और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलेगा। स्टार खिलाड़ी जो बदल सकते हैं पूरा खेल 🇦🇷 Argentina 🇧🇷 Brazil 🇫🇷 France 🇵🇹 Portugal क्यों खास है FIFA World Cup 2026? इस बार इतिहास बदलने वाला है: पहली बार 48 टीमेंUSA, Canada और Mexico में आयोजनज्यादा मैच = ज्यादा रोमांचनए युवा खिलाड़ियों का बड़ा मौका क्या यह सबसे बड़ा FIFA World Cup होगा? फुटबॉल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह टूर्नामेंट: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hardik Pandya

Team India को बड़ा झटका: Hardik Pandya चोटिल होकर Afghanistan ODI Series से बाहर

भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली वनडे सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही उन्हें फिट घोषित किया गया था, लेकिन फिटनेस टेस्ट के दौरान फिर से परेशानी सामने आ गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक पंड्या को फिटनेस ड्रिल के दौरान जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ। मेडिकल टीम ने तुरंत उनका स्कैन कराया, जिसमें हल्की चोट की पुष्टि हुई। इसके बाद बीसीसीआई ने कोई जोखिम न लेते हुए उन्हें आराम देने का फैसला किया। टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं हार्दिक? टीम इंडिया के लिए यह खबर इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि पिछले कुछ समय से हार्दिक लगातार चोटों से जूझते रहे हैं। जब भी वह मैदान पर लौटते हैं, टीम का संतुलन मजबूत नजर आता है। बल्लेबाजी में तेज रन बनाने के साथ-साथ गेंदबाजी में भी वह कप्तान के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। हार्दिक के बाहर होने से भारतीय टीम की रणनीति में बदलाव तय माना जा रहा है। मिडिल ऑर्डर में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और डेथ ओवर में गेंदबाजी की कमी टीम को महसूस हो सकती है। एक दिन पहले ही हुए थे फिट घोषित एक दिन पहले तक तस्वीर बिल्कुल अलग थी। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हार्दिक ने पूरा फिटनेस टेस्ट पास किया था। उन्होंने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में हिस्सा लिया था, जिसके बाद टीम मैनेजमेंट ने राहत की सांस ली थी। लेकिन आखिरी समय में आई इस चोट ने सारी तैयारियों पर असर डाल दिया। विराट कोहली पहले ही हैं बाहर इस बीच भारत को एक और झटका Virat Kohli के रूप में पहले ही लग चुका है। विराट भी चोट के चलते इस सीरीज से बाहर हैं। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। अब किसे मिलेगा मौका? अब फैंस की नजर इस बात पर है कि हार्दिक पंड्या की जगह टीम इंडिया किस खिलाड़ी पर भरोसा जताती है। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट किसी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर को स्क्वॉड में शामिल कर सकता है ताकि टीम का संतुलन बना रहे। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। यह सीरीज 2027 ODI World Cup की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।
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India

India A Crisis से बाहर, Gaikwad और Tilak की शानदार Partnership ने बदला मैच का रुख

India-A और Sri Lanka-A के बीच खेली जा रही ट्राई नेशन वनडे सीरीज का मुकाबला अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। दांबुला में खेले जा रहे इस मैच में इंडिया-ए की शुरुआत भले ही खराब रही हो, लेकिन कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा की समझदारी भरी बल्लेबाजी ने टीम को फिर से मुकाबले में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। मैच की शुरुआत में भारतीय टीम पर दबाव साफ नजर आया। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गए, जिससे टीम को पहला बड़ा झटका लगा। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। वहीं प्रियांश आर्य अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन रन आउट होने के कारण उनकी पारी जल्दी खत्म हो गई। गायकवाड़ और तिलक ने संभाली पारी तीन विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि इंडिया-ए मुश्किल में फंस सकती है, लेकिन कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने तिलक वर्मा के साथ मिलकर पारी को संभाला और धीरे-धीरे रन गति को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच शानदार फिफ्टी पार्टनरशिप देखने को मिली, जिसने भारतीय टीम को राहत दी। गायकवाड़ ने मैदान पर धैर्य और अनुभव का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। दूसरी ओर तिलक वर्मा ने भी संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए कप्तान का पूरा साथ निभाया। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ स्मार्ट क्रिकेट खेलते हुए स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया। युवा खिलाड़ियों पर टिकी सभी की नजर यह मुकाबला ट्राई नेशन सीरीज के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस टूर्नामेंट में भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए की टीमें हिस्सा ले रही हैं। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि यही खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। अब क्रिकेट फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गायकवाड़ और तिलक की यह साझेदारी इंडिया-ए को कितने बड़े स्कोर तक पहुंचा पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Team India

