इंफाल Manipur एक बार फिर तनाव की चपेट में आ गया है। CBI द्वारा Meitei ग्रुप Arambai Tenggol के सदस्य और पूर्व हेड कांस्टेबल कानन सिंह को गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरे राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस गिरफ़्तारी ने राज्य में Protest, Violence, Curfew और Internet Ban जैसी आपात स्थिति खड़ी कर दी है।
क्या हुआ Manipur में?
- रविवार (8 जून 2025) को CBI ने कानन सिंह और चार अन्य को पिछले साल की जातीय हिंसा के मामले में अरेस्ट किया।
- इस कार्रवाई के बाद इंफाल और अन्य जिलों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
- प्रदर्शनकारियों ने CRPF की बस को आग के हवाले कर दिया और याइरीपोक पुलिस पोस्ट को घेर लिया।
- पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें 11 लोग घायल हो गए।
क्या कदम उठाए सरकार ने?
- इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, ककचिंग और बिष्णुपुर में तुरंत कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
- इन पांच जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवा 5 दिन के लिए बंद कर दी गई है।
- प्रशासन ने कहा है कि यह निर्णय अफवाहों और उकसावे वाली सोशल मीडिया गतिविधियों को रोकने के लिए लिया गया है।
Arambai Tenggol की मांगें
- संगठन ने CBI की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है।
- सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की गई है।
- साथ ही पूरे राज्य में 10 दिन के बंद (Statewide Shutdown) का ऐलान किया गया है।
- प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने आत्मदाह की धमकी तक दे दी, जिससे हालात और भी तनावपूर्ण हो गए।
राजनीति और प्रशासन का रुख
- राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों और विधायकों के साथ आपात बैठक की।
- भाजपा विधायक एल. इबोमचा ने कहा कि Arambai Tenggol संगठन राहत कार्यों में सक्रिय रहा है और यह गिरफ़्तारी संगठन के खिलाफ नहीं है।
- कांग्रेस MLA ओ. सुरजकुमार ने CBI की कार्रवाई को “एकतरफा” और “भड़काऊ” बताया।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
