Kolkata से एक अनोखा लेकिन विवादित मामला सामने आया है। यहां एक कार्डियोलॉजिस्ट के कथित ऑफर ने सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में बहस छेड़ दी है।
खबरों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि अगर वे “जय श्री राम” बोलते हैं, तो उनके इलाज में छूट (डिस्काउंट) दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि इस ऑफर का एक पोस्टर या मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि धार्मिक नारा बोलने पर इलाज सस्ता मिलेगा।
इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे मजाक बताया, तो कुछ ने इसे गलत और गैर-पेशेवर बताया।
IMA ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर Indian Medical Association (IMA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।
IMA का कहना है कि डॉक्टर का काम इलाज करना होता है, न कि किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के ऑफर मेडिकल एथिक्स के खिलाफ हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्यों उठ रहा है विवाद?
- मेडिकल प्रोफेशन को निष्पक्ष और सभी के लिए समान माना जाता है
- धर्म के आधार पर छूट देना कई लोगों को गलत लगा
- सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई
डॉक्टर की सफाई (अगर सामने आई)
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने इसे मजाक या गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है। हालांकि, इस पर पूरी सच्चाई क्या है, इसकी जांच अभी जारी है।
क्या कहती है मेडिकल एथिक्स?
मेडिकल प्रोफेशन में हर मरीज को बराबरी से इलाज देना जरूरी होता है।
किसी भी धर्म, जाति या विचारधारा के आधार पर भेदभाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
