मध्य प्रदेश के जबलपुर से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां डायल-112 की इमरजेंसी वाहन को स्टार्ट करने के लिए बच्चों से धक्का लगवाना पड़ा।
धक्का देकर स्टार्ट करनी पड़ी गाड़ी
कटंगी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात डायल-112 (FRV) गाड़ी अचानक बंद हो गई। बैटरी खराब होने की वजह से गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, जिसके बाद उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा।
इस घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें कुछ बच्चे पुलिस वाहन को धक्का देते नजर आ रहे हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 गाड़ियों की ऐसी हालत सामने आई हो। इससे पहले सितंबर 2025 में भी जबलपुर में नई गाड़ी को धक्का देने के बाद भी स्टार्ट नहीं किया जा सका था, तब उसे क्रेन से मैकेनिक के पास ले जाना पड़ा था।
इमरजेंसी सेवा पर उठे सवाल
डायल-112 जैसी इमरजेंसी सेवा का उद्देश्य लोगों को तुरंत मदद पहुंचाना है। लेकिन अगर गाड़ियां ही समय पर स्टार्ट न हों, तो गंभीर स्थिति में लोगों तक मदद कैसे पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है।
सीएम ने दिखाई थी हरी झंडी
गौरतलब है कि 14 अगस्त 2025 को डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से डायल-112 सेवा की शुरुआत की थी। इसके तहत पूरे प्रदेश में करीब 1200 गाड़ियां तैनात की गईं।
जबलपुर जिले को 47 वाहन दिए गए थे, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस बताया गया था।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं गाड़ियां
डायल-112 वाहनों में GPS, वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
यह सेवा पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सभी आपात सेवाओं को एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध कराती है।
अधिकारियों ने कंपनी को दी चेतावनी
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वाहन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से बात कर भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने की हिदायत दी है।
यह घटना एक बार फिर सिस्टम की हकीकत सामने लाती है, जहां कागजों में आधुनिक सुविधाएं हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है।
👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
