आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGस्पोर्ट्सSmriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Air India Flight Update: सऊदी अरब जाने वालों की बढ़ी परेशानी, Riyadh-Jeddah-Dammam की Flights रद्द◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Kamchatka में Earthquake: रूस में फिर कांपी धरती, पिछले साल सुनामी ने मचाई थी तबाही◆BREAKINGदेश-हरपलCJP Tiranga March: दिल्ली में हाई अलर्ट, कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू◆BREAKINGदेश-हरपलRajnath Singh Statement: SIR विवाद पर विपक्ष को घेरा, Bangladesh मॉडल का जिक्र◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र◆BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGस्पोर्ट्सSmriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Air India Flight Update: सऊदी अरब जाने वालों की बढ़ी परेशानी, Riyadh-Jeddah-Dammam की Flights रद्द◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Kamchatka में Earthquake: रूस में फिर कांपी धरती, पिछले साल सुनामी ने मचाई थी तबाही◆BREAKINGदेश-हरपलCJP Tiranga March: दिल्ली में हाई अलर्ट, कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू◆BREAKINGदेश-हरपलRajnath Singh Statement: SIR विवाद पर विपक्ष को घेरा, Bangladesh मॉडल का जिक्र◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र◆BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

350 रन बनाने के बाद भी हारा भारत, Rohit Sharma ने बनाया बड़ा ODI रिकॉर्ड

350 रन बनाने के बाद भी हारा भारत, Rohit Sharma ने बनाया बड़ा ODI रिकॉर्ड

भारत ने 350 से ज्यादा रन का बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद वनडे मुकाबला गंवा दिया। वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के खिलाफ अपना सबसे बड़ा रनचेज पूरा किया। इस हार के साथ भारत को सीरीज में तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। भारत ने बनाया बड़ा स्कोर, फिर भी नहीं मिली जीत पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 350 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन बनाने की कोशिश की और आखिरी ओवरों में स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। इतना बड़ा स्कोर बनाने के बाद माना जा रहा था कि भारत मैच पर पकड़ मजबूत कर चुका है, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रनचेज वेस्टइंडीज ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार बल्लेबाजी की और भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा रनचेज पूरा किया। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा और मुकाबले को अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम को एक बार फिर बड़ा झटका दिया। रोहित शर्मा ने बनाया खास रिकॉर्ड मैच के दौरान रोहित शर्मा ने भी अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया। रोहित वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने। रोहित ने अपनी पारी के दौरान यह खास उपलब्धि हासिल की। उनके नाम पहले से ही वनडे क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं और अब इस रिकॉर्ड ने उनके शानदार ODI करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।
Read more

कुरुक्षेत्र में CM सैनी ने किया 120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का ऐलान, ब्रह्मसरोवर पर हुआ ड्रोन शो

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत कुरुक्षेत्र पहुंचे। देर शाम उन्होंने ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान ड्रोन शो के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के लिए 120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की घोषणा भी की। ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी गेट पर बनेगा सर्किट हाउस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी गेट पर सर्किट हाउस बनाने की घोषणा की। इस परियोजना पर करीब 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस निर्माण से कुरुक्षेत्र में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जलाया आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरुषोत्तमपुरा बाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आशीर्वाद का दीया जलाया। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मसरोवर की आरती में भी हिस्सा लिया। शंख ध्वनि के बीच मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर की आरती की। गुरुद्वारा सचखंड ईशर सिंह दरबार साहिब पहुंचे थे CM इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह गुरुद्वारा सचखंड ईशर सिंह दरबार साहिब, जुरासी खुर्द पहुंचे। यहां उन्होंने संत बाबा ईशर सिंह की 51वीं बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुद्वारा पहुंचने पर मुख्य सेवादार बाबा मणि सिंह ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ईशर सिंह ने भारत के गांवों और शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी गुरमत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। गरीबों, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर सुबह मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने गरीबों को सशक्त बनाने, महिलाओं को सुरक्षित रखने और किसानों सहित समाज के हर वर्ग को मजबूत करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के निर्माण और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। विश्वकर्मा जयंती का भी किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने पूरी दुनिया के निर्माण में योगदान दिया। उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा और देश-दुनिया की प्रमुख खबरों के लिए Desh Har Pal वेबसाइट पढ़ते रहें। 7
Read more

इंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिव

इंदौर। इंदौर के एक निजी अस्पताल में H1N1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमित महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला शाजापुर की रहने वाली थी और करीब 10 दिन से इंदौर के अस्पताल में भर्ती थी। गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला एक सरकारी डॉक्टर की पत्नी बताई गई है। नजदीकी लोगों के मुताबिक महिला को 28 अगस्त से बुखार, खांसी और सर्दी के लक्षण थे। 1 सितंबर को हुई H1N1 जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर लाया गया। वहीं, 2 सितंबर की रिपोर्ट में महिला के इन्फ्लुएंजा के साथ कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई। महिला शाजापुर के आदित्य नगर की रहने वाली बताई गई है। मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक भी पहुंची है। इससे पहले उज्जैन की महिला की हुई थी मौत इससे पहले उज्जैन के ऋषि नगर निवासी 60 वर्षीय सरोज नागर की भी करीब दो सप्ताह पहले इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर लाया गया था, जहां करीब 16 दिन तक इलाज चला। जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसे मध्य प्रदेश में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत बताया गया था। वहीं, पिछले सप्ताह धार की एक स्वाइन फ्लू संक्रमित महिला को भी इलाज के लिए इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस से होने वाला इन्फ्लुएंजा संक्रमण है। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू की तरह हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी और सर्दी जैसे लक्षण शामिल हैं। यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों और श्वसन कणों के संपर्क में आने से फैल सकता है। कैसे फैलता है H1N1 संक्रमण? H1N1 संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक श्वसन बूंदों और कणों के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। 2009 में H1N1 के व्यापक प्रसार के दौरान इसे लेकर काफी चिंता देखी गई थी। हालांकि, अच्छी तरह पकाए गए सूअर के मांस से H1N1 संक्रमण होने का जोखिम नहीं माना जाता, क्योंकि पर्याप्त तापमान पर खाना पकाने से वायरस नष्ट हो जाता है। लक्षण दिखने पर सावधानी जरूरी बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण होने पर विशेष रूप से गंभीर लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। संक्रमण की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच के आधार पर की जानी चाहिए। इंदौर में सामने आए इस मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग तक जानकारी पहुंचने से स्थानीय स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढ़ने की संभावना है।
Read more

लखनऊ-दम्माम इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, अहमदाबाद में कराई इमरजेंसी लैंडिंग

अहमदाबाद। लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम जा रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान क्रू मेंबर को विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘बम’ लिखा हुआ था। इसके बाद विमान की अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में 133 यात्री सवार थे। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतारकर टर्मिनल-2 ले जाया गया। आइसोलेशन एरिया में ले जाकर विमान की जांच विमान को सामान्य पार्किंग बे के बजाय आइसोलेशन एरिया में ले जाया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की गहन जांच शुरू की। सुरक्षा टीमों ने विमान के केबिन, सीटों, कार्गो और यात्रियों के सामान की जांच की। शुरुआती जांच में विमान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। विमान ने लखनऊ से गुरुवार शाम करीब 4:17 बजे उड़ान भरी थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों के चलते इसे अहमदाबाद में सुरक्षित उतारा गया। 10 दिन पहले भी मिली थी धमकी इसी रूट की फ्लाइट को करीब 10 दिन पहले भी बम की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद एयरपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। बम की धमकी मिलने पर क्या होता है प्रोटोकॉल? विमान में बम या विस्फोटक की धमकी मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई करती हैं। फिलहाल शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की जानकारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
Read more

बिलासपुर में कांग्रेस का संगठन प्रशिक्षण शुरू, ब्लॉक अध्यक्षों को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति

बिलासपुर। आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार से बिलासपुर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितंबर तक चलेगा। इसमें ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने की रणनीति समझाई जा रही है। कांग्रेस का फोकस ब्लॉक स्तर से संगठन को मजबूत करते हुए गांव और बूथ तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में आयोजित किया जाएगा। बिलासपुर के बाद 15 सितंबर को सरगुजा संभाग में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसके बाद 20 सितंबर को रायपुर संभाग में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं, बस्तर और दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही पूरा हो चुका है। दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना बिलासपुर पहुंचे PCC चीफ दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार के पोस्टर अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता।” बैज ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पोस्टर वार के अलावा जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए कुछ नहीं है। रोजगार, किसान और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए दीपक बैज ने कहा कि सरकार को रोजगार, किसानों, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए 1,100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बैज ने दावा किया कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सरकार और मंत्री खर्च कर रहे हैं, जबकि गांवों में विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बताई जा रही है। पार्टी का लक्ष्य ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है। प्रशिक्षण में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
Read more

