कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ भारतीय सेना पर दिए गए बयान को लेकर चल रहे मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लखनऊ की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा – “अगर आप True Indian हैं तो ऐसा बयान नहीं देंगे।”
मामला कैसे शुरू हुआ?
- दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान Rahul Gandhi ने बयान दिया था कि “चीन की सेना हमारे जवानों को पीट रही है और सरकार चुप है।”
- इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के रिटायर्ड डायरेक्टर और कर्नल रैंक के अधिकारी उदय शंकर श्रीवास्तव ने फरवरी 2025 में लखनऊ MP-MLA कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया।
हाईकोर्ट का फैसला
- Rahul Gandhi ने केस को खारिज करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- मई 2025 में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि “Freedom of Speech का मतलब यह नहीं कि भारतीय सेना की मानहानि की जाए।”
जमानत और अगली सुनवाई
- हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर जुलाई 2025 में राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट में पेश होना पड़ा।
- कोर्ट ने उन्हें ₹20,000 के निजी मुचलके पर जमानत दी और अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- 4 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई।
- साथ ही कहा कि “देशभक्त नागरिक अपनी Army के खिलाफ ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकता।”
राजनीतिक असर
- यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्म है क्योंकि बयान गलवान घाटी में भारत-चीन विवाद से जुड़ा था।
- बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस को लगातार घेर रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार से जवाब मांगा था।
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