असम की राजनीति में एक बार फिर NDA ने अपनी ताकत दिखा दी है। राजधानी गुवाहाटी में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi भी मंच पर मौजूद रहे। उनके साथ कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और NDA गठबंधन के बड़े नेता समारोह में शामिल हुए।
गुवाहाटी में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। भाजपा समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का जश्न मनाया। कई जगहों पर लोगों ने इसे “नए असम की शुरुआत” बताया।
Himanta Sarma पर फिर जताया भरोसा
Himanta Biswa Sarma को पूर्वोत्तर में भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता है। पिछले कार्यकाल में उनकी सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और निवेश जैसे मुद्दों पर तेजी से काम किया। यही वजह रही कि जनता ने एक बार फिर NDA को सत्ता की कमान सौंप दी।
शपथ लेने के बाद हिमंता सरमा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने पर फोकस करेगी। उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि “असम को देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल करना हमारी प्राथमिकता होगी।”
PM Modi ने कहा- पूर्वोत्तर भारत का सुनहरा समय
समारोह में मौजूद Narendra Modi ने असम की नई सरकार को बधाई देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने विकास की नई रफ्तार देखी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर अब देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम में इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, पर्यटन और उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं को और तेजी से आगे बढ़ाएगी।
नई सरकार के सामने क्या हैं बड़ी चुनौतियां?
हालांकि NDA की वापसी के बाद अब सरकार के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियां भी होंगी। हर साल आने वाली बाढ़, युवाओं के लिए रोजगार, निवेश बढ़ाना और सीमावर्ती इलाकों में विकास जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे।
इसके अलावा राज्य में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की भी उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमंता सरकार का दूसरा कार्यकाल विकास और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से काफी अहम साबित हो सकता है।
विपक्ष ने भी दी प्रतिक्रिया
शपथ ग्रहण के बाद विपक्षी दलों ने नई सरकार को शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही जनता से किए गए वादों को पूरा करने की याद भी दिलाई। विपक्ष का कहना है कि आने वाले समय में महंगाई, रोजगार और स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।
पूर्वोत्तर में BJP की मजबूत पकड़
असम में लगातार दूसरी बार सरकार बनाना भाजपा और NDA के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे साफ है कि पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक असम की यह जीत आने वाले समय में पूर्वोत्तर की राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है।
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