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बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त लेक्चरर पर जांच के आदेश, 2019 के ट्रांसफर आदेश का पालन नहीं करने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ की गई शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2019 में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में जॉइन नहीं किया और करीब छह साल से पुरानी शाला में ही पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता नीलकमल यादव ने मामले में जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 2019 में हुआ था तबादला शिकायत के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 अक्टूबर 2019 को स्थानांतरण आदेश जारी किया था। इसमें बिल्हा ब्लॉक के सरकंडा स्थित गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ गणित के लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा का नाम भी शामिल था। आदेश के तहत उनका तबादला तखतपुर ब्लॉक के घुटकू स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद नीलकमल यादव ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की। हाईकोर्ट में चुनौती देने का दावा शिकायत में कहा गया है कि प्रवीण कुमार मिश्रा ने ट्रांसफर आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने संबंधित शिक्षक को विभाग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने और विभाग को निर्धारित अवधि में उस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि अदालत की ओर से ट्रांसफर आदेश पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद शिक्षक ने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। छह साल तक पुरानी शाला में रहने का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लेक्चरर ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों से मिलीभगत कर स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया और लगातार पुरानी पदस्थापना वाली शाला में सेवाएं देते रहे। शिकायत में इसे विभागीय आदेश की अवहेलना बताते हुए संबंधित अधिकारियों और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। राज्यपाल पुरस्कार को लेकर भी उठे सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि जिस शिक्षक पर शासन के स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है, उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्यपाल पुरस्कार कैसे दिया गया। शिक्षा विभाग के जानकार अधिकारियों के मुताबिक, पुरस्कार के लिए नामांकन से पहले संबंधित कर्मचारी की सेवा संबंधी शिकायतों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में नामांकन से पहले किस स्तर पर परीक्षण किया गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश के बाद शिक्षक की वास्तविक पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण की स्थिति क्या थी तथा विभागीय रिकॉर्ड में इसे किस तरह दर्ज किया गया। जांच अधिकारी बोले- जांच जारी है मामले की जांच कर रहे सीनियर प्राचार्य राघवेंद्र गौरहा ने बताया कि लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब छह साल पहले उनका ट्रांसफर किया गया था, लेकिन शिकायत के अनुसार उन्होंने स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया। फिलहाल जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। छह महीने तक शिकायत लंबित रहने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक, 20 फरवरी 2026 को लेक्चरर के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसमें कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद करीब छह महीने तक मामले में जांच आगे नहीं बढ़ी। इसी अवधि के दौरान संबंधित लेक्चरर का नाम राज्यपाल पुरस्कार के लिए नामित हुआ और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर जिला शिक्षा कार्यालय की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। CM ऑनलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई शिकायतकर्ता का दावा है कि 20 फरवरी 2026 की शिकायत पर लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद CM ऑनलाइन में शिकायतकिए जाने पर विभाग सक्रिय हुआ और मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश का पालन हुआ था या नहीं और यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
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उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा नहीं हिली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। लगातार कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद ली है। IIT इंदौर की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों से प्रतिमा और आसपास की जमीन की जांच की। टीम यह पता लगा रही है कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसके नीचे या आसपास किस तरह की संरचना मौजूद है। IIT इंदौर की टीम ने करीब दो घंटे की जांच IIT इंदौर के विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। अब विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, मंदिर के पंडित के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी। सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर किए जाने की योजना है। इसी दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। प्रतिमा हटाने के लिए नगर निगम की टीम कटर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची थी। हालांकि, भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनों या ज्यादा ताकत के इस्तेमाल से प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराने की मांग की