सागर शराब कांड: नकली शराब से 28 मौतों की जानकारी, आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के गांवों में कथित तौर पर नकली और जहरीली शराब पीने से करीब 28 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। आरोपियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई गुरुवार को भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन की टीम बंडा के वार्ड क्रमांक 11 और 12 पहुंची। यहां शराब कांड से जुड़े आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू तथा आरोपी मनीष के अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस, प्रशासन और बंडा नगर पालिका की संयुक्त टीम चंद्रभान सिंह राजपूत के बंडा स्थित घर पहुंची। मौके पर तीन जेसीबी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। 5 सितंबर से अस्पताल पहुंचने लगे थे मरीज जानकारी के मुताबिक, 5 सितंबर की शाम से बंडा सिविल अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे थे। इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। मरीजों में शरीर में अकड़न, उल्टी और शरीर नीला पड़ने जैसी शिकायतें सामने आईं। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी कम होने की बात भी सामने आई। मामले पर संदेह होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंडा पहुंचे। गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर किया जाने लगा। इसी दौरान कुछ मरीजों की मौत हो गई। भर्ती मरीजों से उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण पूछा गया तो कई मरीजों ने शराब पीने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच शुरू की। 6 सितंबर तक 15 से ज्यादा मौतें 6 सितंबर की सुबह तक 9 मरीजों की मौत हो चुकी थी। शाम तक मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगी और नए मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला भी कम हुआ। 7 सितंबर को मौतों का आंकड़ा 22 के पार 7 सितंबर तक मौतों का आंकड़ा 22 के पार पहुंच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया और अवैध एवं जहरीली शराब जब्त की। 8 सितंबर से स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। इस दिन दो मौतें होने की जानकारी सामने आई। पुलिस और प्रशासन की टीमें गांव-गांव में गश्त करती रहीं। ग्रामीणों को शराब से दूर रहने की अपील करते हुए मुनादी भी कराई गई। 9 सितंबर को प्रशासन के अनुसार कोई नया मरीज सामने नहीं आया और किसी नई मौत की सूचना भी नहीं मिली। मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला पुलिस ने शराब मामले में जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ अवैध शराब के स्रोत और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Read more

उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मूर्ति हटाने को लेकर दावों पर प्रशासन की सफाई

उज्जैन। खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को हटाए जाने की चर्चाओं के बीच उज्जैन का यह मंदिर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर प्रतिमा से जुड़े वीडियो और रील्स वायरल होने के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले दो दिनों में 35 हजार से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। इनमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। सती गेट के पास स्थित मंदिर के आसपास प्रशासन की कार्रवाई और प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर प्रतिमा को हटाने के किसी भी प्रयास से इनकार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चमत्कार की कहानियां प्रतिमा को हटाने की कोशिश नाकाम होने की चर्चाओं के बाद सोशल मीडिया पर खड़े हनुमानजी से जुड़ी कई तरह की चमत्कारिक कहानियां वायरल हो रही हैं। इन वीडियो और रील्स के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से मंदिर के आसपास के क्षेत्र में निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट के भीतर विराजमान है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। IIT इंदौर की टीम फिर करेगी जांच प्रतिमा को हटाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच IIT इंदौर की टीम सोमवार को मंदिर पहुंची थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर मंदिर और प्रतिमा से संबंधित स्थिति की जांच की। अब IIT इंदौर की टीम गुरुवार को एक बार फिर खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर जांच करेगी। इस जांच के बाद स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सोशल मीडिया से श्रद्धालुओं को मिली जानकारी सती गेट के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने मंदिर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं देखी। अब दर्शन के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। नासिक से पहुंचे अनिल ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर खड़े हनुमानजी की रील देखी थी। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आकर दर्शन करने का फैसला किया। नागपुर से आए महेश टिचकुले ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर हनुमानजी से जुड़ी खबरें देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आने का निर्णय लिया। वहीं, राजस्थान के अजमेर से आए सुशील खंडेलवाल महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर पर सोशल मीडिया रील देखने के दौरान उन्हें खड़े हनुमान मंदिर के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद वे यहां दर्शन करने पहुंचे। प्रशासन ने कहा- प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। प्रशासन ने कहा कि खड़े हनुमानजी की प्रतिमा का विषय उज्जैनवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की भावनाओं, प्रतिमा की सुरक्षा तथा उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रेस नोट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक खबर प्रसारित की जा रही है कि प्रशासन ने श्री खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को विस्थापित करने के कई प्रयास किए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने के लिए मशीन अथवा मानवीय तरीके से कोई प्रयास नहीं किया गया है। भक्तों ने प्रशासन के दावे पर उठाए सवाल प्रशासन की सफाई के बाद कुछ श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिमा को हटाने के प्रयास से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद हैं और अधिकारी चाहें तो उन्हें दिखाया जा सकता है। मंदिर से जुड़े शैलू यादव ने कहा कि प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए हनुमानजी की प्रतिमा को यहीं रहने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि प्रशासन प्रतिमा हटाने के किसी प्रयास से इनकार कर रहा है तो उनके पास इसके संबंध में वीडियो मौजूद हैं। शैलू यादव के मुताबिक, नगर निगम अधिकारी हिमांशु तिवारी के सामने गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। उन्होंने रात में कटर मशीन लाए जाने का भी दावा किया है। उनके अनुसार इन घटनाओं से जुड़े वीडियो उनके पास सुरक्षित हैं। फिलहाल प्रतिमा को हटाने को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के दावों में अंतर है। IIT इंदौर की आगामी जांच और प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Read more

