बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम Tejashwi Yadav ने दावा किया कि उनका और उनकी पत्नी राजश्री यादव का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे अहम प्रक्रिया यानी वोट डालने के अधिकार से उन्हें वंचित किया गया।
तेजस्वी का यह बयान आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कई लोगों ने इस पर चिंता जताई कि अगर इतने बड़े नेता का नाम लिस्ट से हट सकता है, तो आम जनता के साथ क्या हो रहा होगा?
जब दैनिक भास्कर ने वोटर लिस्ट की जांच की तो पता चला कि तेजस्वी यादव का नाम लिस्ट में 416वें नंबर पर दर्ज है। वहीं उनकी पत्नी राजश्री यादव का नाम भी 445वें नंबर पर साफ-साफ लिखा हुआ है।
इस जानकारी से साफ हो गया कि तेजस्वी का दावा पूरी तरह से सही नहीं था, लेकिन यह मामला यह जरूर दिखाता है कि नेताओं को भी अपने वोटर आईडी और लिस्ट की स्थिति समय-समय पर जांचते रहना चाहिए।
तेजस्वी यादव का ये कदम चाहे राजनैतिक हो या मानवीय गलती, लेकिन इससे एक जरूरी संदेश जरूर मिलता है— हर नागरिक को वोटर लिस्ट की जांच समय पर करनी चाहिए ताकि मतदान के दिन कोई परेशानी न हो।
ये मामला सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि हम सभी का है। हमें यह समझना होगा कि लोकतंत्र की असली ताकत हमारा वोट है और उसे बरकरार रखने की जिम्मेदारी भी हमारी है।
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