दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में पुराने वाहनों पर लगे कड़े नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 12 अगस्त 2025 को एक बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल 10 साल से पुराने डीज़ल (Diesel) वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल (Petrol) वाहनों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई (No Coercive Action) नहीं की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि इन वाहनों के मालिकों को फिलहाल ईंधन भरवाने या चलाने में रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जुलाई से लागू थी Fuel Ban नीति
दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2025 से ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ (End of Life Vehicle – ELV) नीति लागू की थी, जिसके तहत:
- 10 साल से अधिक पुराने डीज़ल वाहन
- 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन
को ईंधन (Fuel) देने पर रोक लगा दी गई थी। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए गए थे, जो गाड़ी का नंबर स्कैन कर नियम तोड़ने पर तुरंत अलर्ट भेजते थे।
दिल्ली सरकार की समीक्षा याचिका
दिल्ली सरकार ने Supreme Court में समीक्षा याचिका दायर करते हुए कहा कि केवल गाड़ियों की उम्र के आधार पर बैन लगाना उचित नहीं है। सरकार का तर्क था कि नीति उम्र-आधारित (Age-Based) के बजाय उत्सर्जन-आधारित (Emission-Based) होनी चाहिए, क्योंकि कई पुराने वाहन अच्छे मेंटेनेंस के कारण कम प्रदूषण करते हैं, जबकि कुछ नए वाहन ज्यादा धुआं छोड़ते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
Supreme Court ने साफ किया कि सभी पुराने वाहनों पर ब्लैंकेट बैन (Blanket Ban) लगाना उचित नहीं है। अदालत ने सुझाव दिया कि नीति बनाते समय वाहन की उम्र के साथ-साथ उसका प्रदूषण स्तर (Pollution Level) और तकनीकी फिटनेस (Technical Fitness) भी जांची जानी चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी।
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