डिजिटल इंडिया के दौर में जहां UPI और ऑनलाइन पेमेंट ने जिंदगी आसान बनाई है, वहीं फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जो आने वाले समय में आपके पेमेंट करने के तरीके को बदल सकता है।
क्या है पूरा मामला?
RBI ने सुझाव दिया है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं—जैसे UPI या IMPS—तो पैसा तुरंत ट्रांसफर नहीं होगा।
इसके बजाय:
- ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे का Hold (Cooling Period) लगेगा
- इस दौरान आप चाहें तो पेमेंट Cancel कर सकते हैं
- अगर कोई बदलाव नहीं किया, तो 1 घंटे बाद पैसा अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
मान लीजिए आपने गलती से किसी गलत अकाउंट में पैसे भेज दिए या किसी स्कैम कॉल में आकर ट्रांसफर कर दिया—तो अब आपके पास उसे रोकने का मौका होगा।
यह 1 घंटे का समय:
- सोचने का मौका देगा
- गलती सुधारने का मौका देगा
- फ्रॉड से बचाने में मदद करेगा
किन पेमेंट पर नहीं लगेगा Hold?
RBI ने साफ किया है कि हर ट्रांजैक्शन पर यह नियम लागू नहीं होगा:
- ₹10,000 से कम के पेमेंट
- भरोसेमंद (trusted) अकाउंट्स
- ऑनलाइन शॉपिंग या मर्चेंट पेमेंट
इन मामलों में पेमेंट पहले की तरह तुरंत ही पूरा होगा।
‘Kill Switch’ क्या है? (सबसे बड़ा सेफ्टी फीचर)
इस प्रस्ताव में एक और खास फीचर शामिल है—Kill Switch।
आसान भाषा में:
अगर आपको लगे कि आपका अकाउंट खतरे में है, तो आप एक बटन दबाकर:
- UPI
- नेट बैंकिंग
- कार्ड पेमेंट
सब कुछ तुरंत बंद कर सकते हैं।
यह फीचर बड़े फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
बुजुर्गों के लिए खास सुरक्षा
RBI ने सीनियर सिटीज़न्स को ध्यान में रखते हुए भी सुझाव दिया है:
- 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए
- ₹50,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर
- किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी जरूरी हो सकती है
अभी लागू हुआ या नहीं?
नहीं, अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है
यह सिर्फ एक Proposal (Discussion Paper) है
RBI ने लोगों से इस पर सुझाव मांगे हैं, उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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