India और Japan ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है और इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
भारत और जापान के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद और सुरक्षित ठिकानों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना होगा।
भारत ने दोहराया कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। ऐसे में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क और उनके समर्थकों पर सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, आर्थिक साझेदारी और नई तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत और जापान ने भविष्य में अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जापान का यह संयुक्त बयान पाकिस्तान के लिए एक मजबूत कूटनीतिक संदेश है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को लगातार समर्थन मिल रहा है।
भारत लंबे समय से सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है। ऐसे में जापान जैसे प्रमुख सहयोगी देश का खुला समर्थन भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को और मजबूती देता है।
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