वरिष्ठ कांग्रेस नेता डिग्विजय सिंह ने आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) मीटिंग में पार्टी के वर्किंग स्टाइल और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी के निर्णय लेने के तरीके और संगठनात्मक ढांचे पर चिंता जताई, और कहा कि बहुत ज्यादा अधिकार केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित है।
डिग्विजय सिंह ने बैठक में यह भी कहा कि पार्टी में विकेंद्रीकरण (Decentralization) की जरूरत है, ताकि सभी स्तरों के नेताओं को निर्णय में हिस्सा मिल सके। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व के तरीकों पर भी संकेत दिए, जिससे यह साफ़ हुआ कि कांग्रेस के अंदर सुधार और बदलाव पर चर्चा जारी है।
यह बैठक दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया, डी. के. शिवकुमार और शशि थरूर भी मौजूद थे। CWC मीटिंग का मकसद पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर विचार करना था, खासकर आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सवाल उठाना दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी आंतरिक सुधार और रणनीतिक सोच पर गंभीर है। डिग्विजय सिंह की टिप्पणियाँ यह दिखाती हैं कि पार्टी लीडरशिप और संगठनात्मक कार्यशैली को सुधारने की दिशा में कदम उठा रही है।
इस बैठक से यह भी संकेत मिलता है कि कांग्रेस आगामी राजनीतिक चुनौती और चुनावों के लिए खुद को मजबूत बनाने पर काम कर रही है, और यह बदलाव पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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