रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की मासूम के साथ हुई दर्दनाक घटना के आरोपी सलमान इस समय हमीदिया अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। पुलिस ने इस मामले में सलमान को फरारी में मदद करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार कर भोपाल जेल भेज दिया है। सुरक्षा कारणों से तीनों को वहीं रखा गया है।
पूछताछ में सलमान का बड़ा खुलासा – भोपाल में 4 दिन तक खुलेआम रहा, मजदूरी भी तलाशता रहा
पुलिस पूछताछ में सलमान ने हैरान कर देने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि घटना के बाद वह चार दिन तक भोपाल में ही छिपा रहा और इस दौरान—
- मिसरोद
- गौतम नगर (डीआईजी बंगला के पास)
- टीला जमालपुरा (पुतलीघर)
- गांधी नगर
जैसे इलाकों में फरारी काटता रहा।
सबसे हैरानी की बात यह है कि वह खुलेआम पीठे पर मजदूरी ढूंढने खड़ा रहता, चोरी का मोबाइल बेचकर खाना खाता और उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा—लेकिन फिर भी वह पकड़ा नहीं गया।
बुधवार को रायसेन पुलिस ने पुष्टि की कि सलमान इन दिनों में भोपाल में ही खुलेआम घूमता रहा था।
कैसे पकड़ा गया सलमान? – कोई पहचान पत्र नहीं, घटना से भी किया इंकार
27 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे सेक्टर 11 में लोगों को सलमान संदिग्ध लगा।
उसे पकड़ने वाले रिजवान ने बताया कि—
- दोस्तों ने शक होने पर मुझे बुलाया
- हमने उसकी फोटो पुलिसकर्मी राहुल गुरु को भेजी
- रायसेन पुलिस ने तस्दीक की और टीम तुरंत पहुंच गई
जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो उसके पास आधार सहित कोई भी दस्तावेज नहीं मिला।
पूछने पर उसने खुद को रेप का आरोपी मानने से इनकार कर दिया और घटना की जानकारी होने तक से मना कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे में रायसेन पुलिस पहुंची और उसे अपने साथ ले गई।
अगली सुबह उसके एनकाउंटर की खबर आई, तब जाकर पक्का हुआ कि पकड़ा गया व्यक्ति वास्तव में सलमान ही था।
तीन युवक जेल भेजे गए, दो और संदिग्धों की जांच जारी
गौहरगंज पुलिस ने सलमान को शरण देने के आरोप में तीन युवकों को JMFC कोर्ट में पेश कर भोपाल जेल भेज दिया।
पुलिस अब भोपाल के दो और युवकों की भूमिका की जांच कर रही है, जो लेबर ठेकेदारी से जुड़े हैं और सलमान की मदद के शक में हैं।
मासूम बच्ची अस्पताल से डिस्चार्ज, हालत में सुधार
एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मासूम की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह अब अपने घर पहुंच चुकी है।
परिवार के लिए यह राहत की बड़ी खबर है, लेकिन बच्ची और परिवार जो दर्द झेलकर निकले हैं, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
For more information, visit: www.deshharpal.com
