नई दिल्ली। राजधानी में आग लगने और अन्य आपातकालीन घटनाओं के दौरान बचाव व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने अग्निशमन सेवा का विस्तार करने का फैसला किया है। विभाग में अलग-अलग श्रेणियों के 2,345 नए पद सृजित किए जाएंगे। वर्ष 1942 में स्थापना के बाद 84 साल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर पदों का पुनर्गठन किया जा रहा है।
इस फैसले के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा में स्वीकृत पदों की संख्या 3,096 से बढ़कर 5,441 हो जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों की जान-माल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार के मुताबिक, राजधानी की बढ़ती आबादी, घनी बस्तियों, बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए अग्निशमन सेवा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना जरूरी है।
वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ तक बढ़ेंगे पद
विभाग के पुनर्गठन के तहत उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मंडल अधिकारी, सहायक मंडल अधिकारी, स्टेशन अधिकारी, उप अधिकारी, अग्रणी अग्निशामक और अग्नि ऑपरेटर के पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा चपरासी और माली के पदों में भी विस्तार किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि नए पद सृजित होने से विभाग की नेतृत्व और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही आग और अन्य आपात स्थितियों के दौरान मौके पर पहुंचने वाली बचाव टीमों को पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे।
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आपदा के समय हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ने से बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
नए पदों के सृजन से अग्निशमन सेवा की कार्यक्षमता बढ़ाने और राजधानी में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है।
