स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के पुरस्कार समारोह में 11 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के विजेता शहरों को सम्मानित करेंगी। दिल्ली के विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर 57 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहेंगे।
मध्य प्रदेश के इंदौर सहित सात शहरों को सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है। इस बार इंदौर के सामने अपनी सफाई व्यवस्था का स्तर बनाए रखने के साथ ही देपालपुर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने की जिम्मेदारी भी रही।
इंदौर को बनाया गया देपालपुर का मेंटर शहर
स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर को सामान्य शहरों की रैंकिंग से अलग सुपर स्वच्छ लीग में जगह दी गई है। इसके तहत शुरू की गई स्वच्छ शहर जोड़ी पहल में इंदौर को देपालपुर का मेंटर शहर बनाया गया था।
इंदौर को देपालपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पुराने कचरे के निपटान, जनजागरूकता और सफाई व्यवस्था के संचालन में सुधार के लिए मार्गदर्शन देना था। ऐसे में इस बार इंदौर के प्रदर्शन का आकलन केवल अपनी सफाई व्यवस्था के आधार पर ही नहीं, बल्कि देपालपुर को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुपर स्वच्छ लीग में 85 प्रतिशत अंक जरूरी
सुपर स्वच्छ लीग की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। यह उन शहरों की विशेष श्रेणी है, जिन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। इस लीग में शामिल शहरों के लिए कम से कम 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी है।
देशभर में 72 मेंटर शहरों को 195 मेंटी शहरों की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सूरत और नवी मुंबई से इंदौर को चुनौती
सुपर स्वच्छ लीग में इंदौर के साथ सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा जैसे शहर भी शामिल हैं। वहीं, मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में अहमदाबाद, भोपाल और लखनऊ को भी इस लीग में जगह दी गई है। इन शहरों का मूल्यांकन सामान्य रैंकिंग के बजाय उच्च स्वच्छता मानकों के आधार पर किया जाएगा।
इन मानकों पर हुआ शहरों का आकलन
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में कचरा संग्रहण और निपटान के साथ पानी के प्रबंधन, सफाई कर्मचारियों के कल्याण और जनता की शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा वोट फॉर माय सिटी, मायगॉव और स्वच्छता ऐप के माध्यम से नागरिकों की राय भी ली गई।
नदी किनारे और समुद्री तट पर बसे शहरों के लिए अलग आकलन व्यवस्था रखी गई। देशभर में 3 हजार से अधिक सर्वेयरों ने 45 दिनों तक मैदानी सर्वे किया।
स्वच्छ शहर जोड़ी पहल में महाराष्ट्र सबसे आगे
स्वच्छ शहर जोड़ी पहल में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। राज्य के 47 शहरों को इस पहल में शामिल किया गया। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के 20, गुजरात के 20, ओडिशा के 15, हरियाणा के 10 और मध्य प्रदेश के 7 शहरों को जोड़ी के रूप में शामिल किया गया।










































