तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और अन्य देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। IRGC का कहना है कि यह सैन्य अभियान अभी जारी रहेगा और आने वाले समय में भी कार्रवाई तेज की जाएगी।
IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान के खुजेस्तान प्रांत के अहवाज क्षेत्र में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का कथित वीडियो भी जारी किया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि अरब सागर में तैनात USS Boxer (LHD-4) पर मौजूद F-35B स्टेल्थ फाइटर जेट्स को ऑपरेशन के लिए तैयार रखा गया है। F-35B लड़ाकू विमान कम दूरी के रनवे और युद्धपोतों से उड़ान भरने में सक्षम हैं तथा रडार से बचते हुए सटीक हमले करने की क्षमता रखते हैं।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
- ईरान समझौते से पीछे हटा: ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने पहले समझौते का उल्लंघन किया।
- 50 लोगों की मौत का दावा: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना: कुवैत ने अपने एक जल शोधन (डिसैलिनेशन) संयंत्र पर ईरानी हमले का दावा किया, जबकि ईरान ने होर्मोजगान में अमेरिकी हमले से अपने प्लांट को नुकसान पहुंचने की बात कही।
- दो पुल क्षतिग्रस्त: अमेरिकी हमलों में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग के दो पुलों को नुकसान पहुंचा है। जस्क के पास भी सैन्य कार्रवाई की सूचना है।
- होर्मुज में जहाजों की आवाजाही घटी: सुरक्षा तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
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