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अमेरिकी संसद में IRAN WAR रोकने का प्रस्ताव पास, Trump के 4 सांसदों ने किया विरोध में मतदान

अमेरिकी संसद में IRAN WAR रोकने का प्रस्ताव पास, Trump के 4 सांसदों ने किया विरोध में मतदान

अमेरिका में IRAN के साथ बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी संसद में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने से जुड़ा एक प्रस्ताव पास हो गया। खास बात यह रही कि राष्ट्रपति Donald Trump की पार्टी के 4 सांसदों ने भी उनके रुख के खिलाफ जाकर प्रस्ताव के समर्थन में वोटिंग की। यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने के उद्देश्य से लाया गया था। सांसदों का कहना है कि बिना संसद की मंजूरी के किसी भी बड़े युद्ध में अमेरिका को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। प्रस्ताव के पास होने के बाद अब यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। हालांकि, मौजूदा राष्ट्रपति के पास इस प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार अभी भी मौजूद है। यानी अगर राष्ट्रपति चाहें तो इस प्रस्ताव को रोक सकते हैं। ऐसे में अंतिम फैसला अभी बाकी माना जा रहा है। अमेरिका और Iran के बीच पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ता रहा है। इसी बीच संसद में हुई यह वोटिंग कई मायनों में अहम मानी जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला अमेरिका के भीतर युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता को भी दिखाता है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ कुछ नेता सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं, वहीं दूसरी ओर कई सांसद युद्ध से बचने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस प्रस्ताव पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के रिश्तों का असर पूरी दुनिया की राजनीति और तेल बाजार पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

करीब 24 साल तक पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा उम्रकैद का पैरोल Jumper आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के वक्त उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और रोने लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। साल 2001 में उसे पैरोल पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय तक फरार रहने के दौरान उसने अपनी पहचान बदल ली और अलग-अलग जगहों पर रहकर खुद को बचाता रहा। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी प्रयागराज में छिपकर रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने पहले अपना नाम और पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच सामने आ गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भावुक हो गया और रोने लगा। उसने माना कि वह कई सालों से लगातार डर और तनाव में जिंदगी जी रहा था। पुलिस अब उससे फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों और उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने सालों बाद आरोपी की गिरफ्तारी बड़ी सफलता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Deshharpal के साथ जुड़े रहें और पढ़ते रहें देश-दुनिया की हर बड़ी खबर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

देशभर में एक बार फिर ‘Vande Mataram’ को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। CPM नेता के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। बयान में कहा गया कि “पूरा वंदे मातरम गाना गलत है”, जिसके बाद BJP ने इसे राष्ट्रगान और देशभक्ति का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई की पहचान रहा है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के बयान देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। कई BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी CPM पर निशाना साधा और कहा कि देश विरोधी सोच को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। वहीं CPM की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने किसी की भावनाओं को आहत करने की मंशा से बात नहीं कही थी। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग CPM के बयान का विरोध कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। फिलहाल ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में नया मुद्दा बनता दिख रहा है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बांदा

Weather Update: बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, Delhi-MP समेत कई राज्यों में Heatwave

देश इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। यहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा समेत 6 राज्यों के 22 शहरों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरी रातों ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं और कई शहरों में बिजली की मांग बढ़ने से कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है। Banda बना देश का सबसे Hot City उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देशभर में सबसे ज्यादा चर्चा में है। लगातार तीसरे दिन यहां तापमान 48.2°C दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर के वक्त हालात ऐसे हो जाते हैं कि कुछ मिनट बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा है। गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। Delhi में Season की सबसे ज्यादा गर्मी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सफदरजंग में तापमान 45.1°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिल्ली रिज इलाके में पारा 46.5°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने राजधानी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। एसी और कूलर की बढ़ती डिमांड के कारण बिजली खपत में भी तेजी देखी जा रही है। MP, Rajasthan और Maharashtra में Heatwave का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और श्रीगंगानगर में तापमान 46°C के आसपास पहुंच गया। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर, नौगांव और भोपाल में तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अमरावती, अकोला, नागपुर और वर्धा जैसे शहरों में तापमान 45°C से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। पंजाब के फरीदकोट में भी पारा 47.3°C तक पहुंच गया। Health Department ने जारी की चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मामलों में तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिन नहीं मिलेगी राहत IMD के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रह सकती है। फिलहाल बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है, इसलिए तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मई के आखिरी सप्ताह तक गर्मी का असर इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE 12वीं रिजल्ट जारी: भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से पीछे, 79.43% छात्र हुए पास