ग्वालियर बंद बेअसर, यूजीसी नियमों के विरोध में संगठनों का प्रदर्शन

ग्वालियर। यूजीसी के नियमों को वापस लेने, जातिगत नीतियों की समीक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर सर्व संगठन एवं परशुराम सेना की ओर से गुरुवार को ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि शहर में बंद का खास असर देखने को नहीं मिला और अधिकांश इलाकों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। बंद के दौरान फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने मैदान में विभिन्न संगठनों के लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए संबंधित नीतियों की समीक्षा और बदलाव की मांग उठाई। भिंड, मुरैना और दतिया से भी पहुंचे लोग आंदोलन में ग्वालियर के अलावा भिंड, मुरैना, दतिया समेत आसपास के जिलों से भी विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होने पहुंचे। आयोजकों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने की अपील की। आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। UGC नियम वापस लेने की मांग प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांग यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को वापस लेने की है। संगठनों का कहना है कि इन नियमों को लेकर छात्रों और युवाओं के बीच असंतोष है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, किसी भी नए नियम या नीति को लागू करने से पहले उससे प्रभावित होने वाले छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग सर्व संगठन और परशुराम सेना की ओर से सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई। संगठनों का कहना है कि सामाजिक संतुलन और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नीतियों की समीक्षा आवश्यक है। इसके अलावा युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े कई अन्य सामाजिक मुद्दे भी प्रदर्शन के दौरान उठाए गए। सुरक्षा के बीच कई रूट डायवर्ट प्रदर्शन को देखते हुए फूलबाग और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया। महाराज बाड़ा, बाड़ा बाजार, मुरार और हजीरा समेत शहर के प्रमुख इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी। हालांकि ग्वालियर बंद का व्यापक असर नहीं दिखा, लेकिन विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।
Read more

