भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के नामांकन दाखिल करने पहुंचने से पहले ही भोपाल में पुलिस-प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते कई नेताओं को उनके घरों से ले जाकर थाने में बैठाया गया, जबकि कुछ को हाउस अरेस्ट और नजरबंद किया गया।
युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को पुलिस हबीबगंज थाने ले गई। वहीं, मोहित सक्सेना को अयोध्या नगर थाने में बैठाया गया।
मनोज शुक्ला के कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को भोपाल स्थित उनके कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया गया। कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया और उन्हें तथा उनके साथियों को बाहर नहीं निकलने दिया गया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी भी हुई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
एपस्टीन फाइल्स को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
मनोज शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से जुड़े एपस्टीन फाइल्स के संदर्भों पर उठ रहे सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है।
उन्होंने कहा कि मंत्री से जुड़े दस्तावेजों को लेकर देश की जनता को जवाब मिलना चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है।
फिलहाल, हरदीप पुरी के भोपाल पहुंचने से पहले की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है।