CBSE ने बुधवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। इस बार मध्यप्रदेश से 80 हजार 454 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। हालांकि, इस साल भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कमजोर रहा। भोपाल रीजन में कुल 79.43% विद्यार्थी पास हुए, जबकि देशभर का औसत पास प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया। यानी भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से 5.77% पीछे रहा। बता दें कि भोपाल रीजन में पूरा मध्यप्रदेश शामिल होता है। 90% से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों के लिए खास पहल कई छात्रों ने इस बार 12वीं परीक्षा में 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे मेधावी छात्रों के लिए दैनिक भास्कर ने विशेष पहल शुरू की है। छात्रों के फोटो एप पर प्रकाशित किए जा रहे हैं। अगर किसी छात्र के 90% से ज्यादा अंक आए हैं, तो वह इस फॉर्म के जरिए अपनी जानकारी भेज सकता है: CBSE Topper Submission Form इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट, डिजिलॉकर और उमंग ऐप पर देख सकते हैं। रिजल्ट देखने के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की जरूरत होगी। CBSE ने वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक को देखते हुए DigiLocker और UMANG ऐप का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। 👉 शिक्षा और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Mouni Roy ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘प्लीज हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें’

Mouni Roy ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘प्लीज हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें’

टीवी और बॉलीवुड अभिनेत्री Mouni Roy इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके और पति Suraj Nambiar के रिश्ते को लेकर तलाक की अफवाहें तेजी से वायरल हो रही थीं। अब इन खबरों पर मौनी रॉय ने खुद चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान मौनी ने इन अफवाहों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोग बिना सच्चाई जाने कुछ भी लिख देते हैं, जिससे परिवार और करीबियों पर असर पड़ता है। मौनी ने हाथ जोड़कर कहा, “Please… हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें।” अभिनेत्री ने साफ किया कि उनके रिश्ते में सब कुछ ठीक है और सोशल मीडिया पर फैल रही बातें सिर्फ अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी बात को गलत तरीके से पेश करना सही नहीं है। अधिक मनोरंजन और वायरल खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा में नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस पार्षद ने शुरू किया आमरण अनशन