खंडवा-भोपाल हाईवे पर पेड़ से टकराई कार, कांग्रेस नेता के पोते की मौत

खंडवा। खंडवा-भोपाल हाईवे पर ग्राम पामाखेड़ी के पास गुरुवार सुबह तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार 34 वर्षीय फरहान खोकर की मौत हो गई, जबकि उनके दो दोस्त घायल हुए हैं। एक युवक के पैर और दूसरे के सिर में चोट आई है। मृतक की पहचान पूर्व नेता प्रतिपक्ष खंडवा नगर निगम एवं कांग्रेस नेता शौकत काका के पोते फरहान खोकर के रूप में हुई है। मवेशियों को बचाने में अनियंत्रित हुई कार जानकारी के अनुसार, कार के सामने अचानक मवेशी आ गए थे। उन्हें बचाने के प्रयास में चालक ने कार पर नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे की सूचना मिलने के बाद नर्मदानगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। नर्मदानगर थाना प्रभारी धीरेश धारवाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में कार के सामने अचानक मवेशियों के आने की बात सामने आई है। हादसे की जांच की जा रही है। सेकंड हैंड कारों की खरीदी-बिक्री का कारोबार फरहान खोकर सेकंड हैंड कारों की खरीदी-बिक्री का कारोबार करते थे। बताया गया कि उन्होंने ग्वालियर जाकर एक स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। कार को खंडवा लाने के लिए वे ट्रेन से ग्वालियर गए थे। इसके बाद बुधवार रात फरहान अपने दो दोस्तों के साथ कार से ग्वालियर से खंडवा के लिए रवाना हुए थे। खंडवा लौटते समय उनके दोस्त मुस्तकीम कार चला रहे थे, जबकि एक अन्य साथी भी कार में मौजूद था। फरहान कार की अगली सीट पर चालक के बगल में बैठे थे। सुबह खंडवा जिले की सीमा में हुआ हादसा तीनों दोस्त बुधवार रात कार लेकर ग्वालियर से निकले थे। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे वे खंडवा जिले की सीमा में दाखिल हुए। इसी दौरान जिले के पहले गांव पामाखेड़ी के पास कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को उपचार के लिए पुनासा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं फरहान के शव को भी पुनासा अस्पताल में रखा गया। परिजन शव और घायलों को लेकर खंडवा पहुंचे हादसे की सूचना मिलने के बाद फरहान के परिजन पुनासा पहुंचे। इसके बाद वे शव और घायलों को लेकर खंडवा जिला अस्पताल पहुंचे। फरहान के शव का पोस्टमार्टम खंडवा जिला अस्पताल में किया जाएगा। पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
Read more

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन खत्म, स्टाइपेंड 50% बढ़कर ₹21,500

भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के इंटर्न डॉक्टरों का तीन दिन से चल रहा आंदोलन बुधवार को सरकार से सहमति बनने के बाद खत्म हो गया। सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50 प्रतिशत बढ़ाकर ₹21,500 प्रतिमाह करने की मांग मान ली है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित करने के साथ ही घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डिप्टी CM से बैठक के बाद बनी सहमति बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों, जूडा (Junior Doctors Association) और एमटीए प्रतिनिधियों की डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक हुई। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने पर सहमति बनी। सरकार की ओर से मांग स्वीकार किए जाने के बाद डॉक्टरों ने कमला पार्क के पास चल रहा प्रदर्शन समाप्त कर दिया। आंदोलन खत्म होने के बाद डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए जीत का जश्न मनाया और काम पर लौटने का ऐलान किया। प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई की भी जांच आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की गई है। मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए टीम गठित की गई है। प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। हमीदिया अस्पताल में मरीजों को हुई परेशानी इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा। सामान्य दिनों में अस्पताल की ओपीडी में करीब 3 हजार मरीज पहुंचते हैं, लेकिन बुधवार को सिर्फ 1,609 पर्चे बन सके। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों को देखने के बाद ओपीडी बंद हो गई। इसके बाद करीब 1,391 मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए वापस लौट गए। आसपास के जिलों के अलावा इंदौर, सीधी और राजगढ़ से भी मरीज इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। कई मरीज पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें परामर्श नहीं मिल सका। कुछ मरीज जांच के लिए भटकते रहे, जबकि कई निराश होकर वापस लौट गए। बस और ट्रेन से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। 20 ऑपरेशन भी टाले गए हड़ताल का असर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर पर भी देखने को मिला। दोपहर 2 बजे तक 20 सर्जरी की गईं, जबकि 20 ऑपरेशन टाल दिए गए। सामान्य दिनों में भोपाल में करीब 40 ऑपरेशन किए जाते हैं। हालांकि, हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी और ICU सेवाएं जारी रहीं। हमीदिया अस्पताल की लैब में भी सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी कम रही। आंदोलन खत्म होने के बाद अब अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।
Read more
1 2 3 4 … 50

