भारत में हर साल पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाने वाला Ganesh Chaturthi 2025 (गणेश चतुर्थी 2025) इस बार भी भक्तों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आएगा। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता कहा जाता है और हर शुभ कार्य की शुरुआत उनकी पूजा से ही होती है।
Ganesh Chaturthi 2025 का महत्व
- गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है।
- मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था।
- उन्हें बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना जाता है।
- Ganesh Festival को महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- गणेश चतुर्थी शुरू: 27 अगस्त 2025, सुबह 11:20 बजे
- गणेश चतुर्थी समाप्त: 28 अगस्त 2025, सुबह 09:40 बजे
- मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त: 27 अगस्त को दोपहर 12:00 बजे से 02:30 बजे तक सबसे उत्तम
गणेश चतुर्थी कैसे मनाई जाती है?
- घर और पंडालों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाती है।
- 10 दिनों तक पूजा, आरती और भजन-कीर्तन होता है।
- मोदक और लड्डू भगवान गणेश का प्रिय भोग माने जाते हैं।
- अंतिम दिन धूमधाम से Ganesh Visarjan किया जाता है और गूंज उठता है – “Ganpati Bappa Morya, Pudhchya Varshi Lavkar Ya!”
Eco-Friendly Ganesh Chaturthi 2025
आजकल लोग प्रकृति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Eco-Friendly Ganesh Chaturthi मना रहे हैं।
- मिट्टी की मूर्तियां पानी में आसानी से घुल जाती हैं और प्रदूषण नहीं फैलातीं।
- फूलों और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियों की मांग बढ़ रही है।
- इससे उत्सव भी हर्षोल्लास से मनता है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
गणेश चतुर्थी का सामाजिक महत्व
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गणेशोत्सव को जन-आंदोलन से जोड़ा था। यही कारण है कि आज यह उत्सव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
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