थी। पुरातत्व विशेषज्ञ के मुताबिक 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनका कहना है कि पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था और संभव है कि खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित की गई हो। उनके मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की हो सकती है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। प्रतिमा नहीं हिली तो भक्तों ने माना भगवान का संकेत प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सोशल मीडिया तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और हिंदू संगठनों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। कई भक्त इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा को हटाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहे जाने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज से जुड़ी है धार्मिक मान्यता मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, यहां लंबे समय से छोटे बच्चों को झाड़नी देने और ताबीज बांधने की परंपरा है। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। इसके बाद परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। पुजारी के मुताबिक, इसके बाद बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ। यह पुजारी द्वारा बताई गई घटना और धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय रूप से मंदिर की प्रक्रिया का परिणाम प्रमाणित नहीं किया गया है। मुस्लिम परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं स्थानीय भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक, मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं। उनके अनुसार संतान प्राप्ति या बीमारी जैसी समस्याओं को लेकर भी लोग यहां पहुंचते हैं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने का फैसला विशेषज्ञ रिपोर्ट आने तक रोक दिया है। अब IIT इंदौर की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।
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Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।
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दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 में अंग्रेजी विषय का फाइनल रिजल्ट जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज शिक्षा भर्ती-2025 में अंग्रेजी विषय का फाइनल परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने संजय आशिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को भर्ती प्रक्रिया आगे जारी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने उच्च शिक्षा सचिव और राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर के सचिव से मामले में जवाब मांगा है। फाइनल आंसर-की जारी किए बिना इंटरव्यू का आरोप याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि आरपीएससी ने मॉडल आंसर-की में विवादित प्रश्नों को लेकर दर्ज कराई गई आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। याचिका के मुताबिक, आयोग ने विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों का अंतिम निस्तारण नहीं किया और फाइनल आंसर-की जारी किए बिना अभ्यर्थियों के इंटरव्यू शुरू कर दिए। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि यदि विवादित प्रश्नों का निस्तारण किए बिना नियुक्तियां कर दी जाती हैं तो नियुक्त अभ्यर्थियों के पक्ष में थर्ड पार्टी राइट्स यानी तीसरे पक्ष के अधिकार पैदा हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में बाद में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना मुश्किल हो सकता है। जनरल पेपर के 15 सवालों पर आपत्ति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 18 सितंबर 2025 को अंग्रेजी समेत कुल 31 विषयों में सहायक आचार्य पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी विषय में आवेदन किया था। याचिका में बताया गया कि लिखित परीक्षा के दौरान जनरल पेपर के 15 प्रश्नों, अंग्रेजी विषय के प्रथम पेपर के 4 प्रश्नों और द्वितीय पेपर के 7 प्रश्नों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। आरोप है कि आरपीएससी ने इन आपत्तियों का निस्तारण नहीं किया और न ही फाइनल आंसर-की जारी की। इसके बावजूद इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अन्य विषयों पर भी असर पड़ने का दावा अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जनरल पेपर के 15 प्रश्नों पर दर्ज आपत्तियों का प्रभाव केवल अंग्रेजी विषय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भर्ती में शामिल अन्य विषयों के अभ्यर्थियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। मामले में हाईकोर्ट ने अंग्रेजी विषय का फाइनल परिणाम जारी करने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। वहीं, आरपीएससी को भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी गई है।
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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा, 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