Trending News

Editor's Picks

Smriti Mandhana

Smriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आज का मुकाबला खास होने वाला है। स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) की कप्तानी में टीम इंडिया शुक्रवार, 16 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले T20 इंटरनेशनल मैच में मैदान पर उतरेगी। रायपुर में होने वाले इस मुकाबले के साथ भारतीय टीम एक नई शुरुआत करने जा रही है। क्रिकेट फैंस की नजरें स्मृति मंधाना की कप्तानी और टीम के प्रदर्शन पर रहेंगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली इस सीरीज में खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलेगा। भारतीय टीम की कोशिश जीत के साथ शुरुआत करने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। India vs Zimbabwe Women Match: कितने बजे शुरू होगा मुकाबला? भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच पहला T20 मुकाबला 16 अक्टूबर को खेला जाएगा। मैच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा। मैच का समय भारतीय दर्शकों के लिए सुविधाजनक है। ऐसे में फैंस शाम को इस मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। Smriti Mandhana Captaincy: नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं। अब पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके सामने टीम को सही दिशा देने की चुनौती होगी। मैदान पर फैसले लेने से लेकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने तक, उनकी भूमिका अहम रहने वाली है। मंधाना के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। वह अपनी बल्लेबाजी के दम पर कई बार टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाल चुकी हैं। अब कप्तानी में भी उनसे इसी तरह के आत्मविश्वास और बेहतर रणनीति की उम्मीद की जा रही है। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें भारतीय टीम में स्मृति मंधाना के अलावा शैफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ियों का प्रदर्शन अहम हो सकता है। शैफाली वर्मा को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। टी20 क्रिकेट में तेज शुरुआत और आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाना काफी मायने रखता है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत से ही रन बनाने पर ध्यान देना होगा। वहीं, गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे की टीम को कम स्कोर पर रोकने की चुनौती रहेगी। India Women vs Zimbabwe Women T20 Series का शेड्यूल भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जानी है। इसका कार्यक्रम इस प्रकार है: सीरीज के तीनों मुकाबले रायपुर में खेले जाने हैं। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी प्रस्तावित है। Live Streaming: मोबाइल और TV पर कहां देखें मैच? भारत और जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के बीच होने वाले मुकाबले का लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग देखने के लिए दर्शक संबंधित आधिकारिक ब्रॉडकास्ट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की जानकारी चेक कर सकते हैं। Star Sports Network और JioHotstar पर प्रसारण की उपलब्धता मैच के आधिकारिक शेड्यूल से जरूर कन्फर्म करें। जीत से शुरुआत करना चाहेगी टीम इंडिया स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का मौका भी है। टीम के अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय महिला टीम रायपुर में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर पाती है या जिम्बाब्वे उसे कड़ी चुनौती देता है। क्रिकेट फैंस को इस मुकाबले में रोमांचक खेल की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Air India

Air India Flight Update: सऊदी अरब जाने वालों की बढ़ी परेशानी, Riyadh-Jeddah-Dammam की Flights रद्द

Saudi Arabia जाने की तैयारी कर रहे भारतीय यात्रियों के लिए हवाई यात्रा से जुड़ी परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बीच एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया है। Air India की रियाद, जेद्दा और दम्माम जाने वाली उड़ानों को लेकर भी यात्रियों को अपडेट का इंतजार है। जिन लोगों ने आने वाले दिनों में टिकट बुक कराया है, उन्हें एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। उड़ानों के रद्द होने या शेड्यूल बदलने से नौकरी, कारोबार और परिवार से मिलने के लिए सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में टिकट और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखने के साथ एयरलाइन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना भी जरूरी है। Air India Flights Cancelled: किन शहरों पर पड़ा असर? Air India की उड़ानों से जुड़ी रिपोर्टों में रियाद, जेद्दा और दम्माम का जिक्र किया गया है। ये सऊदी अरब के प्रमुख शहर हैं, जहां भारत से बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। उड़ानों के संचालन में बदलाव होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख आगे बढ़ानी पड़ सकती है या वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, Air India ने पहले 17 अक्टूबर 2026 तक कुछ उड़ानें रद्द रखने की जानकारी दी थी। हालांकि, 20 अक्टूबर तक सभी उड़ानें रद्द रहने के दावे की ताजा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। यात्रियों को अपनी फ्लाइट की तारीख के अनुसार एयरलाइन से जानकारी लेनी चाहिए। सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की बढ़ी चिंता सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। इसके अलावा, कारोबार, पारिवारिक मुलाकात और अन्य जरूरी कामों से भी लोग वहां की यात्रा करते हैं। ऐसे में अचानक उड़ानें रद्द होने या समय बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन यात्रियों की यात्रा पहले से तय है, उन्हें टिकट की स्थिति के साथ होटल बुकिंग, कनेक्टिंग फ्लाइट और अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच कर लेनी चाहिए। खासकर दूसरी फ्लाइट से आगे की यात्रा करने वालों को समय रहते अपनी एयरलाइन से संपर्क करना चाहिए। आखिर क्यों प्रभावित हो रही हैं Flights? क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण एयरलाइंस को अपने उड़ान कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों और विमान के क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, किसी विशेष उड़ान को रद्द करने की वजह और उसकी अवधि की पुष्टि संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक सूचना से ही की जानी चाहिए। Flight Cancel होने पर क्या करें? अगर आपकी Air India की फ्लाइट रद्द हो गई है या उसके समय में बदलाव हुआ है, तो घबराने के बजाय ये कदम उठाएं: यात्रियों के लिए जरूरी सलाह सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे किसी पुरानी खबर के आधार पर अपनी यात्रा का फैसला न लें। उड़ानों की स्थिति में बदलाव हो सकता है और अलग-अलग एयरलाइंस की समयसीमा भी अलग हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kamchatka

