भोपाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर मध्य प्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया।

भारत के विकास पर क्या बोले हरिवंश सिंह
कार्यक्रम के दौरान हरिवंश सिंह ने कहा कि “विकसित भारत” का सपना पूरा करने में देश को कई दशक लगे, लेकिन आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर एक मजबूत लोकतांत्रिक देश के रूप में सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि सही नीतियों और मजबूत संकल्प के साथ देश तेजी से आगे बढ़ सकता है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा
वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस सम्मेलन में अलग-अलग विचारधाराओं के विधायक एक मंच पर आए और उन्होंने अपने मतभेदों से ऊपर उठकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इनमें टेक्नोलॉजी का उपयोग, स्वच्छता अभियान, सोलर एनर्जी, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषय शामिल रहे।

छत्तीसगढ़ अलग होने की यादें
तोमर ने भावुक होते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से अलग हुआ था, तब सभी विधायकों की आंखों में आंसू थे। लेकिन आज भी दोनों राज्यों के बीच वही अपनापन और आत्मीयता बनी हुई है।
उज्जैन में करेंगे महाकाल के दर्शन
सम्मेलन के समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन जाकर भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की थी। इस दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सीएम मोहन यादव का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन बहुत जरूरी हैं। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे जनता के बीच रहें और अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ कमजोरियों को भी समझें।
छात्र संघ चुनाव की मांग
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि युवाओं में नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है।
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