उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम 6वें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान फर्जी तरीके से परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया है। एक छात्रा की जगह दूसरी छात्रा परीक्षा देती पकड़ी गई, जिससे विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।
दूसरी छात्रा दे रही थी परीक्षा
स्कूल ऑफ स्टडीज इन कॉमर्स में चल रही परीक्षा के दौरान सपना भदौरिया की जगह इंदौर से आई एक युवती परीक्षा देते पकड़ी गई। जांच के दौरान असली छात्रा का मोबाइल बंद मिला।

सूचना के बाद हुई कार्रवाई
एनएसयूआई नेता तरुण परिहार के अनुसार, उन्हें पहले ही सूचना मिली थी कि फर्जी तरीके से परीक्षा दिलाने की कोशिश होगी। इसके बाद अधिकारियों को सतर्क किया गया।

जांच में खुला पूरा मामला
कक्ष क्रमांक 10 में बैठी छात्रा के दस्तावेज और फोटो मिलान में गड़बड़ी मिली। पूछताछ में युवती ने अपना नाम प्रिशा साहू (इंदौर) बताया, जो बीटेक की छात्रा है।
“परीक्षा दे दो, बाकी बाद में समझ लेंगे”
प्रिशा ने बताया कि उसे ऋषभ नाम के युवक ने बुलाया था, जिसकी बहन सपना भदौरिया की जगह उसे परीक्षा देने के लिए कहा गया।
उसने खुलासा किया कि उस पर दबाव बनाया गया और सिर्फ कॉपी में कुछ भी लिखने को कहा गया था।
संगठित गिरोह की आशंका
मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है। इससे सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
कुलगुरु ने दिए जांच के आदेश
कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। फिलहाल छात्रा से पूछताछ की जा रही है और मामला पुलिस को सौंपने की तैयारी है।
यह घटना शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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