देश के शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों भारी दबाव में कारोबार करते दिखे। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi की वह अपील मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने लोगों से फिलहाल सोना कम खरीदने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने को कहा।
सरकार की इस अपील ने आम लोगों से ज्यादा निवेशकों को चौंका दिया। बाजार में यह संदेश गया कि आने वाले समय में सरकार कुछ बड़े आर्थिक कदम उठा सकती है। यही कारण रहा कि कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये निवेशकों के डूब गए।
क्यों टूटा Share Market?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने पहले ही बाजार का माहौल खराब कर रखा था। ऊपर से प्रधानमंत्री की अपील ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना आयात करते हैं। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
PM Modi की Appeal से क्यों मची हलचल?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि वे जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें। उन्होंने कार पूलिंग और ईंधन बचाने जैसे उपाय अपनाने की भी सलाह दी।
इस बयान के बाद बाजार में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। निवेशकों को लगने लगा कि सरकार जल्द ही गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है या ईंधन को लेकर कुछ सख्त फैसले ले सकती है।
Gold Shares में सबसे ज्यादा गिरावट
प्रधानमंत्री की अपील का असर सबसे ज्यादा ज्वेलरी सेक्टर में देखने को मिला। Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शेयरों में 8 से 10 फीसदी तक की कमजोरी देखी गई।
मार्केट जानकारों का कहना है कि अगर लोग सोना खरीदना कम करेंगे तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ना तय है।
Crude Oil की बढ़ती कीमत बनी चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इसका असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है। अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।
इसी डर की वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कई लोगों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में घबराकर निवेश निकालना सही फैसला नहीं माना जाता। लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है।
आने वाले दिनों में सरकार के अगले कदम, वैश्विक हालात और तेल की कीमतें तय करेंगी कि बाजार में गिरावट जारी रहेगी या फिर रिकवरी देखने को मिलेगी।
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