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की नगर परिषद छनेरा-नया हरसूद में कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस समर्थित वार्ड-10 के पार्षद Arjun Singh Rajput ने अपनी ही पार्टी के नगर परिषद अध्यक्ष Mukesh Sundarlal Verma के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षद अर्जुन सिंह राजपूत ने मंगलवार से एसडीएम कार्यालय हरसूद के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। डेढ़ साल में 24 से ज्यादा शिकायतें पार्षद का आरोप है कि नगर परिषद में निर्माण कार्य, खरीदी, भुगतान और शासकीय राशि के उपयोग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में इस मामले को लेकर वे सीएमओ छनेरा, एसडीएम हरसूद, कलेक्टर खंडवा, नगरीय प्रशासन विभाग इंदौर, मंत्री Vijay Shah, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन और मुख्यमंत्री Mohan Yadav तक 24 से ज्यादा शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फर्जी बिल और घटिया सामग्री के आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सौर ऊर्जा पोल की खरीदी बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत पर की गई। साथ ही पहले से लगे अच्छे बिजली पोल हटाकर घटिया पोल लगाए गए। इसके अलावा वेल्डिंग, रिपेयरिंग, पानी सप्लाई मोटरों की मरम्मत, मुरूम-चूरी सप्लाई और जेसीबी मशीन के उपयोग के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए निकालने का आरोप भी लगाया गया है। पार्षद का कहना है कि मच्छरनाशक छिड़काव और धुआं करने के नाम पर भी भुगतान हुआ, जबकि जमीन पर ऐसा कोई काम नहीं हुआ। निजी कॉलोनियों में सरकारी पैसे से विकास कार्य कराने का आरोप अर्जुन सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष ने अपनी और परिवार से जुड़ी निजी कॉलोनियों में परिषद निधि से सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। जबकि नियमानुसार यह खर्च कॉलोनाइजर को खुद उठाना चाहिए था। दबाव बनाने की कोशिश का आरोप पार्षद ने कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए तो परिषद बैठकों में उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव लाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उनका आरोप है कि अध्यक्ष को प्रशासनिक संरक्षण मिलने के कारण शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही। “अनशन अंतिम लोकतांत्रिक विकल्प” अर्जुन सिंह राजपूत ने कहा कि जनता के हित में आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। जब सभी स्तरों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तब आमरण अनशन ही अंतिम लोकतांत्रिक विकल्प बचा। उन्होंने चेतावनी दी कि अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद अध्यक्ष और प्रशासन की होगी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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दुर्ग में लव ट्रायंगल बना खूनी संघर्ष की वजह, युवक की चाकू मारकर हत्या

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही लड़की से बातचीत को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मृतक की पहचान जितेश ठाकुर (20) के रूप में हुई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गर्लफ्रेंड को लेकर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, राजीव नगर निवासी जितेश ठाकुर अपने दोस्तों राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर के साथ सोमवार देर रात केजू राइस मिल के पास मौजूद था। इसी दौरान एक लड़की से बातचीत को लेकर कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हमले में जितेश ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तीनों युवकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर का अस्पताल में इलाज जारी है। इनमें से एक युवक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। रातभर चली छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था। इलाके में तनाव, पुलिस गश्त बढ़ी घटना के बाद राजीव नगर और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहे www.deshharpal.com Portal के साथ
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उज्जैन में सामाजिक बहिष्कार से परेशान युवक ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में यादव (अहीर) समाज के एक युवक ने समाज के पंचों पर सामाजिक बहिष्कार, अपमान और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित नरेंद्र यादव मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की। न्याय नहीं मिला तो धर्म परिवर्तन की चेतावनी नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और समाज में सम्मानजनक स्थान वापस नहीं मिला, तो वे परिवार सहित धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे। व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ विवाद पीड़ित के अनुसार, विवाद की शुरुआत डॉक्टर विष्णु प्रसाद यादव के यहां आयोजित एक शादी समारोह से हुई। समारोह में समाज की ओर से ₹5100 की जगह ₹11 हजार चंदा और धर्मशाला किराए को लेकर समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में चर्चा चल रही थी। इसी दौरान नरेंद्र यादव ने ग्रुप में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी से गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर राशि वापस कर देनी चाहिए। आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया। फोन पर गाली-गलौज और धमकी के आरोप नरेंद्र यादव का आरोप है कि समाज के एक पंच के भाई ईश्वरलाल यादव ने उन्हें व्हाट्सऐप कॉल कर अपशब्द कहे और समाज छोड़ने तक की बात कही। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने समाज के ग्रुप में भी दी, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। इसके बाद अन्य पदाधिकारियों द्वारा भी फोन पर गाली-गलौज और धमकी दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार को समाज से किया निष्कासित पीड़ित का कहना है कि बिना उनका पक्ष सुने समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में उनके परिवार को समाज से निष्कासित करने का संदेश जारी कर दिया गया। साथ ही गांव के सामाजिक कार्यक्रमों और गतिविधियों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई। एसपी कार्यालय में भी की थी शिकायत नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले एसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में समाज की बैठक हुई, लेकिन उसमें उन्हें बुलाया तक नहीं गया। उनका आरोप है कि समाज की धर्मशाला के किराए और चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का विरोध करने के कारण कुछ प्रभावशाली लोग उनसे नाराज हो गए थे। प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा लगातार मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बहिष्कार से परेशान नरेंद्र यादव ने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन ने शिकायत की जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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MP हाईकोर्ट के जस्टिस साइकिल से पहुंचे कोर्ट, PM मोदी की फ्यूल बचाने की अपील का दिखा असर

