Ayodhya Ram Mandir में सामने आए कथित चोरी के मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस की पूरी कोशिश चोरी की गई रकम तक पहुंचने और यह पता लगाने की है कि आखिर उसे कहां छिपाया गया। इसी सिलसिले में मुख्य आरोपी अविनाश को उन जगहों पर ले जाया जाएगा, जहां उसने पूछताछ के दौरान रकम छिपाने या ले जाने से जुड़ी जानकारी दी है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि घटनास्थल और अन्य संभावित ठिकानों का निरीक्षण करने से कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी एक बार फिर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
चोरी की रकम तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस फिलहाल इस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है कि चोरी के बाद पैसे कहां गए। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि रकम किसी एक स्थान पर छिपाई गई या उसे अलग-अलग जगहों पर रखा गया। आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए पुलिस उसे संभावित ठिकानों पर लेकर जाएगी और पूरे घटनाक्रम का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि मौके पर की जाने वाली जांच से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
फिर होगी ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा सवाल-जवाब करेगी। जांच टीम पहले दर्ज किए गए बयानों की तुलना आरोपी के नए खुलासों और अन्य साक्ष्यों से करेगी।
हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि दोबारा पूछताछ का मतलब किसी पर आरोप तय होना नहीं है। यह जांच प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है, ताकि हर पहलू की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा सके।
CCTV और डिजिटल सबूतों की भी हो रही जांच
जांच केवल पूछताछ तक सीमित नहीं है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि वारदात में आरोपी अकेला शामिल था या उसके साथ कोई और भी था।
जरूरत पड़ने पर आरोपी के संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
अब तक जांच में क्या सामने आया?
- मुख्य आरोपी अविनाश से लगातार पूछताछ जारी है।
- चोरी की रकम बरामद करना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- आरोपी को संभावित ठिकानों पर ले जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन किया जाएगा।
- ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा पूछताछ होगी।
- सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है।
- पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
राम मंदिर चोरी मामले में अभी जांच जारी है और पुलिस की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या पूरी रकम की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां हर संभावित कड़ी को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

