रूस के दिमित्री मेदवेदेव (Dmitry Medvedev) ने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को चेतावनी दी है कि अगर पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका, रूस के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई जारी रखते हैं, तो यह स्थिति World War 3 (तीसरे विश्व युद्ध) में बदल सकती है।
Trump की टिप्पणी पर रूस की तीखी प्रतिक्रिया
हाल ही में ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करना व्लादिमीर पुतिन की “भयानक गलती” थी और उन्होंने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने की जरूरत बताई। इसके जवाब में मेदवेदेव ने कहा कि:
“हमें उम्मीद है कि ट्रम्प जैसे नेता यह समझेंगे कि रूस के खिलाफ लगातार भड़काऊ बयानबाजी और सैन्य सहयोग दुनिया को एक बड़े युद्ध की ओर ले जा सकती है।”
Regarding Trump's words about Putin "playing with fire" and "really bad things" happening to Russia. I only know of one REALLY BAD thing — WWIII. I hope Trump understands this!
रूस का कहना है कि अमेरिका और नाटो (NATO) देश यूक्रेन को हथियार और समर्थन देकर इस युद्ध को अनावश्यक रूप से खींच रहे हैं। मेदवेदेव की यह चेतावनी सीधे तौर पर पश्चिमी देशों को दी गई है कि अगर रूस को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा, तो उसका जवाब भी बेहद गंभीर होगा।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा सत्र को लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के अब सिर्फ चार दिन बचे हैं, इसलिए विधानसभा का सत्र भी चार दिन का ही रखा गया है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने सरकार के कामकाज और विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर सवाल खड़े किए। विधानसभा सत्र को लेकर अखिलेश का तंज अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा का सत्र महज चार दिन का होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे सरकार के बचे हुए कार्यकाल से जोड़ते हुए कहा कि जब सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे हैं, तो विधानसभा सत्र भी चार दिन का रखा गया है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठाती रही है। सरकार पर कामकाज को लेकर सवाल सपा प्रमुख ने सरकार के कामकाज पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि विधानसभा सत्र जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अहम मंच होता है। ऐसे में सत्र की अवधि कम होने से विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए सीमित समय मिल सकता है। अखिलेश यादव ने सरकार से जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देने की मांग भी की। यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज अखिलेश यादव के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, रोजगार, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दे उठ सकते हैं। अब देखना होगा कि विधानसभा में विपक्ष किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है और सरकार की ओर से इन सवालों पर क्या जवाब दिया जाता है। विधानसभा सत्र पर सबकी नजर उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा सत्र को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम अवधि के इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। इसी वजह से वह 15 अगस्त से शुरू होने वाली श्रीलंका टेस्ट सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। बुमराह की गैरमौजूदगी टीम इंडिया के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है। वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं और मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी अहम रही है। घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबरे बुमराह जानकारी के मुताबिक बुमराह अभी अपनी चोट से पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाए हैं। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। ऐसे में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से आराम देने का फैसला किया गया है। बुमराह की फिटनेस पर टीम इंडिया की मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है। उनका लक्ष्य पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी करना है। 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने वाली है। सीरीज में बुमराह के नहीं खेलने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी दूसरे तेज गेंदबाजों पर बढ़ जाएगी। बुमराह की जगह टीम में किस खिलाड़ी को मौका मिलता है, यह भी देखने वाली बात होगी। युवा गेंदबाजों के पास अब खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा। टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका बुमराह की गैरमौजूदगी भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में उनका अनुभव और गेंदबाजी दोनों टीम को मजबूती देते हैं। नई गेंद से विकेट लेने के साथ-साथ वह पुरानी गेंद से भी प्रभावी साबित होते हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को उनके बिना नई रणनीति के साथ उतरना होगा।
भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसी बीच वह आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान हार्दिक का नया लुक भी चर्चा में रहा। उन्होंने सिर मुंडवाया हुआ था। मंदिर दर्शन के दौरान हार्दिक के साथ महिका शर्मा भी नजर आईं। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विजिट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नए लुक में नजर आए हार्दिक तिरुपति बालाजी के दर्शन के दौरान हार्दिक पंड्या पूरी तरह अलग अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने सिर मुंडवाया हुआ था और मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार दर्शन किए। हार्दिक के फैंस के बीच उनका यह नया लुक तेजी से चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोग उनके मंदिर जाने और नए लुक को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। महिका शर्मा भी दिखीं साथ हार्दिक के साथ महिका शर्मा के नजर आने के बाद दोनों को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि दोनों के रिश्ते को लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को तथ्य के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिलहाल इतना ही सामने आया है कि दोनों तिरुपति में दर्शन के दौरान साथ नजर आए। IPL के बाद से मैदान से दूर हैं हार्दिक हार्दिक पंड्या IPL के बाद से लगातार क्रिकेट एक्शन में नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनका मंदिर जाना और नया लुक सामने आना फैंस के लिए खास रहा। हार्दिक भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं और उनके मैदान पर लौटने को लेकर फैंस की नजर बनी हुई है।
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। राजस्थान में बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के 24 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अजमेर में तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया। वहीं, बिहार में मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। यहां बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर है। दूसरी ओर, केरल और कर्नाटक में बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन घटनाओं में 11 लोगों की जान जाने की जानकारी सामने आई है। राजस्थान में बारिश से कई इलाकों में असर राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। 24 जिलों में बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। अजमेर में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। बारिश के बाद स्थानीय प्रशासन को भी कई जगह व्यवस्थाओं पर नजर रखनी पड़ रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिहार में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत बिहार में बारिश के साथ आकाशीय बिजली ने चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मानसून के दौरान आकाशीय बिजली ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। केरल और कर्नाटक में लैंडस्लाइड से नुकसान दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। कई जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव का काम भी किया जा रहा है।
काठमांडू: नेपाल में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। तनाव वाले कई इलाकों में प्रशासन ने कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर समझौते और बातचीत का रास्ता अपनाया गया है। हिंसा के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन स्थिति में सुधार के बाद कुछ इलाकों में राहत दी गई है। कई इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया तनाव प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू हटाना शुरू किया है। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में राहत मिली है। हालांकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी अभी भी बनी हुई है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की नई घटना को रोका जा सके और माहौल शांत बना रहे। शांति बहाली के लिए हुआ समझौता हिंसा के बाद तनाव कम करने के लिए संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने को लेकर समझौता किए जाने की जानकारी सामने आई है। समझौते का उद्देश्य लोगों के बीच भरोसा बढ़ाना और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना है। स्थानीय प्रशासन भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर हिंसा के बाद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि बाजार, स्कूल और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य गतिविधियां जल्द पूरी तरह शुरू हो सकें। लोगों को शांति बनाए रखने की अपील प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर भरोसा न करें। कर्फ्यू में ढील और समझौते के बाद उम्मीद है कि नेपाल के प्रभावित इलाकों में स्थिति जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
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