संसद में Operation Sindoor पर सियासी घमासान शुरू
संसद के मानसून सत्र में सोमवार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor Debate) पर 16 घंटे की मैराथन बहस शुरू हुई। यह बहस 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के जवाबी कदम पर केंद्रित है। सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, जिससे संसद में माहौल गरमाया हुआ है।
सरकार का दावा: ऑपरेशन सिंदूर 100% सफल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मापा हुआ (Measured) और गैर-उत्तेजक (Non-Escalatory) हमला किया। उन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स और प्रिसाइज प्लानिंग के कारण सभी लक्ष्य मिनटों में हासिल कर लिए गए। पाकिस्तान ने बाद में युद्धविराम का अनुरोध किया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस को सैनिकों की बहादुरी का उत्सव बताते हुए कहा कि यह संदेश साफ है – भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
विपक्ष का पलटवार: इंटेलिजेंस फेल्योर और जवाबदेही
कांग्रेस और विपक्षी INDIA Bloc ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पहलगाम हमला सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी का नतीजा है। विपक्ष ने मांग की कि पीएम मोदी संसद में आकर सीधा जवाब दें।
साथ ही बिहार में मतदाता सूची संशोधन (SIR) और डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर बयान का मुद्दा भी उठाया गया।
कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत कुछ सांसदों ने पार्टी की लाइन से अलग हटकर बहस में हिस्सा लेने से मना कर दिया।
संसद में हंगामा, कई बार कार्यवाही स्थगित
विपक्षी नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
आगे की रणनीति
- मंगलवार को राज्यसभा में 16 घंटे तक बहस जारी रहेगी।
- गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी सरकार का पक्ष रखेंगे।
- विपक्ष की ओर से अखिलेश यादव, गौरव गोगोई सहित कई नेता सरकार से कड़े सवाल पूछेंगे।
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