प्रधानमंत्री Narendra Modi की फ्यूल बचाने की अपील का असर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस DD Bansal लग्जरी कार छोड़ साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे। उनका वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे हाईकोर्ट जानकारी के मुताबिक, जस्टिस डीडी बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने निवास से करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। रास्तेभर लोग उन्हें देखते रहे। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में भी कर्मचारियों और आम लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा। बोले- जज भी चला सकते हैं साइकिल मीडिया से बातचीत में जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोच बिल्कुल गलत है कि हाईकोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। उन्होंने इसे सिर्फ फ्यूल बचाने का नहीं, बल्कि पर्यावरण और देशहित से जुड़ा कदम बताया। चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा जस्टिस बंसल ने बताया कि वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva से प्रेरित होकर साइकिल चला रहे हैं। उनके इस कदम से प्रेरित होकर हाईकोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से ऑफिस आना शुरू किया है। PM मोदी ने की थी फ्यूल बचाने की अपील दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे ऊर्जा की बचत होगी और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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Sreesanth

Sreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवाल

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। पूर्व तेज गेंदबाज़ Sreesanth ने टीम इंडिया के मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीम को सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि MS Dhoni जैसे शांत और समझदार मेंटर की जरूरत है। उन्होंने साथ ही Gautam Gambhir की कोचिंग स्टाइल पर भी टिप्पणी की है, जिससे क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। Sreesanth ने क्या कहा? Sreesanth का कहना है कि आज के समय में सिर्फ नेट प्रैक्टिस और टेक्निकल ट्रेनिंग काफी नहीं है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने वाला सिस्टम ज्यादा जरूरी है। उनके अनुसार: उनका इशारा साफ था कि क्रिकेट अब सिर्फ स्किल का खेल नहीं रहा, बल्कि माइंडसेट का भी खेल बन चुका है। MS Dhoni को क्यों बताया “Perfect Mentor”? Sreesanth ने MS Dhoni की leadership style की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी जैसे खिलाड़ी टीम में एक अलग ही शांति लेकर आते हैं। Dhoni के बारे में उन्होंने कहा: इसी वजह से Sreesanth का मानना है कि Team India को Dhoni जैसा mentor system चाहिए। Gautam Gambhir की Coaching पर सवाल Gautam Gambhir की coaching approach पर बात करते हुए Sreesanth ने कहा कि उनका तरीका काफी सख्त और सीधा है। उनकी चिंता थी कि: हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर कोच का अपना तरीका होता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। क्यों शुरू हुई यह नई बहस? यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब India national cricket team लगातार अपने performance और team management को लेकर चर्चा में रहती है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया Sreesanth के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि Dhoni जैसा calm leadership model ही सही रास्ता है, जबकि कुछ फैंस Gautam Gambhir की strict coaching approach का समर्थन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Crash IT सेक्टर टूटा, Accenture के संकेत से निवेशकों को बड़ा नुकसान

