मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में गुरुवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती ने व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, समय रहते पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई।
पारिवारिक विवाद से थे परेशान
जानकारी के मुताबिक, घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर निवासी पति-पत्नी लंबे समय से पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया।
आत्महत्या से पहले पति ने व्हाट्सएप स्टेटस पर परिवार से परेशान होने की बात लिखी और इसमें मां-बाप समेत 12 लोगों के नाम का जिक्र किया।
WhatsApp स्टेटस से अलर्ट हुई पुलिस
स्टेटस की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल तुरंत एक्शन में आए और पुलिस टीम को मौके पर भेजा। जब टीम नजरपुर स्थित घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।
खिड़की से देखने पर पता चला कि पति-पत्नी फंदे पर झूल रहे हैं।

दरवाजा तोड़कर बचाई गई जान
थाना प्रभारी ने बाहर से बातचीत कर दोनों का ध्यान भटकाया, जबकि टीम को दूसरे रास्ते से अंदर घुसने का इशारा किया गया। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों को तुरंत फंदे से नीचे उतार लिया।
उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब दोनों खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
दूसरी शादी बना विवाद की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की दूसरी शादी को लेकर उसके पिता नाराज थे और उसे घर से बेदखल कर दिया था। इसी कारण लंबे समय से परिवार में विवाद चल रहा था।
युवक को पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं है। पारिवारिक तनाव के चलते ही दंपती ने यह कदम उठाया।
पुलिस की सूझबूझ से बचीं दो जिंदगियां
थाना प्रभारी करण खोवाल ने दोनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर की अहम भूमिका रही।
पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और दो जिंदगियां बच सकीं।
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