भारत में जनगणना 2027 (Census 2027) को लेकर तैयारियां अब जमीन पर दिखने लगी हैं। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने पहले चरण यानी House Listing and Housing Census के लिए 33 अहम सवालों की सूची जारी कर दी है।
Online Self-Enumeration Portal: घर बैठे भरें जानकारी
इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोग Online Self-Enumeration Portal के जरिए खुद जानकारी दर्ज कर सकेंगे। अब सिर्फ गणनाकर्मी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। परिवार का जिम्मेदार सदस्य मोबाइल नंबर और OTP के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करके अपने घर की जानकारी पहले से भर सकता है।
बाद में जब census enumerator घर आएगा, तो वह सिर्फ जानकारी का सत्यापन करेगा। इससे लोगों का समय बचेगा और डेटा की accuracy भी बढ़ेगी।
पहले चरण के 33 सवाल: घर और जीवन स्तर की पूरी जानकारी
पहले चरण में पूछे जाने वाले सवाल सीधे घर और जीवन स्तर से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं:
- घर की दीवार, छत और फर्श की सामग्री
- कमरों की संख्या और सुविधाएं
- बिजली, पानी, शौचालय की उपलब्धता
- इंटरनेट और मोबाइल कनेक्शन
- वाहन और खाना बनाने का ईंधन
- परिवार का मुख्य अनाज
सरकार का उद्देश्य यह है कि इन आंकड़ों से देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सही तस्वीर सामने आए और welfare schemes को ground reality के अनुसार डिजाइन किया जा सके।
Stable Live-in Couples भी होंगे Married Count में
इस बार का सबसे चर्चित बदलाव है stable live-in couples को married category में गिनना। यदि कोई जोड़ा लंबे समय से साथ रह रहा है और उसका रिश्ता स्थिर पारिवारिक इकाई की तरह है, तो जनगणना में उन्हें “married” के रूप में दर्ज किया जाएगा।
ध्यान रहे, यह सिर्फ census classification के लिए है और इसका कानूनी विवाह से कोई संबंध नहीं है।
क्यों महत्वपूर्ण है Census 2027 का डेटा
मानवीय नजरिए से देखें तो यह बदलाव भारत के बदलते सामाजिक ढांचे को भी दर्शाता है। बड़े शहरों में live-in relationships, nuclear families और डिजिटल भागीदारी अब आम होती जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Census 2027 data आने वाले वर्षों में housing, sanitation, internet access, urban planning और welfare schemes के लिए निर्णायक साबित होगा।
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