Accenture के ताज़ा बिजनेस अपडेट और कमजोर ग्लोबल IT डिमांड के संकेतों ने दुनिया भर के बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर पड़ा, जहां IT सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार की शुरुआत ही दबाव में रही और कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। IT स्टॉक्स में तेज बिकवाली ने पूरे बाजार का मूड खराब कर दिया। IT सेक्टर में अचानक बड़ी गिरावट क्यों आई? Accenture के आउटलुक में स्लोडाउन के संकेत मिलने के बाद यह डर बढ़ गया कि ग्लोबल टेक डिमांड आने वाले समय में कमजोर रह सकती है। इसी वजह से: TCS, Infosys और Wipro जैसे बड़े शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों को ₹2 लाख करोड़ का झटका बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की वेल्थ पर पड़ा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक: करीब ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप खत्म हो गयाछोटे और बड़े दोनों निवेशकों को नुकसानपोर्टफोलियो में अचानक गिरावट से चिंता बढ़ी गिरावट के पीछे असली कारण क्या हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स हैं: इन सबने मिलकर बाजार में “risk-off mood” बना दिया। आगे बाजार कैसा रह सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि: हालांकि, कुछ निवेशक इस गिरावट को लंबी अवधि के लिए “buy the dip opportunity” भी मान रहे हैं। आम निवेशक के लिए सीख इस तरह की ग्लोबल खबरें दिखाती हैं कि बाजार सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि भावनाओं और भरोसे से भी चलता है। अचानक आई गिरावट डराती जरूर है, लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही लंबे समय में फायदा देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
JD Vance

JD Vance का सबसे बड़ा Political Gamble! Iran Deal सफल रही तो बन सकते हैं अगले राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लेकिन इस समझौते से सबसे ज्यादा चर्चा जिस नेता की हो रही है, वह हैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance। कभी विदेश नीति पर सख्त रुख रखने वाले वेंस आज ईरान के साथ हुई Peace Deal का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ अमेरिका और ईरान के रिश्तों का मामला नहीं है, बल्कि JD Vance के राजनीतिक भविष्य की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। अगर यह पहल सफल रहती है तो वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं। वहीं अगर समझौता टूटता है तो इसका असर सीधे उनके राजनीतिक करियर पर पड़ सकता है। 60 दिन का अहम दौर, दुनिया की नजरें टिकीं ईरान और अमेरिका के बीच बनी सहमति के बाद अब 60 दिनों का महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है। इस दौरान दोनों देशों को समझौते की शर्तों का पालन करना होगा और आगे की बातचीत के लिए भरोसे का माहौल तैयार करना होगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं और दोनों पक्ष समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों जैसे कई जटिल मुद्दे अभी भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। JD Vance क्यों बने समझौते का चेहरा? इस पूरी प्रक्रिया में JD Vance ने सक्रिय भूमिका निभाई है। शुरुआती बातचीत से लेकर अंतिम सहमति तक वे लगातार वार्ता के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर भी इस समझौते का बचाव किया और इसे अमेरिका के हित में बताया। व्हाइट हाउस के भीतर भी वेंस को इस डील का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है। यही कारण है कि समझौते की सफलता का श्रेय भी उन्हें मिल सकता है और असफलता की स्थिति में सबसे ज्यादा सवाल भी उन्हीं पर उठेंगे। राष्ट्रपति पद की दौड़ में मिल सकता है बड़ा फायदा अमेरिकी राजनीति में विदेश नीति हमेशा से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। यदि ईरान के साथ यह समझौता लंबे समय तक कायम रहता है और मध्य-पूर्व में स्थिरता आती है, तो JD Vance की छवि एक प्रभावशाली और सफल नेता के रूप में मजबूत होगी। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में वे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे निकल सकते हैं। यह समझौता उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिला सकता है। लेकिन खतरा भी उतना ही बड़ा जहां एक ओर इस डील से वेंस को बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर जोखिम भी कम नहीं है। अमेरिकी राजनीति में कई नेता पहले ही इस समझौते पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि ईरान पर भरोसा करना जल्दबाजी हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में समझौता विफल होता है, तनाव दोबारा बढ़ता है या ईरान शर्तों का उल्लंघन करता है, तो विपक्ष और आलोचक सीधे JD Vance को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनने का सपना भी प्रभावित हो सकता है। क्या बदल सकता है अमेरिकी राजनीति का भविष्य? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान Peace Deal कितना सफल होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ सप्ताह JD Vance के राजनीतिक करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। दुनिया की निगाहें इस समझौते पर टिकी हैं। अगर शांति कायम रहती है तो JD Vance अमेरिकी राजनीति के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन यदि यह पहल विफल रही, तो यही समझौता उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा विवाद के बीच Ayodhya पहुंचे CM Yogi, SIT जांच पर दिया बड़ा बयान

राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। मामले के सार्वजनिक होने के बाद यह उनका पहला दौरा माना जा रहा है। अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने रामलला के दर्शन किए और जांच को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि SIT पूरी निष्पक्षता के साथ काम कर रही है और जल्द ही सच सामने आएगा। राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े विवाद ने श्रद्धालुओं के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को इसी वजह से काफी अहम माना जा रहा है। रामलला के दर्शन के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर और अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और चल रही जांच की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। “दूध का दूध, पानी का पानी करेगी SIT” मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि विशेष जांच दल (SIT) तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सबके सामने होगी। योगी ने कहा कि अगर जांच में किसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्या है पूरा मामला? राम मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। SIT पिछले कई महीनों के दस्तावेजों, खातों और लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 100 कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच टीम ने लगभग 11 महीने के रिकॉर्ड और दस्तावेजों को खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं चढ़ावे के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की नजर जांच रिपोर्ट पर राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मामले की जांच को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। श्रद्धालु चाहते हैं कि जो भी सच्चाई हो, वह पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद यह साफ संकेत मिला है कि सरकार मामले को अंत तक पहुंचाने के पक्ष में है और किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Jharkhand

Jharkhand Election राज्यसभा नतीजों के बाद INDIA गठबंधन में दरार की चर्चा तेज

Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026 ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। चुनाव परिणाम आते ही कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए, जबकि RJD और CPI(ML) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ एक सीट की हार-जीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर गया है। कांग्रेस को लगा बड़ा झटका झारखंड की राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में JMM उम्मीदवार बैजनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को उम्मीद के विपरीत हार का सामना करना पड़ा। यह नतीजा इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने का दावा किया जा रहा था। चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस खेमे में निराशा साफ दिखाई दी। पार्टी नेताओं का मानना है कि कहीं न कहीं वोटों का गणित बिगड़ा, जिसके कारण यह हार सामने आई। हार के बाद शुरू हुआ आरोपों का दौर राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग हुई। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने संकेत दिए कि गठबंधन के भीतर से ही पार्टी को पूरा समर्थन नहीं मिला। हालांकि किसी दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन RJD और CPI(ML) के विधायकों को लेकर सवाल उठने लगे। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि अगर सभी वोट तय रणनीति के अनुसार पड़े होते, तो परिणाम अलग हो सकता था। RJD ने दिया जवाब कांग्रेस के आरोपों के बाद RJD ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि उनके सभी विधायकों ने गठबंधन धर्म का पालन किया और कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया। RJD का कहना है कि हार के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रबंधन की समीक्षा करनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाना सही नहीं है। CPI(ML) ने भी आरोपों को बताया बेबुनियाद CPI(ML) ने भी कांग्रेस की आशंकाओं को खारिज कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके विधायकों ने पहले से तय रणनीति के अनुसार मतदान किया था। नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुई निराशा में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। परिमल नाथवानी की जीत बनी चर्चा का विषय इस चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी जीत ने झारखंड की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले भी राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि मुकाबला अपेक्षा से ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। नतीजों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। INDIA Alliance के सामने नई चुनौती झारखंड राज्यसभा चुनाव का परिणाम INDIA गठबंधन के लिए एक चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि गठबंधन के भीतर मौजूद असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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