इंदौर। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए महज 24 घंटे में 50 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कांग्रेस का दावा है कि अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा पंजीयन हो चुके हैं। रजिस्ट्रेशन के इस आंकड़े को लेकर बुधवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर के परदेशीपुरा चौराहे पर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी मौजूद रहे। परदेशीपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने युवाओं के बढ़ते रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह जताया। पार्टी नेताओं ने इसे राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन सरकार के प्रति उनके असंतोष को दर्शाता है। पार्टी ने दावा किया कि युवाओं की इस भागीदारी से प्रदेश की भाजपा सरकार में भी हलचल बढ़ी है। छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने का दावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। उनके मुताबिक, लोकसभा सत्र के दौरान राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया था। चौकसे ने कहा कि इससे छात्रों में यह उम्मीद बनी है कि राहुल गांधी के माध्यम से उनकी समस्याएं भी सामने आएंगी और उनके समाधान की दिशा में आवाज उठेगी। सरकार के रवैये से छात्रों में नाराजगी का दावा चिंटू चौकसे ने भाजपा की दिल्ली और भोपाल सरकार के रवैये को लेकर छात्रों में नाराजगी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, कार्यक्रम में वास्तविक उपस्थिति और भागीदारी की तस्वीर आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।
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राजस्थान निकाय चुनाव: मतदान खत्म होते ही प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू, BJP-कांग्रेस ने एक्टिव की रणनीति

जयपुर। राजस्थान के 162 नगरीय निकायों—नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं—में पहले चरण के लिए बुधवार को मतदान हुआ। शाम 6 बजे वोटिंग समाप्त होते ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की तैयारी शुरू कर दी। मतदान खत्म होने के बाद कई प्रत्याशियों को पार्टी कार्यालयों और तय स्थानों पर बुलाया गया। भीलवाड़ा में BJP के 70 प्रत्याशी पार्टी ऑफिस पहुंचे भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में मतदान समाप्त होने के बाद भाजपा ने अपने सभी 70 प्रत्याशियों को पार्टी कार्यालय बुलाया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशियों को फोन कर कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए। कई प्रत्याशी बैग में जरूरी कपड़े और सामान लेकर पार्टी कार्यालय पहुंचते नजर आए। माना जा रहा है कि इसके बाद उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी है। पार्टी हाईकमान के निर्देशों के बाद प्रत्याशियों को मतगणना तक एकजुट रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस ने भीलवाड़ा में 53 वार्डों में अधिकृत प्रत्याशी उतारे थे। मतदान के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों को अभी तक पार्टी की ओर से किसी तरह का फोन आने की जानकारी सामने नहीं आई है। भीलवाड़ा में 154 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। इनमें कई प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों को सीधी चुनौती दे रहे हैं। चित्तौड़गढ़ में समर्थकों के साथ BJP प्रत्याशी पार्टी ऑफिस पहुंचे चित्तौड़गढ़ में मतदान समाप्त होते ही भाजपा प्रत्याशियों को पार्टी कार्यालय बुलाया गया। प्रत्याशी अपने समर्थकों और जरूरी सामान के साथ पार्टी ऑफिस पहुंचे। यहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद वे अलग-अलग गाड़ियों से रवाना हो गए। राजनीतिक हलकों में इसे चुनाव के बाद शुरू हुई बाड़ेबंदी की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टियां अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने और मतगणना तक उनके संपर्क में रहने की रणनीति पर काम कर रही हैं। महवा में BJP के 35 प्रत्याशी बस से जयपुर रवाना दौसा जिले की महवा नगर पालिका में भी मतदान खत्म होते ही प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई। भाजपा के 35 प्रत्याशियों को महवा विधायक राजेंद्र मीणा बस में बैठाकर जयपुर के लिए रवाना हुए। भाजपा की ओर से प्रत्याशियों को एकजुट रखने के साथ-साथ आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशियों को निजी होटल में बुलाया महवा में कांग्रेस के 34 प्रत्याशियों को हिंडौन रोड स्थित एक निजी होटल में बुलाया गया है। माना जा रहा है कि यहां प्रत्याशियों को एकजुट रखने और नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। वहीं, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विजय बोहरा 22 निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हो गए। ऐसे में महवा में चुनावी नतीजों से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतगणना से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब सभी दलों की नजर संभावित बहुमत और अध्यक्ष पद के समीकरण पर है। प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब मतगणना के दिन ही तस्वीर साफ होगी कि किस दल को कितनी सफलता मिलती है और अध्यक्ष पद के लिए किस तरह के समीकरण बनते हैं।
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Smriti Mandhana

Smriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आज का मुकाबला खास होने वाला है। स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) की कप्तानी में टीम इंडिया शुक्रवार, 16 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले T20 इंटरनेशनल मैच में मैदान पर उतरेगी। रायपुर में होने वाले इस मुकाबले के साथ भारतीय टीम एक नई शुरुआत करने जा रही है। क्रिकेट फैंस की नजरें स्मृति मंधाना की कप्तानी और टीम के प्रदर्शन पर रहेंगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली इस सीरीज में खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलेगा। भारतीय टीम की कोशिश जीत के साथ शुरुआत करने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। India vs Zimbabwe Women Match: कितने बजे शुरू होगा मुकाबला? भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच पहला T20 मुकाबला 16 अक्टूबर को खेला जाएगा। मैच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा। मैच का समय भारतीय दर्शकों के लिए सुविधाजनक है। ऐसे में फैंस शाम को इस मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। Smriti Mandhana Captaincy: नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं। अब पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके सामने टीम को सही दिशा देने की चुनौती होगी। मैदान पर फैसले लेने से लेकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने तक, उनकी भूमिका अहम रहने वाली है। मंधाना के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। वह अपनी बल्लेबाजी के दम पर कई बार टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाल चुकी हैं। अब कप्तानी में भी उनसे इसी तरह के आत्मविश्वास और बेहतर रणनीति की उम्मीद की जा रही है। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें भारतीय टीम में स्मृति मंधाना के अलावा शैफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ियों का प्रदर्शन अहम हो सकता है। शैफाली वर्मा को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। टी20 क्रिकेट में तेज शुरुआत और आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाना काफी मायने रखता है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत से ही रन बनाने पर ध्यान देना होगा। वहीं, गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे की टीम को कम स्कोर पर रोकने की चुनौती रहेगी। India Women vs Zimbabwe Women T20 Series का शेड्यूल भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जानी है। इसका कार्यक्रम इस प्रकार है: सीरीज के तीनों मुकाबले रायपुर में खेले जाने हैं। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी प्रस्तावित है। Live Streaming: मोबाइल और TV पर कहां देखें मैच? भारत और जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के बीच होने वाले मुकाबले का लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग देखने के लिए दर्शक संबंधित आधिकारिक ब्रॉडकास्ट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की जानकारी चेक कर सकते हैं। Star Sports Network और JioHotstar पर प्रसारण की उपलब्धता मैच के आधिकारिक शेड्यूल से जरूर कन्फर्म करें। जीत से शुरुआत करना चाहेगी टीम इंडिया स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का मौका भी है। टीम के अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय महिला टीम रायपुर में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर पाती है या जिम्बाब्वे उसे कड़ी चुनौती देता है। क्रिकेट फैंस को इस मुकाबले में रोमांचक खेल की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India Flight Update: सऊदी अरब जाने वालों की बढ़ी परेशानी, Riyadh-Jeddah-Dammam की Flights रद्द

Saudi Arabia जाने की तैयारी कर रहे भारतीय यात्रियों के लिए हवाई यात्रा से जुड़ी परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बीच एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया है। Air India की रियाद, जेद्दा और दम्माम जाने वाली उड़ानों को लेकर भी यात्रियों को अपडेट का इंतजार है। जिन लोगों ने आने वाले दिनों में टिकट बुक कराया है, उन्हें एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। उड़ानों के रद्द होने या शेड्यूल बदलने से नौकरी, कारोबार और परिवार से मिलने के लिए सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में टिकट और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखने के साथ एयरलाइन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना भी जरूरी है। Air India Flights Cancelled: किन शहरों पर पड़ा असर? Air India की उड़ानों से जुड़ी रिपोर्टों में रियाद, जेद्दा और दम्माम का जिक्र किया गया है। ये सऊदी अरब के प्रमुख शहर हैं, जहां भारत से बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। उड़ानों के संचालन में बदलाव होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख आगे बढ़ानी पड़ सकती है या वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, Air India ने पहले 17 अक्टूबर 2026 तक कुछ उड़ानें रद्द रखने की जानकारी दी थी। हालांकि, 20 अक्टूबर तक सभी उड़ानें रद्द रहने के दावे की ताजा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। यात्रियों को अपनी फ्लाइट की तारीख के अनुसार एयरलाइन से जानकारी लेनी चाहिए। सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की बढ़ी चिंता सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। इसके अलावा, कारोबार, पारिवारिक मुलाकात और अन्य जरूरी कामों से भी लोग वहां की यात्रा करते हैं। ऐसे में अचानक उड़ानें रद्द होने या समय बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन यात्रियों की यात्रा पहले से तय है, उन्हें टिकट की स्थिति के साथ होटल बुकिंग, कनेक्टिंग फ्लाइट और अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच कर लेनी चाहिए। खासकर दूसरी फ्लाइट से आगे की यात्रा करने वालों को समय रहते अपनी एयरलाइन से संपर्क करना चाहिए। आखिर क्यों प्रभावित हो रही हैं Flights? क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण एयरलाइंस को अपने उड़ान कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों और विमान के क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, किसी विशेष उड़ान को रद्द करने की वजह और उसकी अवधि की पुष्टि संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक सूचना से ही की जानी चाहिए। Flight Cancel होने पर क्या करें? अगर आपकी Air India की फ्लाइट रद्द हो गई है या उसके समय में बदलाव हुआ है, तो घबराने के बजाय ये कदम उठाएं: यात्रियों के लिए जरूरी सलाह सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे किसी पुरानी खबर के आधार पर अपनी यात्रा का फैसला न लें। उड़ानों की स्थिति में बदलाव हो सकता है और अलग-अलग एयरलाइंस की समयसीमा भी अलग हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kamchatka

