India women’s ice hockey team, IIHF Asia Cup 2025, Ice Hockey India
भारत की बेटियों का ‘हिम’कालीन कारनामा, इतिहास में दर्ज हुई जीत
UAE के अल ऐन शहर में, जहाँ रेत और गर्मी की पहचान है, वहीं बर्फ़ पर तैरते भारतीय जज़्बे ने इतिहास रच दिया। भारत की महिला आइस हॉकी टीम ने IIHF Asia and Oceania Championship 2025 में पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतकर वो कर दिखाया, जो आज से कुछ साल पहले सपना भी नहीं लगता था।
संघर्ष से सम्मान तक – ब्रॉन्ज़ मेडल का कारवां
टीम इंडिया ने फिलीपींस, UAE, ईरान, मलेशिया और किर्गिस्तान जैसी टीमों को टक्कर दी और दमदार खेल दिखाते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि हिम्मत, जुनून और भरोसे की मिसाल है। Ice Hockey और India? हां, अब यह संभव है!
भारत में जहां क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की बात होती है, वहां Ice Hockey का नाम तक कम सुना जाता है। लेकिन लेह और लद्दाख की बेटियों ने एक नई शुरुआत की है। इन्हीं लड़कियों ने अपने संसाधन खुद बनाए, सोशल मीडिया से फंड जुटाया, और बर्फ़ की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद किया।
खिलाड़ियों की प्रेरणादायक बातें
“हमने सिर्फ़ मैच नहीं खेला, हमने रास्ता बनाया।“
टीम की कप्तान डोलकर लोंगदेन ने यह शब्द बोले तो पूरे देश को उनके संघर्ष की झलक मिली। इन लड़कियों ने सिर्फ विरोधी टीमों को नहीं, बल्कि सिस्टम की चुप्पी, समाज की उम्मीदों और सुविधाओं की कमी को भी हराया।
भारत सरकार और खेल मंत्रालय को अब क्या करना चाहिए?
यह जीत सिर्फ़ एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि नीति-निर्माताओं को एक संदेश है कि भारत की बेटियाँ कुछ भी कर सकती हैं — बस उन्हें सही समर्थन चाहिए। उम्मीद है कि अब सरकार इस खेल को राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कैटेगरी में लाने पर विचार करेगी।
