Manipur में जातीय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने President Rule (राष्ट्रपति शासन) को 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह शासन 13 अगस्त 2025 से 13 फरवरी 2026 तक लागू रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्यसभा में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे जल्द ही संसद की मंजूरी मिलने की संभावना है।
क्यों बढ़ाना पड़ा राष्ट्रपति शासन?
- Meitei और Kuki समुदाय के बीच 2023 से जारी हिंसा में अब तक 250+ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 60,000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं।
- राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री N. Biren Singh ने फरवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।
- केंद्र सरकार के अनुसार, अब भी law and order की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
Ground Reality: झड़पें, हथियार, और गिरफ्तारी
- हाल ही में Tamenglong जिले में कुकी उग्रवादी गुटों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई।
- सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर, चुराचांदपुर और इम्फाल जैसे इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर हथियार और विस्फोटक जब्त किए हैं।
- हिंसा भले कम हुई हो, लेकिन सामाजिक तनाव और अविश्वास अब भी गहराया हुआ है।
Manipur राजनीतिक समीकरण
- कुछ Meitei विधायक राज्य में निर्वाचित सरकार की बहाली की मांग कर रहे हैं।
- वहीं Kuki और Zo समुदाय के विधायक अलग “प्रशासनिक ढांचे” या केंद्रशासित प्रदेश की मांग कर रहे हैं।
- इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के सामने गंभीर राजनीतिक चुनौती बनी हुई है।
वर्तमान प्रशासन
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| राष्ट्रपति शासन लागू | 13 फरवरी 2025 |
| नई अवधि | 13 अगस्त 2025 – 13 फरवरी 2026 |
| कारण | जातीय हिंसा, CM इस्तीफा, प्रशासनिक विफलता |
| वर्तमान गवर्नर | अजय कुमार भल्ला |
| मुख्य मांगें | Meitei: चुनी हुई सरकार, Kuki: अलग प्रशासन |
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