Kamchatka में Earthquake: रूस में फिर कांपी धरती, पिछले साल सुनामी ने मचाई थी तबाही

रूस (Russia) के कामचटका (Kamchatka) प्रायद्वीप में 7.0 तीव्रता के भूकंप की खबर ने एक बार फिर इस क्षेत्र को चर्चा में ला दिया है। यह इलाका पहले भी बड़े भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है। साल 2025 में यहां के पास आए 8.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में उठी लहरों ने तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। ऐसे में ताजा भूकंप के बाद लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कहीं इसका असर समुद्र और आसपास के क्षेत्रों पर तो नहीं पड़ेगा। Kamchatka Earthquake: रूस में कहां आया भूकंप? 16 अक्टूबर 2026 को रूस के कामचटका क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इसका केंद्र कामचटका के पूर्वी तट के पास था। भूकंप की गहराई करीब 140 से 148 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप के बाद सबसे अहम सवाल सुनामी के खतरे को लेकर था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने इस भूकंप के कारण सुनामी का खतरा नहीं बताया। घटना से जुड़े नुकसान और अन्य प्रभावों की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। 2025 में आए Earthquake ने मचाई थी तबाही कामचटका का नाम सामने आते ही पिछले साल की बड़ी प्राकृतिक आपदा याद आती है। 29 जुलाई 2025 को रूस के कामचटका तट के पास 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली दर्ज भूकंपों में से एक था। इस भूकंप के बाद प्रशांत महासागर में सुनामी की लहरें उठीं। रूस के तटीय इलाकों और उत्तरी कुरिल द्वीप समूह में समुद्र का पानी तेजी से आगे बढ़ा। कुछ जगहों पर लहरों ने तटीय बस्तियों और इमारतों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी अलर्ट जारी किए गए थे। सुनामी की लहरों ने तटीय इलाकों को किया था प्रभावित 2025 में आए भूकंप के बाद समुद्र में उठी ऊंची लहरों ने तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी थी। कुछ इलाकों में समुद्र का पानी बस्तियों तक पहुंच गया और संपत्ति को नुकसान हुआ। इस घटना ने दिखाया कि समुद्र के नीचे आने वाला शक्तिशाली भूकंप केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर स्थित तटों पर भी असर डाल सकता है। हालांकि, 2025 की सुनामी और अक्टूबर 2026 में आए ताजा भूकंप को अलग-अलग घटनाओं के रूप में समझना चाहिए। दोनों के बीच सीधे संबंध की पुष्टि करने वाली जानकारी उपलब्ध नहीं है। बार-बार भूकंप क्यों आते हैं कामचटका में? रूस का कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले Ring of Fire का हिस्सा है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं। प्रशांत प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे खिसकती है। इस प्रक्रिया में जमीन के भीतर तनाव जमा होता है और जब यह तनाव अचानक निकलता है, तो भूकंप आता है। इसी भूगर्भीय गतिविधि के कारण कामचटका में शक्तिशाली भूकंप आने की आशंका बनी रहती है। क्या ताजा भूकंप से सुनामी का खतरा है? 16 अक्टूबर 2026 को आए 7.0 तीव्रता के भूकंप के संबंध में शुरुआती जानकारी में सुनामी का खतरा नहीं बताया गया। यह राहत की बात है, क्योंकि 2025 में इसी क्षेत्र के पास आए बड़े भूकंप के बाद समुद्र में उठी लहरों ने कई तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। फिलहाल ताजा घटना से जुड़े नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने का इंतजार है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के प्रभाव का आकलन उसकी तीव्रता के साथ-साथ गहराई, केंद्र की स्थिति और आसपास की भूगर्भीय परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। कामचटका में आए इस भूकंप ने एक बार फिर याद दिलाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से यह क्षेत्र कितना संवेदनशील है। फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं होना राहत की खबर है, लेकिन आगे की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

CJP Tiranga March: दिल्ली में हाई अलर्ट, कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू

राजधानी दिल्ली में 16 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं, प्रशासन ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। मार्च के मद्देनजर धारा 163 लागू होने और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। CJP के इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज है। पार्टी की ओर से अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च का ऐलान किया गया है। दूसरी ओर, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सतर्क है। CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर बढ़ी हलचल अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की थी। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए अपने नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध दर्ज कराना चाहती है। आरोप है कि उसके नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ कार्रवाई की गई। पार्टी ने इस मामले को लेकर विरोध जताया है। हालांकि, गिरफ्तारी से जुड़े आरोपों और प्रशासन के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। Connaught Place में धारा 163 लागू, सुरक्षा बढ़ाई गई प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और किसी संभावित तनाव को रोकना है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें और मौके पर तैनात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा Central Park कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह वही स्थान है, जहां CJP ने तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की थी। पार्क बंद रहने और आसपास सुरक्षा बढ़ने से कनॉट प्लेस आने वाले लोगों को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर बाजार, दफ्तरों और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाने वाले लोगों को निकलने से पहले ताजा जानकारी देख लेनी चाहिए। Delhi Traffic Advisory: कई रास्तों पर डायवर्जन की तैयारी मार्च के कारण कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के आसपास यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, जरूरत पड़ने पर कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया जा सकता है। दफ्तर जाने वाले लोगों, यात्रियों और कनॉट प्लेस आने वाले ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग चुनें और यात्रा से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक अपडेट जरूर देख लें। गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, प्रशासन की कानून-व्यवस्था पर नजर CJP का यह मार्च अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध से जुड़ा है। पार्टी तिरंगा लेकर प्रदर्शन करना चाहती है, जबकि प्रशासन का ध्यान सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर है। कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख कारोबारी और पर्यटन क्षेत्र है। ऐसे में सुरक्षा प्रतिबंधों और ट्रैफिक बदलावों का असर आम लोगों के साथ स्थानीय कारोबार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, मार्च को लेकर स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rajnath Singh

Rajnath Singh Statement: SIR विवाद पर विपक्ष को घेरा, Bangladesh मॉडल का जिक्र

देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का एजेंडा देश में अस्थिरता पैदा करना है। राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। इस मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर बीजेपी विरोध प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाने की बात कर रहा है। Rajnath Singh ने विपक्ष पर क्या कहा? रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम की तर्ज पर भारत में भी सत्ता परिवर्तन का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से देश में तनाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। राजनाथ सिंह के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़कर देख रही है। हालांकि, विपक्ष के इरादों को लेकर लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। SIR विवाद को लेकर क्यों आमने-सामने हैं BJP और Opposition? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है। लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। दूसरी तरफ, बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष SIR के मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन का रूप देकर सरकार और चुनावी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी खींचतान के कारण यह मामला अब संसद और चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर सड़क पर भी चर्चा का विषय बन गया है। Rahul Gandhi और विरोध प्रदर्शनों पर भी सियासत तेज SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की भूमिका भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई है। बीजेपी लगातार विपक्ष के आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठा रही है। वहीं, विपक्ष का तर्क है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। मतदाता सूची में किसी भी तरह की कथित अनियमितता को सामने लाना और उसका समाधान मांगना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा किस तरह आगे बढ़ती है और राजनीतिक दल अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखते हैं। ‘Regime Change’ बयान से बढ़ा विवाद राजनीतिक बहस में ‘Regime Change’ यानी सत्ता परिवर्तन का मुद्दा भी चर्चा में है। इस शब्द को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कुछ विपक्षी नेता सरकार बदलने के लिए देश में बड़े आंदोलन की जमीन तैयार करना चाहते हैं। दूसरी ओर, सरकार बदलने की मांग करना अपने आप में लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। असली सवाल यह है कि विरोध किस उद्देश्य से किया जा रहा है और उसके समर्थन में क्या प्रमाण मौजूद हैं। इसी वजह से इस विवाद को केवल राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर समझने के बजाय संबंधित नेताओं के बयानों, घटनाक्रम और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है। आगे क्या होगा? Rajnath Singh के बयान ने SIR विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल, मतदाता सूची की प्रक्रिया, चुनावी पारदर्शिता और विरोध प्रदर्शनों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित मुद्दों पर चुनाव आयोग और अदालतों में क्या कार्रवाई होती है तथा राजनीतिक दल अपने दावों को किस तरह सामने रखते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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