पंजाब की राजनीति में सोमवार को उस वक्त बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ED की यह कार्रवाई चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई शहरों में की गई, जिसके बाद राज्य की सियासत गर्मा गई है।
किन आरोपों में हुई ED की कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला कथित मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी GST बिलिंग और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ कंपनियों के जरिए बड़े स्तर पर फर्जी मोबाइल फोन ट्रेडिंग और एक्सपोर्ट दिखाकर वित्तीय गड़बड़ी की गई।
ED अधिकारियों ने रेड के दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी पिछले कुछ समय से इस नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी और शुरुआती जांच में कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए थे।
Kejriwal ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विपक्षी नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है, हम मजबूती से मुकाबला करेंगे।”
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में AAP सरकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब भी विपक्ष मजबूत होता है, तब केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो जाती है।
BJP ने क्या कहा?
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि ED कानून के तहत काम कर रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी का कहना है कि जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र तरीके से करने देना चाहिए।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस रेड का असर आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है। फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी आने वाले समय में कुछ और बड़े खुलासे कर सकती है।
पंजाब में ED की इस कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीति और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आगे क्या निकलकर सामने आता है।
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