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China Rare Earth Policy 2025 कैसे बदलेगी Global Supply Chain

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बीजिंग, 9 अक्टूबर 2025: China ने Rare Earth Elements (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू कर दिए हैं। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने इस कदम को “राष्ट्रीय सुरक्षा” की रक्षा के लिए जरूरी बताया है। यह नीति अप्रैल 2025 में लागू नियमों से भी अधिक सख्त है और इसका असर वैश्विक व्यापार और तकनीकी उद्योग पर महसूस होगा।

नए Export Control के मुख्य बिंदु

  • विदेशी कंपनियों को अब किसी भी वस्तु के निर्यात के लिए विशेष Permit लेना अनिवार्य होगा, जिसमें Chinese Rare Earth या उसकी तकनीक का इस्तेमाल हो।
  • यह नियम Rare Earth Mining, Smelting, Recycling और Magnet Production से जुड़ी सभी तकनीकों पर लागू होगा।
  • चीनी कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ Joint Venture करने से पहले सरकार की अनुमति लेंगी।
  • Chinese-made Components या Equipment का उपयोग करने वाली कंपनियों को Export License लेना होगा।

Global Impact

China वैश्विक Rare Earth Market का लगभग 70% Mining, 90% Processing और 93% Magnet Manufacturing नियंत्रित करता है। इस कदम से Global Supply Chain में व्यवधान आएगा, खासकर Defense, Semiconductor और High-Tech Industries में।

कंपनियां अब Alternative Sources और Advanced Technologies की तलाश कर रही हैं, ताकि Rare Earth पर चीन की निर्भरता कम की जा सके।

Geopolitical और Trade Implications

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम China की Rare Earth Diplomacy का हिस्सा है, जो वैश्विक तकनीकी और भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन पर असर डालेगा। इस नीति का असर आने वाले वर्षों में Technology, Trade और Defense Sectors में देखा जाएगा।

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Yukta

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RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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