PM Modi की पांच देशों की विदेश यात्रा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन इस दौरे की चर्चा अभी भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जारी है। United Arab Emirates, Netherlands, Sweden, Norway और Italy की इस यात्रा ने साफ कर दिया कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।
इस पूरे दौरे में कहीं निवेश की बात हुई, कहीं रक्षा साझेदारी मजबूत हुई, तो कहीं ग्रीन एनर्जी और नई टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस देखने को मिला। खास बात यह रही कि हर देश में भारत को एक भरोसेमंद और तेजी से उभरती ताकत के रूप में देखा गया।
UAE में निवेश और व्यापार को मिली नई रफ्तार
यात्रा की शुरुआत UAE से हुई, जहां पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और रक्षा सहयोग को लेकर कई अहम चर्चाएं हुईं। भारत और UAE ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने तथा निवेश प्रक्रियाओं को आसान करने पर जोर दिया।
PM मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और UAE की दोस्ती केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के दिलों से जुड़ा रिश्ता बन चुका है।
Netherlands के साथ टेक्नोलॉजी और Water Management पर फोकस
Netherlands दौरे के दौरान सेमीकंडक्टर, कृषि तकनीक और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहे। नीदरलैंड लंबे समय से आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों के लिए जाना जाता है और भारत इस अनुभव का फायदा अपने शहरी और कृषि विकास में लेना चाहता है।
दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
Sweden और Norway के साथ Green Energy Partnership मजबूत
Sweden और Norway में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रीन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत की। नॉर्डिक देशों ने भारत के साथ क्लीन एनर्जी और डिजिटल इनोवेशन सेक्टर में दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ाने में रुचि दिखाई।
इन बैठकों में स्टार्टअप, AI टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई, जिसे भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
Italy में Defence और AI सेक्टर पर बड़ा जोर
यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी Italy पहुंचे, जहां रक्षा सहयोग, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई।
भारत और इटली ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा को लेकर साझा दृष्टिकोण दोहराया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात यूरोप में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
दुनिया को मिला भारत का बड़ा संदेश
पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने इस दौरे के जरिए साफ संकेत दिया है कि वह वैश्विक मंच पर निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस दौरे ने यह भी दिखाया कि भारत अब केवल कूटनीतिक संबंध नहीं बना रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी, निवेश, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी मजबूत साझेदारी तैयार कर रहा है। यही वजह है कि पीएम मोदी की इस विदेश यात्रा को भारत की बदलती वैश्विक ताकत का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।
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