दशहरा (Dussehra), जिसे विजयदशमी (Vijayadashami) भी कहा जाता है, भारत का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म और सत्य की स्थापना की थी। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी दशहरा बड़े उत्साह और भक्ति भाव से मनाया जाता है।
भारत (India) में दशहरा उत्सव
भारत में दशहरा अलग-अलग राज्यों में अपनी विशिष्ट परंपराओं के साथ मनाया जाता है—
- उत्तर भारत (North India) : यहां रावण दहन मुख्य आकर्षण होता है। बड़े-बड़े मैदानों में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतले जलाए जाते हैं और आतिशबाजी से वातावरण गूंज उठता है।
- पश्चिम बंगाल (West Bengal) : दशहरा यहां दुर्गा पूजा के समापन का प्रतीक है। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है और महिलाएं “सिंदूर खेला” में एक-दूसरे को शुभकामनाएं देती हैं।
- महाराष्ट्र और गुजरात (Maharashtra & Gujarat) : इस दिन लोग “आपटा के पत्ते” (स्वर्ण का प्रतीक) बांटकर शुभकामनाएं देते हैं। नवरात्रि के गरबा और डांडिया भी पूरे उत्साह से चलते हैं।
- दक्षिण भारत (South India) : मैसूर दशहरा विश्व प्रसिद्ध है। यहां हाथियों की भव्य शोभायात्रा, राजसी जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस पर्व को खास बनाते हैं।
अन्य देशों (Other Countries) में दशहरा
- नेपाल (Nepal) : यहां इसे “दशैं” कहा जाता है। देवी दुर्गा की पूजा होती है और बुजुर्ग अपने छोटे-बड़ों को टीका और जमरा (हरे पौधे) देकर आशीर्वाद देते हैं।
- श्रीलंका (Sri Lanka) : दशहरा यहां रामायण से जुड़ी कथाओं और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है।
- मलेशिया, सिंगापुर और मॉरीशस : भारतीय प्रवासी समुदाय रावण दहन, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।
- त्रिनिदाद और फीजी (Trinidad & Fiji) : यहां भी भारतीय मूल के लोग दशहरे की परंपरा निभाते हुए पूजा, नाटक और रावण दहन करते हैं।
दशहरे का संदेश (Message of Dussehra)
दशहरा हमें यह सिखाता है कि सत्य की जीत हमेशा होती है और बुराई का अंत निश्चित है। चाहे भारत हो या विदेश, यह त्योहार भारतीय संस्कृति को जोड़कर रखता है और हमें अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और लालच जैसे “रावण” को खत्म करने की प्रेरणा देता है।
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