PepsiCo की पूर्व CEO इंद्रा नूयी का भारत को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि वह भारत में ही रहतीं, तो शायद किसी बड़ी कंपनी की CEO नहीं बन पातीं। उन्होंने भारत को एक “अव्यवस्थित (Chaotic)” देश बताते हुए कहा कि यहां महिलाओं के लिए शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण था।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके अनुभव से सहमत दिखे, जबकि कई लोगों ने इस टिप्पणी की आलोचना भी की।
क्या कहा इंद्रा नूयी ने?
इंद्रा नूयी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके करियर को आगे बढ़ाने में अमेरिका के पेशेवर माहौल और अवसरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका कहना था कि अगर वह भारत में ही रहतीं, तो संभवतः किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की CEO बनने का अवसर उन्हें नहीं मिलता।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कार्य संस्कृति और सामाजिक परिस्थितियां उस समय महिलाओं के लिए उतनी अनुकूल नहीं थीं, जितनी विदेशों में थीं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इंद्रा नूयी के बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे उनके व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर देखा, जबकि कई यूजर्स ने कहा कि भारत में आज महिलाओं के लिए नेतृत्व के अवसर पहले से काफी बढ़ चुके हैं।
भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में कॉर्पोरेट क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। कई बड़ी कंपनियों में महिलाएं शीर्ष पदों पर कार्य कर रही हैं और सरकार भी महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रही है।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अब भी लैंगिक समानता और नेतृत्व के अवसरों को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।
