Bengaluru Daycare Abuse का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी Capgemini के कैंपस में संचालित डे-केयर सेंटर पर एक छोटे बच्चे के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बच्चे के माता-पिता का दावा है कि डे-केयर स्टाफ ने मासूम को बाथरूम में बंद कर दिया, वॉशिंग मशीन में बैठाया और टॉयलेट जेट से पानी डालकर प्रताड़ित किया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बच्चे के व्यवहार में बदलाव से हुआ मामले का खुलासा
पीड़ित परिवार के अनुसार, उनका बच्चा कुछ दिनों से अचानक बदला-बदला सा रहने लगा था। वह डे-केयर जाने से डरने लगा, अक्सर रोता था और पहले की तुलना में काफी सहमा हुआ दिखाई देता था। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य बदलाव समझा, लेकिन जब यह स्थिति लगातार बनी रही तो उन्हें किसी गंभीर बात का संदेह हुआ।
इसके बाद माता-पिता ने डे-केयर प्रबंधन से संपर्क किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की।
CCTV फुटेज देखकर परिवार के उड़ गए होश
परिजनों का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में जो दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। शिकायत के मुताबिक, डे-केयर के कर्मचारियों ने बच्चे को बाथरूम में बंद किया, फिर उसे वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाया और टॉयलेट जेट से पानी डालकर डराया। परिवार का कहना है कि इस घटना का बच्चे की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, सबूत जुटाए जा रहे
मामले की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, डे-केयर स्टाफ से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना एक बार हुई या बच्चे के साथ पहले भी ऐसा व्यवहार किया गया था।
डे-केयर सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने कॉर्पोरेट ऑफिसों में संचालित डे-केयर सेंटरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में नौकरीपेशा माता-पिता अपने छोटे बच्चों को ऐसे सेंटरों में छोड़कर काम पर जाते हैं। ऐसे में यदि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल एक परिवार नहीं बल्कि सभी अभिभावकों की चिंता का विषय बन जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डे-केयर सेंटरों में प्रशिक्षित स्टाफ, नियमित निगरानी, पारदर्शी सीसीटीवी व्यवस्था और मजबूत शिकायत तंत्र होना बेहद जरूरी है।
अभिभावकों के लिए क्या है सीख?
बाल विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चा अचानक डे-केयर जाने से मना करने लगे, बिना वजह डरा हुआ दिखे, बार-बार रोए या उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव नजर आए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे संकेत मिलने पर अभिभावकों को बच्चे से धैर्यपूर्वक बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर संबंधित संस्थान व पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
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