सीहोर जिले के नादान गांव में मंगलवार को महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इछावर थाने और तहसील का घेराव किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि गांव का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री और जुआ-सट्टा चल रहा है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबियों और सटोरियों की हरकतों से महिलाएं और स्कूल जाने वाली बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं, उनके साथ अभद्रता की घटनाएं बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कानून का डर खत्म हो गया है। सार्वजनिक जगहों पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं को निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
“अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए”
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ कहा कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगी। जब तक गांव में अवैध शराब और सट्टे के अड्डे बंद नहीं होते और माहौल सुरक्षित नहीं बनता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
महिलाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस को गांव में गश्त बढ़ाने और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नादान गांव की महिलाओं की यह एकजुटता प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आता है।
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