Kamchatka में Earthquake: रूस में फिर कांपी धरती, पिछले साल सुनामी ने मचाई थी तबाही

रूस (Russia) के कामचटका (Kamchatka) प्रायद्वीप में 7.0 तीव्रता के भूकंप की खबर ने एक बार फिर इस क्षेत्र को चर्चा में ला दिया है। यह इलाका पहले भी बड़े भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है। साल 2025 में यहां के पास आए 8.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में उठी लहरों ने तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। ऐसे में ताजा भूकंप के बाद लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कहीं इसका असर समुद्र और आसपास के क्षेत्रों पर तो नहीं पड़ेगा। Kamchatka Earthquake: रूस में कहां आया भूकंप? 16 अक्टूबर 2026 को रूस के कामचटका क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इसका केंद्र कामचटका के पूर्वी तट के पास था। भूकंप की गहराई करीब 140 से 148 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप के बाद सबसे अहम सवाल सुनामी के खतरे को लेकर था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने इस भूकंप के कारण सुनामी का खतरा नहीं बताया। घटना से जुड़े नुकसान और अन्य प्रभावों की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। 2025 में आए Earthquake ने मचाई थी तबाही कामचटका का नाम सामने आते ही पिछले साल की बड़ी प्राकृतिक आपदा याद आती है। 29 जुलाई 2025 को रूस के कामचटका तट के पास 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली दर्ज भूकंपों में से एक था। इस भूकंप के बाद प्रशांत महासागर में सुनामी की लहरें उठीं। रूस के तटीय इलाकों और उत्तरी कुरिल द्वीप समूह में समुद्र का पानी तेजी से आगे बढ़ा। कुछ जगहों पर लहरों ने तटीय बस्तियों और इमारतों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी अलर्ट जारी किए गए थे। सुनामी की लहरों ने तटीय इलाकों को किया था प्रभावित 2025 में आए भूकंप के बाद समुद्र में उठी ऊंची लहरों ने तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी थी। कुछ इलाकों में समुद्र का पानी बस्तियों तक पहुंच गया और संपत्ति को नुकसान हुआ। इस घटना ने दिखाया कि समुद्र के नीचे आने वाला शक्तिशाली भूकंप केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर स्थित तटों पर भी असर डाल सकता है। हालांकि, 2025 की सुनामी और अक्टूबर 2026 में आए ताजा भूकंप को अलग-अलग घटनाओं के रूप में समझना चाहिए। दोनों के बीच सीधे संबंध की पुष्टि करने वाली जानकारी उपलब्ध नहीं है। बार-बार भूकंप क्यों आते हैं कामचटका में? रूस का कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले Ring of Fire का हिस्सा है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं। प्रशांत प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे खिसकती है। इस प्रक्रिया में जमीन के भीतर तनाव जमा होता है और जब यह तनाव अचानक निकलता है, तो भूकंप आता है। इसी भूगर्भीय गतिविधि के कारण कामचटका में शक्तिशाली भूकंप आने की आशंका बनी रहती है। क्या ताजा भूकंप से सुनामी का खतरा है? 16 अक्टूबर 2026 को आए 7.0 तीव्रता के भूकंप के संबंध में शुरुआती जानकारी में सुनामी का खतरा नहीं बताया गया। यह राहत की बात है, क्योंकि 2025 में इसी क्षेत्र के पास आए बड़े भूकंप के बाद समुद्र में उठी लहरों ने कई तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। फिलहाल ताजा घटना से जुड़े नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने का इंतजार है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के प्रभाव का आकलन उसकी तीव्रता के साथ-साथ गहराई, केंद्र की स्थिति और आसपास की भूगर्भीय परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। कामचटका में आए इस भूकंप ने एक बार फिर याद दिलाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से यह क्षेत्र कितना संवेदनशील है। फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं होना राहत की खबर है, लेकिन आगे की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

CJP Tiranga March: दिल्ली में हाई अलर्ट, कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू

राजधानी दिल्ली में 16 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं, प्रशासन ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। मार्च के मद्देनजर धारा 163 लागू होने और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। CJP के इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज है। पार्टी की ओर से अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च का ऐलान किया गया है। दूसरी ओर, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सतर्क है। CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर बढ़ी हलचल अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की थी। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए अपने नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध दर्ज कराना चाहती है। आरोप है कि उसके नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ कार्रवाई की गई। पार्टी ने इस मामले को लेकर विरोध जताया है। हालांकि, गिरफ्तारी से जुड़े आरोपों और प्रशासन के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। Connaught Place में धारा 163 लागू, सुरक्षा बढ़ाई गई प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और किसी संभावित तनाव को रोकना है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें और मौके पर तैनात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा Central Park कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह वही स्थान है, जहां CJP ने तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की थी। पार्क बंद रहने और आसपास सुरक्षा बढ़ने से कनॉट प्लेस आने वाले लोगों को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर बाजार, दफ्तरों और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाने वाले लोगों को निकलने से पहले ताजा जानकारी देख लेनी चाहिए। Delhi Traffic Advisory: कई रास्तों पर डायवर्जन की तैयारी मार्च के कारण कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के आसपास यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, जरूरत पड़ने पर कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया जा सकता है। दफ्तर जाने वाले लोगों, यात्रियों और कनॉट प्लेस आने वाले ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग चुनें और यात्रा से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक अपडेट जरूर देख लें। गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, प्रशासन की कानून-व्यवस्था पर नजर CJP का यह मार्च अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध से जुड़ा है। पार्टी तिरंगा लेकर प्रदर्शन करना चाहती है, जबकि प्रशासन का ध्यान सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर है। कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख कारोबारी और पर्यटन क्षेत्र है। ऐसे में सुरक्षा प्रतिबंधों और ट्रैफिक बदलावों का असर आम लोगों के साथ स्थानीय कारोबार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, मार्च को लेकर स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rajnath Singh

Rajnath Singh Statement: SIR विवाद पर विपक्ष को घेरा, Bangladesh मॉडल का जिक्र

देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का एजेंडा देश में अस्थिरता पैदा करना है। राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। इस मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर बीजेपी विरोध प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाने की बात कर रहा है। Rajnath Singh ने विपक्ष पर क्या कहा? रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम की तर्ज पर भारत में भी सत्ता परिवर्तन का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से देश में तनाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। राजनाथ सिंह के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़कर देख रही है। हालांकि, विपक्ष के इरादों को लेकर लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। SIR विवाद को लेकर क्यों आमने-सामने हैं BJP और Opposition? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है। लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। दूसरी तरफ, बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष SIR के मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन का रूप देकर सरकार और चुनावी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी खींचतान के कारण यह मामला अब संसद और चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर सड़क पर भी चर्चा का विषय बन गया है। Rahul Gandhi और विरोध प्रदर्शनों पर भी सियासत तेज SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की भूमिका भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई है। बीजेपी लगातार विपक्ष के आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठा रही है। वहीं, विपक्ष का तर्क है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। मतदाता सूची में किसी भी तरह की कथित अनियमितता को सामने लाना और उसका समाधान मांगना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा किस तरह आगे बढ़ती है और राजनीतिक दल अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखते हैं। ‘Regime Change’ बयान से बढ़ा विवाद राजनीतिक बहस में ‘Regime Change’ यानी सत्ता परिवर्तन का मुद्दा भी चर्चा में है। इस शब्द को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कुछ विपक्षी नेता सरकार बदलने के लिए देश में बड़े आंदोलन की जमीन तैयार करना चाहते हैं। दूसरी ओर, सरकार बदलने की मांग करना अपने आप में लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। असली सवाल यह है कि विरोध किस उद्देश्य से किया जा रहा है और उसके समर्थन में क्या प्रमाण मौजूद हैं। इसी वजह से इस विवाद को केवल राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर समझने के बजाय संबंधित नेताओं के बयानों, घटनाक्रम और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है। आगे क्या होगा? Rajnath Singh के बयान ने SIR विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल, मतदाता सूची की प्रक्रिया, चुनावी पारदर्शिता और विरोध प्रदर्शनों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित मुद्दों पर चुनाव आयोग और अदालतों में क्या कार्रवाई होती है तथा राजनीतिक दल अपने दावों को किस तरह सामने रखते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.