सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के गांवों में कथित तौर पर नकली और जहरीली शराब पीने से करीब 28 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। आरोपियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई गुरुवार को भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन की टीम बंडा के वार्ड क्रमांक 11 और 12 पहुंची। यहां शराब कांड से जुड़े आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू तथा आरोपी मनीष के अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस, प्रशासन और बंडा नगर पालिका की संयुक्त टीम चंद्रभान सिंह राजपूत के बंडा स्थित घर पहुंची। मौके पर तीन जेसीबी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। 5 सितंबर से अस्पताल पहुंचने लगे थे मरीज जानकारी के मुताबिक, 5 सितंबर की शाम से बंडा सिविल अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे थे। इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। मरीजों में शरीर में अकड़न, उल्टी और शरीर नीला पड़ने जैसी शिकायतें सामने आईं। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी कम होने की बात भी सामने आई। मामले पर संदेह होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंडा पहुंचे। गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर किया जाने लगा। इसी दौरान कुछ मरीजों की मौत हो गई। भर्ती मरीजों से उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण पूछा गया तो कई मरीजों ने शराब पीने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच शुरू की। 6 सितंबर तक 15 से ज्यादा मौतें 6 सितंबर की सुबह तक 9 मरीजों की मौत हो चुकी थी। शाम तक मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगी और नए मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला भी कम हुआ। 7 सितंबर को मौतों का आंकड़ा 22 के पार 7 सितंबर तक मौतों का आंकड़ा 22 के पार पहुंच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया और अवैध एवं जहरीली शराब जब्त की। 8 सितंबर से स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। इस दिन दो मौतें होने की जानकारी सामने आई। पुलिस और प्रशासन की टीमें गांव-गांव में गश्त करती रहीं। ग्रामीणों को शराब से दूर रहने की अपील करते हुए मुनादी भी कराई गई। 9 सितंबर को प्रशासन के अनुसार कोई नया मरीज सामने नहीं आया और किसी नई मौत की सूचना भी नहीं मिली। मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला पुलिस ने शराब मामले में जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ अवैध शराब के स्रोत और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।