जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख Mehbooba Mufti एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका ईरान दौरा है। ईरान ने उन्हें अपने सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के अंतिम संस्कार (Funeral Ceremony) में Special Guest के तौर पर आमंत्रित किया है। निमंत्रण स्वीकार करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।
ईरान से मिला आधिकारिक निमंत्रण
महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें ईरान सरकार की ओर से आधिकारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है और वह इस अवसर पर ईरान के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच वर्षों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। ऐसे समय में दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ खड़ा होना मानवीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
कई देशों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया
जानकारी के अनुसार, ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह में दुनिया के कई देशों के राजनीतिक, धार्मिक और कूटनीतिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। महबूबा मुफ्ती भी उन्हीं विशेष मेहमानों में शामिल हैं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर बुलाया गया है।
माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में कई देशों के वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे, जिससे यह समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत में शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
महबूबा मुफ्ती के इस दौरे की खबर सामने आने के बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कुछ लोग इसे दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों और संवेदनाओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस पर सवाल भी उठाने शुरू कर दिए हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चूंकि महबूबा मुफ्ती किसी सरकारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए इसे उनका व्यक्तिगत और राजनीतिक दौरा माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया पर दुनिया की नजर
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के बीच ईरान का यह समारोह वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई देशों की नजर इस बात पर रहेगी कि अंतिम संस्कार में किन-किन देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं और इससे क्षेत्रीय कूटनीति पर क्या असर पड़ता है।
क्या है इस दौरे का महत्व?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महबूबा मुफ्ती का यह दौरा केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी राजनीतिक और कूटनीतिक अहमियत भी है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार बदल रही है, किसी भारतीय राजनीतिक नेता का इस समारोह में शामिल होना चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है।
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