इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने Gen-Z छात्रों के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब देने के साथ-साथ देश में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
कार्यक्रम का अंदाज सामान्य राजनीतिक सभा से थोड़ा अलग नजर आया। राहुल गांधी ने छात्रों के सामने PPT के जरिए कुछ आंकड़े और वीडियो क्लिप्स दिखाईं और अलग-अलग मुद्दों को समझाने की कोशिश की।
PPT के जरिए शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने अपनी प्रस्तुति में देश में शिक्षकों के खाली पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 10 लाख शिक्षक पद खाली हैं।
उन्होंने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा की। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है।
करीब 1 घंटे चली छात्रों के साथ बातचीत
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ लगभग एक घंटे तक संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने उनसे शिक्षा, रोजगार और देश की मौजूदा स्थिति से जुड़े सवाल पूछे।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि सवाल पूछना और किसी भी जानकारी को समझने की कोशिश करना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी अपनी बात खुलकर सामने रखी।
वीडियो क्लिप्स के जरिए समझाया ‘अंधभक्त’ शब्द
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कुछ वीडियो क्लिप्स भी दिखाईं। इन क्लिप्स के जरिए उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए बताया कि बिना सवाल किए किसी बात को स्वीकार करने की प्रवृत्ति को वे किस तरह देखते हैं।
इस हिस्से को लेकर कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चा भी देखने को मिली। हालांकि, अलग-अलग राजनीतिक दल और समर्थक इस तरह की बातों को अपने-अपने नजरिए से देखते हैं।
Gen-Z के साथ अलग अंदाज में संवाद
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का फोकस सीधे छात्रों से बातचीत पर रहा। भाषण देने के बजाय उन्होंने सवाल-जवाब और PPT के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की।
कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। Gen-Z छात्रों के साथ इस तरह का संवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।


