देश में गर्मी ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल के इस दौर में ही कई राज्यों में हालात ऐसे बन गए हैं, जैसे मई-जून की तपिश हो। सबसे ज्यादा चर्चा में है झारसुगुड़ा, जहां तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और यह शहर देश का सबसे गर्म इलाका बन गया।
झारसुगुड़ा में दोपहर जैसे ‘कर्फ्यू’ जैसे हालात
झारसुगुड़ा में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने जनगणना का काम दोपहर में रोकने का फैसला लिया, ताकि कर्मचारियों को इस खतरनाक गर्मी से बचाया जा सके।
यूपी-राजस्थान में गर्मी से राहत के जुगाड़
गर्मी का असर सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी पारा लगातार चढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए सड़कों पर पानी की फुहारें शुरू कर दी हैं। कई शहरों में टैंकरों से छिड़काव किया जा रहा है, ताकि तपती सड़कों और हवा को थोड़ा ठंडा किया जा सके।
बदल गई लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी
इस भीषण गर्मी ने आम जीवन की रफ्तार बदल दी है।
सुबह जल्दी बाजार खुल रहे हैं और दोपहर होते-होते सूने पड़ जाते हैं। लोग अब जरूरी काम ही बाहर निकलकर कर रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए यह समय खासा मुश्किल बन गया है।
डॉक्टरों की चेतावनी—लू से बचना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हीटवेव (लू) सबसे बड़ा खतरा है। थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीना जरूरी है
- सिर और शरीर को ढककर ही बाहर निकलें
- धूप में लंबे समय तक रहने से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें
आगे क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के संकेत कम हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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