Odisha के एक कॉलेज में छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कॉलेज प्रशासन ने जिस छात्रा को सस्पेंड किया था, उसके खिलाफ 71 छात्रों ने प्रबंधन को लिखित शिकायत दी थी। इन छात्रों ने आरोप लगाया था कि वह क्लास में माहौल खराब कर रही थी।
लेकिन जब छात्रा की मौत के बाद मामला गरमाया, तो BJD और कांग्रेस नेताओं पर परिजनों ने दबाव बनाने का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि राजनीतिक दलों ने FIR वापस लेने के लिए कहा, जिससे उन्हें न्याय की उम्मीद टूटती नजर आ रही है।
क्या है मामला?
यह घटना ओडिशा के भुवनेश्वर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज की है। मृतक छात्रा कुछ दिनों पहले ही सस्पेंड हुई थी। सस्पेंशन से पहले 71 छात्रों ने एकजुट होकर कॉलेज प्रबंधन को शिकायत दी थी, जिसमें लिखा गया था कि वह अन्य छात्रों को डिस्टर्ब कर रही है और अनुशासनहीन व्यवहार कर रही है।
छात्रा के परिजनों ने साफ कहा है कि उनकी बेटी मानसिक दबाव में थी, और सस्पेंशन ने उसे तोड़ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने FIR वापस लेने का दबाव डाला, ताकि कॉलेज और अन्य जिम्मेदार लोग बच सकें।
इस मामले ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग “Justice for Student” हैशटैग के साथ आवाज उठा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं – अगर 71 छात्रों ने शिकायत की थी, तो छात्रा को सपोर्ट क्यों नहीं मिला? और FIR वापस क्यों ली गई?
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