सोशल मीडिया पर इन दिनों गुलाबी (Pink) पेट्रोल और पेट्रोल टैंक में चींटियां आने से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन दावों के साथ यह भी कहा जा रहा है कि पेट्रोल में एथेनॉल (Ethanol) मिलाने की वजह से ऐसी समस्याएं हो रही हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सरकार पेट्रोल में एथेनॉल क्यों मिला रही है और इसके पीछे क्या उद्देश्य है।
क्या है Ethanol Blended Petrol?
Ethanol गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला जैव ईंधन (Biofuel) है। इसे पेट्रोल में निर्धारित अनुपात में मिलाकर Ethanol Blended Petrol (EBP) तैयार किया जाता है।
भारत सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।
सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर क्यों दे रही है जोर?
सरकार की इस नीति के पीछे कई प्रमुख कारण हैं—
- कच्चे तेल (Crude Oil) के आयात पर निर्भरता कम करना।
- विदेशी मुद्रा की बचत करना।
- किसानों को गन्ना और मक्का जैसी फसलों का बेहतर बाजार उपलब्ध कराना।
- कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) कम कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना।
- स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ाना।