Team India vs Afghanistan Test: न्यू चंडीगढ़ में भारत की रिकॉर्ड जीत, पारी और 300 रन से मिली बड़ी सफलता

न्यू चंडीगढ़ में खेले गए टेस्ट मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के बड़े अंतर से हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह मुकाबला पूरी तरह से भारत के नाम रहा, जहां बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक हर विभाग में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत की दमदार बल्लेबाजी ने रखी मजबूत नींव मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक और संयमित दोनों तरह का खेल दिखाया। टॉप ऑर्डर ने मजबूत शुरुआत दी, जबकि मिडिल ऑर्डर ने लंबी साझेदारियों के जरिए स्कोर को विशाल स्तर तक पहुंचाया। अफगान गेंदबाज पूरे मैच में कोई खास असर नहीं डाल सके। Afghanistan की दोनों पारियों में संघर्ष बड़े स्कोर के दबाव में अफगानिस्तान की टीम दोनों पारियों में पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार लाइन और लेंथ पर दबाव बनाकर विकेट निकालते रहे और विपक्षी टीम को कभी भी सेट होने का मौका नहीं दिया। Human Suthar का कहर: 7 विकेट हॉल से टूटी Afghanistan की कमर इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहे युवा स्पिनर मानव सुथार, जिन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को पूरी तरह परेशान कर दिया। उन्होंने 7 विकेट झटककर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। Team India की इस जीत का महत्व पारी और 300 रनों से मिली यह जीत भारत की टेस्ट क्रिकेट में गहराई और मजबूती को दर्शाती है। यह साफ दिखाता है कि टीम इंडिया घरेलू परिस्थितियों में कितनी प्रभावशाली और संतुलित है, जहां युवा और अनुभवी खिलाड़ी मिलकर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। न्यू चंडीगढ़ टेस्ट की यह जीत भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक यादगार पल बन गई है। यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए टीम इंडिया का मजबूत संदेश है कि वह हर फॉर्मेट में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए तैयार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत

India vs Afghanistan Test: चंडीगढ़ में भारत का दबदबा, दूसरी पारी में भी गिरे 4 विकेट

चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह पकड़ बना ली है। मैच के हर सेशन में भारत का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जबकि अफगानिस्तान की टीम लगातार मुश्किलों में घिरती जा रही है। पहली पारी में अफगानिस्तान की खराब बल्लेबाजी पहली पारी में अफगानिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह फेल रही और पूरी टीम सिर्फ 152 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ से दबाव बनाए रखा, जिसके चलते अफगान बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाए। भारत ने कराया फॉलोऑन भारत ने बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। इसके बाद भी अफगानिस्तान की मुश्किलें कम नहीं हुईं और दूसरी पारी में भी टीम दबाव में दिखी। दूसरी पारी में भी गिरे जल्दी विकेट दूसरी पारी में अफगानिस्तान के 4 बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए। भारतीय गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार दबाव बनाए रखा और किसी भी बल्लेबाज को सेट नहीं होने दिया। सुंदर और भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन इस दौरान वाशिंगटन सुंदर ने अहम विकेट लेते हुए रहमत शाह को आउट किया। वहीं कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी को भी शानदार कैच के जरिए पवेलियन लौटना पड़ा। इन झटकों के बाद अफगानिस्तान की स्थिति और कमजोर हो गई। मैच पूरी तरह भारत के नियंत्रण में अफगानिस्तान की टीम अभी भारत से 319 रन पीछे चल रही है और मैच पूरी तरह भारतीय टीम के नियंत्रण में नजर आ रहा है। अगर इसी तरह विकेट गिरते रहे तो भारत जल्द ही यह टेस्ट मुकाबला अपने नाम कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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