भोपाल। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की काउंसलिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। वर्षों से लंबित प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संगठन की मांगों को स्वीकार करते हुए विभाग ने विद्यार्थियों को काउंसलिंग में अधिक अवसर देने का फैसला किया है।
नए नियमों के तहत अब विद्यार्थी काउंसलिंग के हर राउंड में रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे किसी एक राउंड में रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों को अंतिम चरण तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे अगले राउंड में भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
प्रवेश नहीं लेना है तो स्क्रूटनी की जरूरत नहीं
काउंसलिंग के दौरान यदि कोई विद्यार्थी किसी राउंड में प्रवेश नहीं लेना चाहता है, तो अब उसे स्क्रूटनी कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले प्रवेश नहीं लेने की स्थिति में भी विद्यार्थी को स्क्रूटनी के लिए संबंधित कॉलेज जाना पड़ता था। नए नियम से विद्यार्थियों को इस अनावश्यक प्रक्रिया और कॉलेज जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
सरकारी कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया तो भी अगला मौका
काउंसलिंग प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव सरकारी नर्सिंग कॉलेज में सीट मिलने को लेकर किया गया है।
यदि किसी विद्यार्थी का नाम शासकीय नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए आ जाता है, लेकिन वह वहां प्रवेश नहीं लेता, तो उसे काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। वह अगले चरण में किसी अन्य निजी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए विकल्प चुन सकेगा।
पहले सरकारी कॉलेज में नाम आने के बाद प्रवेश नहीं लेने पर विद्यार्थी को काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता था। इससे निजी कॉलेज में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के विकल्प सीमित हो जाते थे।
प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संगठन ने किया स्वागत
काउंसलिंग प्रक्रिया में किए गए इन बदलावों का प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संगठन ने स्वागत किया है। संगठन ने विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार जताया है।
नए नियमों से विद्यार्थियों को काउंसलिंग के अलग-अलग चरणों में प्रवेश के अधिक अवसर मिलने और प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल होने की उम्मीद है।

