विमेंस एशिया कप फाइनल के बाद भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर ICC ने कार्रवाई की है। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में श्रीलंकाई बल्लेबाज इमेशा दुलानी को आउट करने के बाद क्रांति ने उन्हें पवेलियन की ओर जाने का इशारा किया था। ICC ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना है।
क्रांति गौड़ पर मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।
क्रांति ने स्वीकार की गलती
यह घटना श्रीलंका की पारी के पहले ओवर में हुई थी। क्रांति गौड़ ने इमेशा दुलानी को बोल्ड किया। विकेट लेने के बाद उन्होंने बल्लेबाज को पवेलियन की ओर जाने का इशारा किया।
ICC के मुताबिक, क्रांति को आचार संहिता के लेवल-1 के तहत दोषी पाया गया। इस स्तर के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी से लेकर खिलाड़ी की मैच फीस के 50% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जा सकते हैं।
यह 24 महीने की अवधि में क्रांति गौड़ का पहला अपराध है। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली और मैच रेफरी सुप्रिया दास द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
पाकिस्तान पर भी लगा जुर्माना
वहीं, श्रीलंका के खिलाफ विमेंस एशिया कप के सेमीफाइनल मुकाबले में स्लो ओवर रेट के लिए पाकिस्तान महिला टीम पर भी जुर्माना लगाया गया है।
मैच रेफरी जीएस लक्ष्मी ने पाकिस्तान टीम पर मैच फीस का 5% जुर्माना लगाया। समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी पाकिस्तान को निर्धारित समय में एक ओवर कम कराने का दोषी पाया गया।

हर अतिरिक्त ओवर पर 5% जुर्माना
ICC आचार संहिता के नियम 2.22 के तहत निर्धारित समय में जितने ओवर कम कराए जाते हैं, टीम के खिलाड़ियों की मैच फीस पर प्रत्येक ओवर के लिए 5% जुर्माना लगाया जाता है।
पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में तय समय के भीतर एक ओवर कम कराया था, जिसके चलते टीम पर यह कार्रवाई की गई।



